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Jhansi News: 7.5 करोड़ से बना सांस्कृतिक, पर्यटन सूचना केंद्र पौने दो साल से पड़ा है बंद
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- एक साल स्मार्ट सिटी और सवा साल जेडीए नहीं शुरू करा पाया संचालन, अब सीईओ ने लिखा पत्र
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। क्राफ्ट मेला मैदान में साढ़े सात करोड़ की लागत से बनकर तैयार बुंदेलखंड सांस्कृतिक एवं पर्यटन सूचना केंद्र में लगभग पौने दो साल से बंद पड़ा है। पहले एक साल तक स्मार्ट सिटी लिमिटेड और पिछले सवा साल से जेडीए संचालन शुरू नहीं करा पा रहा है। अब समझौते के तहत आय का 40 फीसदी स्मार्ट सिटी को देने के लिए स्मार्ट सिटी के सीईओ ने जेडीए उपाध्यक्ष को संचालन शुरू कराने के लिए पत्र लिखा है।
पर्यटन विभाग के सुझाव पर इन केंद्रों को निर्माण कराया गया था। बताया गया कि स्मार्ट सिटी लिमिटेड के तहत पर्यटकों के लिए इंटरैक्टिव कियोस्क और पर्यटक सूचना केंद्र का निर्माण 2.19 करोड़ रुपये से हुआ। इसी परिसर में बुंदेलखंड सांस्कृतिक केंद्र भी 5.38 करोड़ रुपये से बना। दोनों ही केंद्रों का लोकार्पण 29 अगस्त 2023 को हुआ मगर पर्यटन विभाग ने इनके संचालन से इन्कार कर दिया। ऐसे में स्मार्ट सिटी लिमिटेड के तहत इन केंद्रों के संचालन के लिए निविदा निकाली गई, जिस फर्म ने ये निविदा ली, उनके संचालक की कुछ समय बाद ही शिकायतें होने लगीं।
आरोप लगा कि संचालक ने अपने आपराधिक इतिहास को छुपाते हुए टेंडर प्रक्रिया में हिस्सा लिया है। जांच-पड़ताल के बाद आरएफपी यानी प्रस्ताव निवेदन की शर्तों का खुला उल्लंघन मिलने पर 24 मई, 2024 को स्मार्ट सिटी लिमिटेड ने निविदा निरस्त कर दी। उसके बाद केंद्र के संचालन और अनुरक्षण के लिए स्मार्ट सिटी लिमिटेड ने 24 जून, 2025 को जेडीए से समझौता करते हुए परियोजनाओं का हस्तांतरण कर दिया। समझौता के अनुसार जेडीए को इन भवनों का 30 साल तक संचालन और अनुरक्षण करना होगा। साथ ही प्राप्त होने वाले राजस्व का 40 फीसदी हिस्सा स्मार्ट सिटी लिमिटेड को मिलेगा।
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वहीं, समझौता हुए एक साल से ज्यादा व्यतीत हो जाने के बावजूद अब तक जेडीए ने भवनों का संचालन और अनुरक्षण शुरू नहीं कराया है। इसका जिक्र करते हुए स्मार्ट सिटी के सीईओ अन्ना सुदन ने जेडीए उपाध्यक्ष को पत्र लिखा है। पत्र में कहा कि भवनों का नियमित रूप से अनुरक्षण न हो पाने से परिसर की स्थिति खराब हो रही है। संचालन न होने से राजस्व की हानि भी हो रही है। जनमानस, जनप्रतिनिधियों को भवनों के संचालन न हो पाने का उचित कारण बताने में भी असमर्थ हैं। केंद्र के संचालन के लिए जल्द कार्रवाई करने की मांग की है। सीईओ ने बताया कि संचालन के लिए निविदा प्रक्रिया जेडीए के स्तर से होनी है।
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अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। क्राफ्ट मेला मैदान में साढ़े सात करोड़ की लागत से बनकर तैयार बुंदेलखंड सांस्कृतिक एवं पर्यटन सूचना केंद्र में लगभग पौने दो साल से बंद पड़ा है। पहले एक साल तक स्मार्ट सिटी लिमिटेड और पिछले सवा साल से जेडीए संचालन शुरू नहीं करा पा रहा है। अब समझौते के तहत आय का 40 फीसदी स्मार्ट सिटी को देने के लिए स्मार्ट सिटी के सीईओ ने जेडीए उपाध्यक्ष को संचालन शुरू कराने के लिए पत्र लिखा है।
पर्यटन विभाग के सुझाव पर इन केंद्रों को निर्माण कराया गया था। बताया गया कि स्मार्ट सिटी लिमिटेड के तहत पर्यटकों के लिए इंटरैक्टिव कियोस्क और पर्यटक सूचना केंद्र का निर्माण 2.19 करोड़ रुपये से हुआ। इसी परिसर में बुंदेलखंड सांस्कृतिक केंद्र भी 5.38 करोड़ रुपये से बना। दोनों ही केंद्रों का लोकार्पण 29 अगस्त 2023 को हुआ मगर पर्यटन विभाग ने इनके संचालन से इन्कार कर दिया। ऐसे में स्मार्ट सिटी लिमिटेड के तहत इन केंद्रों के संचालन के लिए निविदा निकाली गई, जिस फर्म ने ये निविदा ली, उनके संचालक की कुछ समय बाद ही शिकायतें होने लगीं।
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आरोप लगा कि संचालक ने अपने आपराधिक इतिहास को छुपाते हुए टेंडर प्रक्रिया में हिस्सा लिया है। जांच-पड़ताल के बाद आरएफपी यानी प्रस्ताव निवेदन की शर्तों का खुला उल्लंघन मिलने पर 24 मई, 2024 को स्मार्ट सिटी लिमिटेड ने निविदा निरस्त कर दी। उसके बाद केंद्र के संचालन और अनुरक्षण के लिए स्मार्ट सिटी लिमिटेड ने 24 जून, 2025 को जेडीए से समझौता करते हुए परियोजनाओं का हस्तांतरण कर दिया। समझौता के अनुसार जेडीए को इन भवनों का 30 साल तक संचालन और अनुरक्षण करना होगा। साथ ही प्राप्त होने वाले राजस्व का 40 फीसदी हिस्सा स्मार्ट सिटी लिमिटेड को मिलेगा।
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वहीं, समझौता हुए एक साल से ज्यादा व्यतीत हो जाने के बावजूद अब तक जेडीए ने भवनों का संचालन और अनुरक्षण शुरू नहीं कराया है। इसका जिक्र करते हुए स्मार्ट सिटी के सीईओ अन्ना सुदन ने जेडीए उपाध्यक्ष को पत्र लिखा है। पत्र में कहा कि भवनों का नियमित रूप से अनुरक्षण न हो पाने से परिसर की स्थिति खराब हो रही है। संचालन न होने से राजस्व की हानि भी हो रही है। जनमानस, जनप्रतिनिधियों को भवनों के संचालन न हो पाने का उचित कारण बताने में भी असमर्थ हैं। केंद्र के संचालन के लिए जल्द कार्रवाई करने की मांग की है। सीईओ ने बताया कि संचालन के लिए निविदा प्रक्रिया जेडीए के स्तर से होनी है।