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मेडिकल कॉलेज में जांच ठप, मरीज परेशान

Sun, 18 Aug 2019 01:12 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Sun, 18 Aug 2019 01:12 AM IST
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diagnosis stopped in medical college
मेडिकल कॉलेज में जांच ठप, मरीज परेशान
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झांसी। महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में जांच की व्यवस्था पूरी तरह से ठप हो गई है। यहां न तो डिजिटल एक्सरे हो रहे हैं और न ही सीटी स्कैन व एमआरआई। कारण, तीनों मशीनें खराब हैं। मशीन नहीं सुधरने के कारण मरीजों को जांच कराने के लिए निजी केंद्रों पर जाकर जेब ढीली करनी पड़ रही है।
मेडिकल कॉलेज के लिए प्रदेश की योगी सरकार ने भले ही बजट का पिटारा खोल दिया हो लेकिन यहां की व्यवस्थाएं सुधरने का नाम नहीं ले रही हैं। कॉलेज में पिछले तीन सप्ताह से डिजिटल एक्सरे मशीन खराब पड़ी हुई है। इतने लंबे समय से मशीन का न सुधरना कॉलेज प्रशासन के रवैये पर सवालिया निशान खड़े कर रहा है। वहीं, पिछले पांच दिनों से एमआरआई मशीन की मोटर भी बोल गई है। मशीन स्लाइड होना बंद हो गई है। इस वजह से जांच व्यवस्था ठप है। तीन दिन पहले सीटी स्कैन का यूपीएस गड़बड़ा गया, इस वजह से यह जांच भी रेडियोलॉजी विभाग में होनी बंद हो गई है। तीनों प्रमुख जांचें मेडिकल कॉलेज में न हो पाने की वजह से मरीजों को काफी परेशानी हो रही है। मजबूरी में मरीजों को निजी केंद्रों का रुख करना पड़ रहा है। यहां मनमानी दामों पर जांच करानी पड़ रही है।
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बीपीएल कार्डधारक सर्वाधिक परेशान
मेडिकल कॉलेज में जांच मशीनें खराब होने के कारण सर्वाधिक परेशानी बीपीएल (गरीबी रेखा के नीचे) कार्डधारकों को हो रही है। सरकारी चिकित्सालय होने के कारण मेडिकल कॉलेज में इन मशीनों की नि:शुल्क जांच की जाती है। ऐसे में अब मरीजों के सामने या तो मशीन ठीक होने तक इंतजार करने का विकल्प है या उधार रुपये लेकर जांच कराने का।
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लगातार खराब हो रहीं मशीनें
मेडिकल कॉलेज के रेडियोलॉजी विभाग में लगातार मशीनें खराब हो रहीं हैं। कई बार विभागीय स्टाफ पर निजी केंद्रों को फायदा पहुंचाने के लिए जबरन मशीनें खराब करने का संदेह जताया जा चुका है। इसी वजह से यहां कार्यरत वॉलेंटियर को भी हटाया जा चुका है। इसके बावजूद जांच मशीनों के खराब होने का सिलसिला थम नहीं रहा है। रेडियोलॉजी विभाग में अक्सर कोई न कोई मशीन खराब बनी रहती है।

जांचों में भारी अंतर
नाम मेडिकल कॉलेज निजी केंद्र
डिजिटल एक्सरे 115 300
सीटी स्कैन 600 1600
एमआरआई 2000 4000
डिजिटल एक्सरे और एमआरआई मशीन को सुधारने के लिए लगातार कंपनी से बात की जा रही है। कंपनी के अधिकारी मशीनों की एएमसी का भुगतान करने की मांग कर रहे हैं। उनसे संपर्क में रहकर बजट आने पर भुगतान करने की बात कही जा रही है। कहा जा रहा है कि जल्द मशीन सुधार दें। वहीं, सीटी स्कैन के लिए भी कंपनी से बात कर ली गई है। - डॉ. हरीशचंद्र आर्या, सीएमएस, मेडिकल कॉलेज।
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