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जमीन अधिग्रहण के जरिए दूर होगा डिफेंस कॉरिडोर का अड़ंगा
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झांसी। डिफेंस कॉरिडोर की स्थापना के लिए जिले में पहले चरण में 871 हेक्टेयर जमीन ली जानी थी। इसमें 847 हेक्टेयर जमीन की खरीद की जा चुकी है। महज 24 हेक्टेयर जमीन न मिल पाने की वजह से अड़ंगा फंसा हुआ था। लेकिन, प्रशासन अब इस जमीन का अधिग्रहण करने जा रहा है। इसी साल जमीन संबंधी काम पूरा करने लेने की तैयारी है।
बुंदेलखंड में रोजगार को बढ़ावा देने और आर्थिक पिछड़ापन दूर करने के लिए यहां डिफेंस कॉरिडोर की स्थापना की जा रही है, जिसमें सैन्य उपकरण, तोप के गोले, कारतूस, फाइटर विमान बनाने वाली इकाइयां लगेंगी। इसके लिए पहले चरण में गरौठा तहसील के गांव एरच, गेंदा कबूला, झबरा, नेकारा व कठर्री में 871 हेक्टेयर जमीन ली जानी थी। इसमें से 847 हेक्टेयर जमीन ली जा चुकी है। ये जमीन उत्तर प्रदेश डेवलपमेंट अथॉरिटी (यूपीडा) ने भू स्वामियों से बैनामों के जरिए खरीदी। लेकिन, 24 हेक्टेयर जमीन में पेच फंसा हुआ था। इसमें से कुछ जमीन के काश्तकार नदारद हैं, तो कुछ विवादों में फंसी हुई है। इससे इस जमीन की खरीद नहीं हो पा रही थी। ऐसे में अब इस जमीन के अधिग्रहण का फैसला लिया गया है। इसकी कार्यवाही शुरू कर दी गई है। इसी साल दिसंबर में काम पूरा करने की तैयारी है।
40 लाख तक दिया जा रहा है मुआवजा
झांसी। डिफेंस कॉरिडोर के लिए ली जाने वाली जमीन का निर्धारित सर्किल रेट से चार गुना तक मुआवजा दिया जा रहा है। एरच को छोड़ बाकी सभी गांवों में ली जाने वाली जमीन का 30.80 लाख प्रति हेक्टेयर की दर से मुआवजा तय किया गया है। जबकि, एरच में मुआवजा 40 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर तय है।
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दूसरे चरण में 200 हेक्टेयर लेनी है जमीन
झांसी। बुंदेलखंड डिफेंस कॉरिडोर की स्थापना के लिए दो चरणों में जमीन ली जानी है। दूसरे चरण में गरौठा तहसील के तीन गांव लभेरा, कठर्री और नेकारा में जमीन ली जानी है। इसमें से अधिकांश जमीन उत्तर प्रदेश विकास प्राधिकरण द्वारा ली जा चुकी है।
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बुंदेलखंड में रोजगार को बढ़ावा देने और आर्थिक पिछड़ापन दूर करने के लिए यहां डिफेंस कॉरिडोर की स्थापना की जा रही है, जिसमें सैन्य उपकरण, तोप के गोले, कारतूस, फाइटर विमान बनाने वाली इकाइयां लगेंगी। इसके लिए पहले चरण में गरौठा तहसील के गांव एरच, गेंदा कबूला, झबरा, नेकारा व कठर्री में 871 हेक्टेयर जमीन ली जानी थी। इसमें से 847 हेक्टेयर जमीन ली जा चुकी है। ये जमीन उत्तर प्रदेश डेवलपमेंट अथॉरिटी (यूपीडा) ने भू स्वामियों से बैनामों के जरिए खरीदी। लेकिन, 24 हेक्टेयर जमीन में पेच फंसा हुआ था। इसमें से कुछ जमीन के काश्तकार नदारद हैं, तो कुछ विवादों में फंसी हुई है। इससे इस जमीन की खरीद नहीं हो पा रही थी। ऐसे में अब इस जमीन के अधिग्रहण का फैसला लिया गया है। इसकी कार्यवाही शुरू कर दी गई है। इसी साल दिसंबर में काम पूरा करने की तैयारी है।
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40 लाख तक दिया जा रहा है मुआवजा
झांसी। डिफेंस कॉरिडोर के लिए ली जाने वाली जमीन का निर्धारित सर्किल रेट से चार गुना तक मुआवजा दिया जा रहा है। एरच को छोड़ बाकी सभी गांवों में ली जाने वाली जमीन का 30.80 लाख प्रति हेक्टेयर की दर से मुआवजा तय किया गया है। जबकि, एरच में मुआवजा 40 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर तय है।
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दूसरे चरण में 200 हेक्टेयर लेनी है जमीन
झांसी। बुंदेलखंड डिफेंस कॉरिडोर की स्थापना के लिए दो चरणों में जमीन ली जानी है। दूसरे चरण में गरौठा तहसील के तीन गांव लभेरा, कठर्री और नेकारा में जमीन ली जानी है। इसमें से अधिकांश जमीन उत्तर प्रदेश विकास प्राधिकरण द्वारा ली जा चुकी है।