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झांसी में 400 करोड़ से संवारा जाएगा डिफेंस कॉरिडोर, रफ्तार पकड़ेगा प्रोजेक्ट
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झांसी। बुंदेलखंड के जनरल विपिन रावत डिफेंस कॉरिडोर को सरकार ने करीब 400 करोड़ देने का एलान किया है। प्रोजेक्ट से जुड़े अफसरों का कहना है कि इस रकम से डिफेंस कॉरिडोर को संवारने का काम कराया जा सकेगा। अभी पर्याप्त बजट न होने से यह कार्य अटका हुआ था। अफसरों के मुताबिक अवस्थापना कार्य होने से नई कंपनियों के आने की प्रक्रिया जोर पकड़ेगी।
केंद्र सरकार ने वर्ष 2018 में देश में दो डिफेंस कॉरिडोर बनाने का एलान किया था। इनमें एक उत्तर प्रदेश जबकि दूसरा तमिलनाडु में बन रहा है। यूपी में बनने वाला यह रक्षा गलियारा झांसी, चित्रकूट, आगरा, अलीगढ़, कानपुर एवं लखनऊ में विकसित किया जा रहा है। इसका करीब 60 फीसदी हिस्सा झांसी में है। यहां गरौठा तहसील के एरच, गेंदा, कबूला, झबरा, नेकारा, कठर्री एवं लभेरा गांव में करीब 1034 हेक्टेयर जमीन यूपीडा ले चुका। अभी 183 एकड़ जमीन पर रक्षा मंत्रालय की इकाई भारत डायनामिक्स लिमिटेड ने अपनी इकाई लगाने का काम भी शुरू कर दिया है लेकिन, भूमि अधिग्रहण में ही अधिकांश धन राशि खर्च हो जाने की वजह से गलियारे के भीतर बुनियादी सहूलियतें तैयार नहीं हुईं। इकाई लगाने वाली कंपनी यहां टाउनशिप भी बनाएंगी लेकिन, रक्षा गलियारे के भीतर उनको आपस में जोड़ने के लिए न भीतरी सड़क है। न सीवर, पानी, बिजली समेत दूसरी अवस्थापन सुविधाएं। अब योगी सरकार ने अपने बजट में करीब चार सौ करोड़ का प्रावधान कर दिया। अफसरों को उम्मीद है इस रकम से अब काफी समय से ठप पड़े इन कार्यों को भी कराया जा सकेगा।
करीब तीन लाख लोगों को रोजगार की उम्मीद
इस कॉरिडोर की मदद से करीब तीन लाख नए रोजगार पैदा होने की उम्मीद जताई जा रही है। इस रक्षा गलियारे में अपनी इकाई लगाने के लिए देसी समेत विदेशी कंपनियों ने भी दिलचस्पी दिखाई है। इससे देश को रक्षा उत्पादों में आत्मनिर्भर भी बनाया जा सकेगा। मेक इन इंडिया के तहत इस गलियारे में बुलेट प्रूफ जैकेट, ड्रोन, लड़ाकू विमान, हेलीकॉप्टर तोप एवं उसके गोले, मिसाइल, बंदूकें निर्मित होंगी। यहां छोटी यूनिट भी लगेगी जहां पैराशूट, दस्ताने आदि बनाए जाएंगे।
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केंद्र सरकार ने वर्ष 2018 में देश में दो डिफेंस कॉरिडोर बनाने का एलान किया था। इनमें एक उत्तर प्रदेश जबकि दूसरा तमिलनाडु में बन रहा है। यूपी में बनने वाला यह रक्षा गलियारा झांसी, चित्रकूट, आगरा, अलीगढ़, कानपुर एवं लखनऊ में विकसित किया जा रहा है। इसका करीब 60 फीसदी हिस्सा झांसी में है। यहां गरौठा तहसील के एरच, गेंदा, कबूला, झबरा, नेकारा, कठर्री एवं लभेरा गांव में करीब 1034 हेक्टेयर जमीन यूपीडा ले चुका। अभी 183 एकड़ जमीन पर रक्षा मंत्रालय की इकाई भारत डायनामिक्स लिमिटेड ने अपनी इकाई लगाने का काम भी शुरू कर दिया है लेकिन, भूमि अधिग्रहण में ही अधिकांश धन राशि खर्च हो जाने की वजह से गलियारे के भीतर बुनियादी सहूलियतें तैयार नहीं हुईं। इकाई लगाने वाली कंपनी यहां टाउनशिप भी बनाएंगी लेकिन, रक्षा गलियारे के भीतर उनको आपस में जोड़ने के लिए न भीतरी सड़क है। न सीवर, पानी, बिजली समेत दूसरी अवस्थापन सुविधाएं। अब योगी सरकार ने अपने बजट में करीब चार सौ करोड़ का प्रावधान कर दिया। अफसरों को उम्मीद है इस रकम से अब काफी समय से ठप पड़े इन कार्यों को भी कराया जा सकेगा।
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करीब तीन लाख लोगों को रोजगार की उम्मीद
इस कॉरिडोर की मदद से करीब तीन लाख नए रोजगार पैदा होने की उम्मीद जताई जा रही है। इस रक्षा गलियारे में अपनी इकाई लगाने के लिए देसी समेत विदेशी कंपनियों ने भी दिलचस्पी दिखाई है। इससे देश को रक्षा उत्पादों में आत्मनिर्भर भी बनाया जा सकेगा। मेक इन इंडिया के तहत इस गलियारे में बुलेट प्रूफ जैकेट, ड्रोन, लड़ाकू विमान, हेलीकॉप्टर तोप एवं उसके गोले, मिसाइल, बंदूकें निर्मित होंगी। यहां छोटी यूनिट भी लगेगी जहां पैराशूट, दस्ताने आदि बनाए जाएंगे।
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