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विवादों में सत्यापन रिपोर्ट
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 03 Aug 2016 12:24 AM IST
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- फोटो : demo
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झांसी। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय में छात्रों के वेरिफिकेशन में बड़ा खेल चल रहा है। फर्जी प्रमाणपत्रों के सत्यापन में ‘फर्स्ट डिवीजन फर्जी है’ लिखकर गुमराह करने की कोशिश की जा रही है। बार-बार रिपोर्ट मांगने पर अलग-अलग सूचना दी जा रही है। संयुक्त शिक्षा निदेशक के एक पत्र से यह खुलासा हुआ है।
संयुक्त शिक्षा निदेशक ने बीयू को पत्र लिखकर कहा है कि बीयू में लता द्विवेदी और सूर्यनाथ त्रिपाठी के शैक्षिक अंक पत्र और प्रमाण पत्र सत्यापन के लिए भेजे गए थे। दोनों विद्यार्थियों की पांच मार्च को भेजी गई सत्यापन रिपोर्ट में मार्कशीट फर्जी है लिखा था। 22 मार्च को पुन: भेजी गई सत्यापन रिपोर्ट में दोनों विद्यार्थियों के लिए ‘फर्स्ट डिवीजन फर्जी है’ लिख दिया। इससे भ्रम की स्थिति पैदा हो गई कि दोनों विद्यार्थी फर्स्ट डिवीजन पास हैं या फिर मार्कशीट फर्जी हैं। इस पर फिर से दोनों की सत्यापन रिपोर्ट मांगी गई तो 16 मई को दोनों के प्रमाणपत्र सही होने की बात लिखकर रिपोर्ट भेज दी।
संयुक्त शिक्षा निदेशक ने सहायक कुलसचिव गोपनीय को पत्र लिखकर कहा कि दोनों अभ्यर्थियों की नियुक्ति निरस्त करते हुए प्राथमिकी दर्ज कराने की कार्रवाई चल रही है। इस मामले में जल्द ही स्थिति स्पष्ट करें कि यह रिपोर्ट बीयू से भेजी गई या नहीं। सहायक कुलसचिव ने अपनी रिपोर्ट में दोनों प्रमाणपत्र फर्जी होने का जिक्र करते हुए कहा कि सत्यापन रिपोर्ट उनके कार्यालय से नहीं भेजी गईं।
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अब यह सवाल खड़ा हो रहा है कि आखिर यह कौन सा रैकेट है, जो सत्यापन की रिपोर्ट भेज रहा है। क्या वाकई में यह रिपोर्ट बीयू से जारी हुई है या नहीं। कुलसचिव वीएन सिंह ने बताया कि अभी मामला संज्ञान में नहीं है। बुधवार को जानकारी कर कार्रवाई की जाएगी।
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संयुक्त शिक्षा निदेशक ने बीयू को पत्र लिखकर कहा है कि बीयू में लता द्विवेदी और सूर्यनाथ त्रिपाठी के शैक्षिक अंक पत्र और प्रमाण पत्र सत्यापन के लिए भेजे गए थे। दोनों विद्यार्थियों की पांच मार्च को भेजी गई सत्यापन रिपोर्ट में मार्कशीट फर्जी है लिखा था। 22 मार्च को पुन: भेजी गई सत्यापन रिपोर्ट में दोनों विद्यार्थियों के लिए ‘फर्स्ट डिवीजन फर्जी है’ लिख दिया। इससे भ्रम की स्थिति पैदा हो गई कि दोनों विद्यार्थी फर्स्ट डिवीजन पास हैं या फिर मार्कशीट फर्जी हैं। इस पर फिर से दोनों की सत्यापन रिपोर्ट मांगी गई तो 16 मई को दोनों के प्रमाणपत्र सही होने की बात लिखकर रिपोर्ट भेज दी।
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संयुक्त शिक्षा निदेशक ने सहायक कुलसचिव गोपनीय को पत्र लिखकर कहा कि दोनों अभ्यर्थियों की नियुक्ति निरस्त करते हुए प्राथमिकी दर्ज कराने की कार्रवाई चल रही है। इस मामले में जल्द ही स्थिति स्पष्ट करें कि यह रिपोर्ट बीयू से भेजी गई या नहीं। सहायक कुलसचिव ने अपनी रिपोर्ट में दोनों प्रमाणपत्र फर्जी होने का जिक्र करते हुए कहा कि सत्यापन रिपोर्ट उनके कार्यालय से नहीं भेजी गईं।
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अब यह सवाल खड़ा हो रहा है कि आखिर यह कौन सा रैकेट है, जो सत्यापन की रिपोर्ट भेज रहा है। क्या वाकई में यह रिपोर्ट बीयू से जारी हुई है या नहीं। कुलसचिव वीएन सिंह ने बताया कि अभी मामला संज्ञान में नहीं है। बुधवार को जानकारी कर कार्रवाई की जाएगी।