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बारिश में बढ़ा डेंगू, मलेरिया का खतरा, अस्पतालों में बनेंगे वार्ड
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झांसी। बारिश में डेंगू और मलेरिया का खतरा बढ़ गया है। ऐसे में मच्छरों के पनपने वाले संवेदनशील इलाकों पर स्वास्थ्य विभाग की नजर है। इसके अलावा हर सीएचसी, पीएचसी पर डेंगू, मलेरिया से ग्रसित मरीजों के लिए दो बेड आरक्षित करने को कहा गया है। मेडिकल कॉलेज, जिला अस्पताल में भी अलग वार्ड बनाया जा रहा है।
बारिश के मौसम में पानी का जमाव और गंदगी होने से मच्छर जनित रोग जैसे डेंगू, मलेरिया, चिकुनगुनिया आदि के संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में घरों के अंदर और बाहर छतों पर रखे पात्र आदि में पानी का भराव नहीं होने देना चाहिए। वहीं, दो दिनों से हो रही बारिश के चलते जगह-जगह जलभराव होना भी शुरू हो गया है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग ने तालपुरा, खुशीपुरा, नगरा, वीरांगना नगर और डड़ियापुरा जैसे संवेदनशील केंद्रों पर निगरानी शुरू कर दी गई है। यहां पर विशेष तौर पर लार्वी साइट का छिड़काव किया जा रहा है। इसके अलावा लोगों को डेंगू, मलेरिया से बचाव के लिए पर्चे भी बांटे जा रहे हैं। जुलाई में ही 2600 से अधिक लोगों की स्लाइड बनाकर जांच के लिए भेजी गई है, जिसमें मलेरिया का एक केस सामने आ चुका है। इसके अलावा सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में डेंगू, मलेरिया दो बेड आरक्षित करने के लिए कहा गया है। जबकि, मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पताल में अलग वार्ड बनेगा।
जुलाई में 2600 से ज्यादा स्लाइड बनाकर जांच के लिए भेजी गई हैं। इनमें से मलेरिया का एक ही केस सामने आया है। संवेदनशील केंद्रों पर विशेष तौर पर लार्वी साइट का छिड़काव कराया जा रहा है। - आरके गुप्ता, जिला मलेरिया अधिकारी।
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बारिश के मौसम में पानी का जमाव और गंदगी होने से मच्छर जनित रोग जैसे डेंगू, मलेरिया, चिकुनगुनिया आदि के संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में घरों के अंदर और बाहर छतों पर रखे पात्र आदि में पानी का भराव नहीं होने देना चाहिए। वहीं, दो दिनों से हो रही बारिश के चलते जगह-जगह जलभराव होना भी शुरू हो गया है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग ने तालपुरा, खुशीपुरा, नगरा, वीरांगना नगर और डड़ियापुरा जैसे संवेदनशील केंद्रों पर निगरानी शुरू कर दी गई है। यहां पर विशेष तौर पर लार्वी साइट का छिड़काव किया जा रहा है। इसके अलावा लोगों को डेंगू, मलेरिया से बचाव के लिए पर्चे भी बांटे जा रहे हैं। जुलाई में ही 2600 से अधिक लोगों की स्लाइड बनाकर जांच के लिए भेजी गई है, जिसमें मलेरिया का एक केस सामने आ चुका है। इसके अलावा सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में डेंगू, मलेरिया दो बेड आरक्षित करने के लिए कहा गया है। जबकि, मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पताल में अलग वार्ड बनेगा।
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जुलाई में 2600 से ज्यादा स्लाइड बनाकर जांच के लिए भेजी गई हैं। इनमें से मलेरिया का एक ही केस सामने आया है। संवेदनशील केंद्रों पर विशेष तौर पर लार्वी साइट का छिड़काव कराया जा रहा है। - आरके गुप्ता, जिला मलेरिया अधिकारी।
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