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कोरोना संक्रमण से तो ठीक हो गए पर आठ महीने बाद भी नहीं जा रही सूखी खांसी

Sat, 12 Feb 2022 01:30 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Sat, 12 Feb 2022 01:30 AM IST
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Cured from corona infection but dry cough is not going even after eight months
झांसी। कोरोना की दूसरी लहर में संक्रमण से उबरने के बाद आठ-आठ महीने तक मरीजों की सूखी खांसी नहीं जा पाई है। डॉक्टरों का कहना है कि ऐसा लंग्स फाइब्रोसिस (फेफड़े खराब होना) के कारण हो रहा है। इन्हें एंटी फाइब्रोटिक दवाएं चल रही हैं। इसका इलाज दो साल तक भी चल सकता है।
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कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर में बड़ी संख्या में मरीज लंग्स फाइब्रोसिस का शिकार हुए हैं। फेफड़े खराब हो जाने की वजह से कई मरीजों की तो जान भी चली गई। जो बचे गए हैं, उनमें से कई लोग पूरी तरह से बीमारी से उबर नहीं पाए हैं। बड़ी परेशानी सूखी खांसी को लेकर बनी है, जो कई-कई महीनों के इलाज के बाद भी ठीक नहीं हो पा रही है। विशेषज्ञों के मुताबिक जिन मरीजों का सीटी स्कोर 25 में से 17 या इससे ज्यादा था, उन्हें ही इस तरह की दिक्कत हो रही है। लंग्स फाइब्रोसिस के अधिकतर मरीज 50 साल से अधिक उम्र के हैं। इन मरीजों को सांस की दवा चल रही है। बीमारी से पूरी तरह ठीक होने में एक से दो साल तक का समय लगा सकता है।
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400 केस आए, ठीक न होने पर कराना पड़ता प्रत्यारोपण
पिछले छह महीने में जिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेज को मिलाकर लंग्स फाइब्रोसिस के 400 मामले सामने आ चुके हैं। डॉक्टरों का कहना है कि यह बीमारी अगर दवाओं से ठीक नहीं होती है तो अंतिम विकल्प फेफड़े के प्रत्यारोपण की जरूरत पड़ती है। इसमें बहुत लंबा खर्च आता है।
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केस-1
शिवाजी नगर निवासी 62 वर्षीय व्यक्ति को दूसरी लहर में मई 2021 में कोरोना हुआ था। उन्हें कई दिनों तक ऑक्सीजन सपोर्ट पर रहना पड़ा था। सीटी स्कोर भी 25 में से 21 आया था। वह कोरोना से ठीक होकर तो आ गए लेकिन सांस फूलने और खांसी बनी रही। आठ महीने से सूखी खांसी का इलाज मेडिकल कॉलेज में चल रहा है।
केस-2
शहर के 55 साल के व्यक्ति को सांस फूलने की बीमारी कोरोना से ठीक होने के बाद भी बनी हुई थी। दवाओं के साथ-साथ जिला अस्पताल के डॉक्टर ने लगातार श्वांस संबंधी व्यायाम करने की सलाह दी। अब उसकी स्थिति में सुधार होना शुरू हो गया है। डॉक्टर का कहना है कि तीन-चार महीने में इसकी स्थिति ठीक हो जाएगी।
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लंग्स फाइब्रोसिस के कॉलेज में 300 मरीज आ चुके हैं। इसमें कई मरीजों को आठ महीने से खांसी बनी है। यह बीमारी पूरी तरह ठीक होने में दो साल तक का समय ले सकती है। - डॉ. रामबाबू सिंह, क्रिटिकल केयर इंचार्ज, मेडिकल कॉलेज।

सौ मरीज लंग्स फाइब्रोसिस के मैं देख चुका हूं। मरीजों को एंटी फाइब्रोटिक दवा चल रही है। जो रोगी दवा से ठीक नहीं हो पाते हैं, उनके लिए अंतिम विकल्प फेफड़े का प्रत्यारोपण बचता है। - डॉ. डीएस गुप्ता, वरिष्ठ फिजीशियन, जिला अस्पताल।
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