{"_id":"59cd4e984f1c1bce538b4d27","slug":"demage-medical-equivment","type":"story","status":"publish","title_hn":"खराब चिकित्सा उपकरण दुरुस्त होंगे, रखरखाव पर अनुबंध ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
खराब चिकित्सा उपकरण दुरुस्त होंगे, रखरखाव पर अनुबंध
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 29 Sep 2017 01:03 AM IST
विज्ञापन
medical jkhansi news
- फोटो : demo
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
झांसी। महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज को शासन ने 1.35 करोड़ रुपये उपकरणों के रखरखाव के लिए दिए हैं। इस बजट से मशीनों की एएमसी (वार्षिक संरक्षण अनुबंध), सीएमसी (व्यापक संरक्षण अनुबंध) के साथ ही खराब उपकरण सुधारे जाएंगे। वहीं, मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने शासन से अन्य मदों में भी बजट मांगा है।
झांसी मेडिकल कॉलेज ने उपकरण अनुरक्षण बजट के लिए शासन से डेढ़ करोड़ रुपये बजट की मांग की थी। बुधवार को शासन ने 1.35 करोड़ रुपये जारी कर दिए। मेडिकल कॉलेज में कई वेंटिलेटर, एमआरआई, सीटी स्कैन आदि मशीनों समेत गैस प्लांट की एएससी, सीएमसी नहीं हुई है। इसके अलावा तीन वेंटिलेटर समेत छोटे-बड़े विभिन्न विभागों के उपकरण खराब पड़े हुए हैं। इमरजेंसी में ट्रामा सेंटर में लगे हुए मॉनीटर भी खराब हैं। बजट मिलने के बाद मशीनों की एएमसी, सीएमसी के साथ ही खराब उपकरणों को सुधरवाया जाएगा।
दवा के लिए चाहिये 21 करोड़
सरकार ने हाल ही में मेडिकल कॉलेज को पौने तीन करोड़ रुपये का बजट दिया था। अधिकारियों के अनुसार एक करोड़ केमिकल, सवा करोड़ ऑक्सीजन गैस, 70 लाख रुपये पुराने भुगतान में खर्च कर दिए गए। वहीं, सवा करोड़ रुपये की दवाओं की खरीद हुई। कॉलेज में प्रतिदिन दो से ढाई हजार मरीज ओपीडी, इमरजेंसी में आते हैं। इसके अलावा वार्ड, इमरजेंसी में करीब 150 भर्ती होते हैं। ऐसे में सभी को दवाएं उपलब्ध नहीं कराई जा पा रही हैं। सोमवार को लखनऊ में हुई बैठक में मेडिकल कॉलेज की ओर से 21 करोड़ रुपये दवाओं का बजट देने की मांग की गई है। एक्सरे, एमआरआई की फिल्म समेत कॉटन, बैंडेड आदि सर्जिकल समान के लिए सामग्री संपूर्ति मद में एक करोड़ रुपये मांगे गए हैं।
विज्ञापन
असाध्य रोगियों के लिए भी मांगा बजट
मेडिकल कॉलेज में सवा सौ के आसपास असाध्य रोगी पंजीकृत हैं। कॉलेज प्रशासन ने शासन से डेढ़ करोड़ रुपये का बजट असाध्य रोगियों के लिए मांगा है। बीते मार्च में असाध्य रोगियों के लिए सरकार ने पचास लाख रुपये का बजट दिया था, जोकि खत्म होने वाला है।
भोजन के लिए 20 लाख की जरूरत
वार्ड, इमरजेंसी में भर्ती होने वाले मरीजों के लिए भी मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने शासन को बजट भेजने के लिए पत्र लिखा है। कॉलेज ने शासन से 20 लाख रुपये की मांग की है। बताया गया कि मेडिकल कॉलेज के वार्ड, आईसीयू और इमरजेंसी में हर रोज लगभग 300 मरीज भोजन करते हैं।
विज्ञापन
झांसी मेडिकल कॉलेज ने उपकरण अनुरक्षण बजट के लिए शासन से डेढ़ करोड़ रुपये बजट की मांग की थी। बुधवार को शासन ने 1.35 करोड़ रुपये जारी कर दिए। मेडिकल कॉलेज में कई वेंटिलेटर, एमआरआई, सीटी स्कैन आदि मशीनों समेत गैस प्लांट की एएससी, सीएमसी नहीं हुई है। इसके अलावा तीन वेंटिलेटर समेत छोटे-बड़े विभिन्न विभागों के उपकरण खराब पड़े हुए हैं। इमरजेंसी में ट्रामा सेंटर में लगे हुए मॉनीटर भी खराब हैं। बजट मिलने के बाद मशीनों की एएमसी, सीएमसी के साथ ही खराब उपकरणों को सुधरवाया जाएगा।
विज्ञापन
दवा के लिए चाहिये 21 करोड़
सरकार ने हाल ही में मेडिकल कॉलेज को पौने तीन करोड़ रुपये का बजट दिया था। अधिकारियों के अनुसार एक करोड़ केमिकल, सवा करोड़ ऑक्सीजन गैस, 70 लाख रुपये पुराने भुगतान में खर्च कर दिए गए। वहीं, सवा करोड़ रुपये की दवाओं की खरीद हुई। कॉलेज में प्रतिदिन दो से ढाई हजार मरीज ओपीडी, इमरजेंसी में आते हैं। इसके अलावा वार्ड, इमरजेंसी में करीब 150 भर्ती होते हैं। ऐसे में सभी को दवाएं उपलब्ध नहीं कराई जा पा रही हैं। सोमवार को लखनऊ में हुई बैठक में मेडिकल कॉलेज की ओर से 21 करोड़ रुपये दवाओं का बजट देने की मांग की गई है। एक्सरे, एमआरआई की फिल्म समेत कॉटन, बैंडेड आदि सर्जिकल समान के लिए सामग्री संपूर्ति मद में एक करोड़ रुपये मांगे गए हैं।
विज्ञापन
असाध्य रोगियों के लिए भी मांगा बजट
मेडिकल कॉलेज में सवा सौ के आसपास असाध्य रोगी पंजीकृत हैं। कॉलेज प्रशासन ने शासन से डेढ़ करोड़ रुपये का बजट असाध्य रोगियों के लिए मांगा है। बीते मार्च में असाध्य रोगियों के लिए सरकार ने पचास लाख रुपये का बजट दिया था, जोकि खत्म होने वाला है।
भोजन के लिए 20 लाख की जरूरत
वार्ड, इमरजेंसी में भर्ती होने वाले मरीजों के लिए भी मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने शासन को बजट भेजने के लिए पत्र लिखा है। कॉलेज ने शासन से 20 लाख रुपये की मांग की है। बताया गया कि मेडिकल कॉलेज के वार्ड, आईसीयू और इमरजेंसी में हर रोज लगभग 300 मरीज भोजन करते हैं।