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केंद्रीय टीम को बताई किसानों की पीड़ा
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सर्किट हाउस में अधिकारियों की बैठक लेते निदेशक कृषि मत्रालय डॉ. मानसिंह (मध्य में) उनके बाएं हैं ल
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केंद्रीय टीम को बताई किसानों की पीड़ा
झांसी। बारिश की वजह से खराब हुई फसल का आकलन करने शनिवार को केंद्रीय आपदा प्रबंधन टीम झांसी पहुंची। केंद्रीय टीम ने आज सर्किट हाउस में बैठक करके हालात का आकलन किया। कृषि अधिकारियों ने अतिवृष्टि से हुए किसानों के नुकसान के बारे में टीम को जानकारी दी। अब रविवार को टीम विभिन्न इलाकों में पहुंचकर फसलों के हुए नुकसान का जायजा लेगी।
कृषि मंत्रालय के निदेशक डा. मान सिंह की अगुवाई में अपर गंगा बेसिन प्राधिकरण के निदेशक वीसी विश्वकर्मा एवं केंद्रीय ऊर्जा प्राधिकरण के उपसचिव लवकुश सिंह की तीन सदस्यीय आपदा राहत टीम यहां पहुंची। बैठक में उन्होंने स्थानीय कृषि अधिकारियों से 23 सितंबर से तीन अक्तूबर के बीच अतिवृष्टि से हुए नुकसान की जानकारी ली। कृषि अधिकारियों ने बताया इस दौरान अत्यधिक बारिश से पूरे जनपद में ही फसल को काफी नुकसान पहुंचा है। पूरे जनपद में करीब चार हजार हेक्टेयर में लगी फसल खराब हो गई। इसमें उर्द, मूंग, तिल एवं मूंगफली की फसल को भारी नुकसान हुआ है। उर्द एवं मूंग जैसी फसल तो पूरी तरह नष्ट हो गई। अदरक को भी काफी नुकसान हुआ है। इसके चलते मंडी में भी आवक नहीं हो रही है।
आपदा प्रबंधन टीम के सदस्यों ने पीडब्ल्यूडी एवं सिंचाई विभाग के अधिकारियों से भी नुकसान के बारे में पूछा। बारिश से पीडब्ल्यूडी की खराब हुई सड़कों की रिपोर्ट जल्द तैयार करके भेजने का निर्देश दिया। बैठक में एडीएम वित्त रामअक्षयवर, डीडी मंडी सीपी तिवारी, परियोजना निदेशक बलवीर सिंह, उपनिदेशक कृषि कमल कटियार, जिला कृषि अधिकारी केके सिंह समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
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लेटलतीफी पर अफसरों को लगाई फटकार
केंद्रीय टीम ने अत्यधिक बारिश की सूचना समय पर निदेशालय को न देने पर स्थानीय अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई। निदेशक डा. मान सिंह ने कहा अतिवृष्टि की सूचना तत्काल निदेशालय को दी जानी चाहिए थी, लेकिन समय पर नहीं दिया गया। इसमें लापरवाही बरती गई। निदेशक ने कृषि अधिकारियों को खास तौर से सावधानी बरतने को कहा। आगे लापरवाही पाए जाने पर उन्होंने कार्रवाई के लिए भी चेताया।
फसल के नुकसान का आकलन
मूंग- 100 फीसदी
उर्द- 90 फीसदी
तिल- 90 फीसदी
मूंगफली- 40 फीसदी
धान- 5 फीसदी
प्रभावित किसानों को मदद दिलाने की करेंगे कोशिश: डा. सिंह
झांसी। कृषि मंत्रालय में निदेशक डा. मान सिंह ने माना है कि अतिवृष्टि की वजह से यहां किसानों को काफी नुकसान पहुंचा है। उनका कहना है नुकसान का आकलन करने के बाद पूरी कोशिश होगी कि प्रभावित किसानों को राहत पहुंचाई जा सके।
अमर उजाला से बातचीत के दौरान डा. सिंह ने कहा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना एवं आपदा राहत के जरिए प्रभावित किसानों की मदद की कोशिश की जा रही। किसानों की आय बढ़ाने की कोशिशों को लेकर उन्होंने कहा किसान को नकदीकरण के अलावा राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन योजना जैसी योजनाओं से आगे बढ़ाया जा रहा। इसके तहत दलहल, तिलहन, मोटा अनाज आदि के किसानों को सब्सिडी, कृषि यंत्र खरीद में छूट समेत अन्य सुविधाएं दी जा रही हैं। किसान जनधन योजना के जरिए तीन हजार रुपये पेंशन भी दी जा रही। हालांकि आपदा राहत के तहत किसानों को मिलने वाली राशि के बहुत कम होने के सवाल को उन्होंने टाल दिया। कहा, सिंचित, असिंचित एवं फसल के प्रकार के आधार पर इसकी राशि तय होती है।
170 करोड़ के नुकसान का अनुमान
स्थानीय अधिकारियों ने अतिवृष्टि की वजह से 175.05 करोड़ रुपये के नुकसान का अनुमान किया है। केंद्रीय राहत आपदा टीम इस दावे का मौके पर पहुंचकर सत्यापन करेेगी। टीम के सदस्यों ने शनिवार को ललितपुर में जायजा लिया, जबकि रविवार को टीम झांसी एवं महोबा जाएगी।
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झांसी। बारिश की वजह से खराब हुई फसल का आकलन करने शनिवार को केंद्रीय आपदा प्रबंधन टीम झांसी पहुंची। केंद्रीय टीम ने आज सर्किट हाउस में बैठक करके हालात का आकलन किया। कृषि अधिकारियों ने अतिवृष्टि से हुए किसानों के नुकसान के बारे में टीम को जानकारी दी। अब रविवार को टीम विभिन्न इलाकों में पहुंचकर फसलों के हुए नुकसान का जायजा लेगी।
कृषि मंत्रालय के निदेशक डा. मान सिंह की अगुवाई में अपर गंगा बेसिन प्राधिकरण के निदेशक वीसी विश्वकर्मा एवं केंद्रीय ऊर्जा प्राधिकरण के उपसचिव लवकुश सिंह की तीन सदस्यीय आपदा राहत टीम यहां पहुंची। बैठक में उन्होंने स्थानीय कृषि अधिकारियों से 23 सितंबर से तीन अक्तूबर के बीच अतिवृष्टि से हुए नुकसान की जानकारी ली। कृषि अधिकारियों ने बताया इस दौरान अत्यधिक बारिश से पूरे जनपद में ही फसल को काफी नुकसान पहुंचा है। पूरे जनपद में करीब चार हजार हेक्टेयर में लगी फसल खराब हो गई। इसमें उर्द, मूंग, तिल एवं मूंगफली की फसल को भारी नुकसान हुआ है। उर्द एवं मूंग जैसी फसल तो पूरी तरह नष्ट हो गई। अदरक को भी काफी नुकसान हुआ है। इसके चलते मंडी में भी आवक नहीं हो रही है।
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आपदा प्रबंधन टीम के सदस्यों ने पीडब्ल्यूडी एवं सिंचाई विभाग के अधिकारियों से भी नुकसान के बारे में पूछा। बारिश से पीडब्ल्यूडी की खराब हुई सड़कों की रिपोर्ट जल्द तैयार करके भेजने का निर्देश दिया। बैठक में एडीएम वित्त रामअक्षयवर, डीडी मंडी सीपी तिवारी, परियोजना निदेशक बलवीर सिंह, उपनिदेशक कृषि कमल कटियार, जिला कृषि अधिकारी केके सिंह समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
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लेटलतीफी पर अफसरों को लगाई फटकार
केंद्रीय टीम ने अत्यधिक बारिश की सूचना समय पर निदेशालय को न देने पर स्थानीय अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई। निदेशक डा. मान सिंह ने कहा अतिवृष्टि की सूचना तत्काल निदेशालय को दी जानी चाहिए थी, लेकिन समय पर नहीं दिया गया। इसमें लापरवाही बरती गई। निदेशक ने कृषि अधिकारियों को खास तौर से सावधानी बरतने को कहा। आगे लापरवाही पाए जाने पर उन्होंने कार्रवाई के लिए भी चेताया।
फसल के नुकसान का आकलन
मूंग- 100 फीसदी
उर्द- 90 फीसदी
तिल- 90 फीसदी
मूंगफली- 40 फीसदी
धान- 5 फीसदी
प्रभावित किसानों को मदद दिलाने की करेंगे कोशिश: डा. सिंह
झांसी। कृषि मंत्रालय में निदेशक डा. मान सिंह ने माना है कि अतिवृष्टि की वजह से यहां किसानों को काफी नुकसान पहुंचा है। उनका कहना है नुकसान का आकलन करने के बाद पूरी कोशिश होगी कि प्रभावित किसानों को राहत पहुंचाई जा सके।
अमर उजाला से बातचीत के दौरान डा. सिंह ने कहा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना एवं आपदा राहत के जरिए प्रभावित किसानों की मदद की कोशिश की जा रही। किसानों की आय बढ़ाने की कोशिशों को लेकर उन्होंने कहा किसान को नकदीकरण के अलावा राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन योजना जैसी योजनाओं से आगे बढ़ाया जा रहा। इसके तहत दलहल, तिलहन, मोटा अनाज आदि के किसानों को सब्सिडी, कृषि यंत्र खरीद में छूट समेत अन्य सुविधाएं दी जा रही हैं। किसान जनधन योजना के जरिए तीन हजार रुपये पेंशन भी दी जा रही। हालांकि आपदा राहत के तहत किसानों को मिलने वाली राशि के बहुत कम होने के सवाल को उन्होंने टाल दिया। कहा, सिंचित, असिंचित एवं फसल के प्रकार के आधार पर इसकी राशि तय होती है।
170 करोड़ के नुकसान का अनुमान
स्थानीय अधिकारियों ने अतिवृष्टि की वजह से 175.05 करोड़ रुपये के नुकसान का अनुमान किया है। केंद्रीय राहत आपदा टीम इस दावे का मौके पर पहुंचकर सत्यापन करेेगी। टीम के सदस्यों ने शनिवार को ललितपुर में जायजा लिया, जबकि रविवार को टीम झांसी एवं महोबा जाएगी।