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Jhansi News: मेडिकल कॉलेज में अत्याधुनिक मशीनों से जल्द होगी डायलिसिस
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- बॉडी कंपोजिस्ट मॉनीटर व डाइलाइजर री-यूज मशीन खरीदी जा रही
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। मेडिकल कॉलेज में गुर्दा (किडनी) के गंभीर रोगियों की डायलिसिस जल्द ही अत्याधुनिक मशीनों से होगी। न सिर्फ डायलिसिस के दौरान रोगी को कोई दिक्कत होगी बल्कि शरीर से निकला खराब खून भी शुद्ध करके दोबारा मरीज के चढ़ाया जाएगा।
मेडिकल कॉलेज के गुर्दा रोग विभाग में औसतन रोजाना 25-30 रोगियों की जांच के बाद डायलिसिस होती है। मेडिकल कॉलेज प्रशासन अत्याधुनिक मशीनों से डायलिसिस कराने के लिए बॉडी कंपोजिस्ट मॉनीटर और डाइलाइजर री-यूज मशीन खरीदने जा रहा है। कॉलेज के प्राचार्य डॉ. एनएस सेंगर ने बताया कि बॉडी कंपोजिस्ट मॉनीटर मशीन खरीदी जा रही हैं। जिससे गुर्दा रोगी के वसा, पोषक तत्व, विटामिन, आयरन आदि की जानकारी मिलेगी और इसी के आधार पर डायलिसिस की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। उन्होंने बताया कि डायलिसिस के दौरान रोगी के शरीर से निकला गंदा खून प्रयोग में नहीं लिया जाता है मगर जब डाइलाइजर री-यूज मशीन आ जाएगी तब गंदा खून भी साफ करके रोगी के चढ़ाया जाएगा। प्राचार्य ने बताया कि मुख्यालय से अनुमति मिलते ही इन अत्याधुनिक मशीनों को खरीदा जाएगा।
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अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। मेडिकल कॉलेज में गुर्दा (किडनी) के गंभीर रोगियों की डायलिसिस जल्द ही अत्याधुनिक मशीनों से होगी। न सिर्फ डायलिसिस के दौरान रोगी को कोई दिक्कत होगी बल्कि शरीर से निकला खराब खून भी शुद्ध करके दोबारा मरीज के चढ़ाया जाएगा।
मेडिकल कॉलेज के गुर्दा रोग विभाग में औसतन रोजाना 25-30 रोगियों की जांच के बाद डायलिसिस होती है। मेडिकल कॉलेज प्रशासन अत्याधुनिक मशीनों से डायलिसिस कराने के लिए बॉडी कंपोजिस्ट मॉनीटर और डाइलाइजर री-यूज मशीन खरीदने जा रहा है। कॉलेज के प्राचार्य डॉ. एनएस सेंगर ने बताया कि बॉडी कंपोजिस्ट मॉनीटर मशीन खरीदी जा रही हैं। जिससे गुर्दा रोगी के वसा, पोषक तत्व, विटामिन, आयरन आदि की जानकारी मिलेगी और इसी के आधार पर डायलिसिस की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। उन्होंने बताया कि डायलिसिस के दौरान रोगी के शरीर से निकला गंदा खून प्रयोग में नहीं लिया जाता है मगर जब डाइलाइजर री-यूज मशीन आ जाएगी तब गंदा खून भी साफ करके रोगी के चढ़ाया जाएगा। प्राचार्य ने बताया कि मुख्यालय से अनुमति मिलते ही इन अत्याधुनिक मशीनों को खरीदा जाएगा।
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