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तीन महीने में दूसरे बुजुर्ग की हत्या, खुलासा एक का नहीं

Thu, 06 Jul 2017 12:49 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Updated Thu, 06 Jul 2017 12:49 AM IST
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The murder of the second elderly in three months, not one of the disclosures
murder - फोटो : demo
झांसी। तीन महीने के दरम्यान घर में अकेले बुजुर्ग की यह दूसरी हत्या है। जबकि, एक साल पहले भी एक बुजुर्ग की हत्या हुई थी। तीनों ही घटनाओं में महिलाएं बदमाशों का शिकार बनी हैं। सबसे बड़ी बात यह है कि पुलिस इनमें से किसी भी घटना का खुलासा नहीं कर कर पाई है। इसके अलावा अकेले रहने वाले बुजुर्गों की सुरक्षा के लिए पुलिस के निर्देश भी कागजों से नहीं निकल सके, जिसका नतीजा है कि एकाकी जीवन वृद्धों के लिए जानलेवा हो गया है।  
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16 - 17 अप्रैल की दरम्यानी रात बबीना कस्बे के पटवारी मुहल्ले में 72 वर्षीय महिला पुष्पा जैन की घर में घुस कर निर्ममता से हत्या कर दी गई थी। पुष्पा के पति राजेंद्र जैन की मृत्यु हो चुकी थी, जबकि बच्चे अपनी परिवार के साथ अलग रहते थे। वृद्धा के घर में अकेली होने का फायदा उठाकर बदमाश लूट के इरादे से घर में घुसे थे। उन्होंने घर में रखे मूसर के वार से महिला की हत्या की थी। जबकि, इससे एक साल पहले थाना प्रेमनगर इलाके के खातीबाबा क्षेत्र में घर में अकेले रहने वाले एक क्रिश्चियन महिला की भी हत्या हुई थी। इन दोनों ही वारदातों का अब तक खुलासा नहीं हो पाया है। बुधवार को दिन दहाड़े हुई घटना ने बुजुर्गों की सुरक्षा पर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं। हालांकि, इसके लिए पुलिस की ओर से कई निर्देश हैं, लेकिन यह सिर्फ कागजों में ही कैद हैं। धरातल पर इनका पालन नहीं हो रहा है। यही वजह है कि एकाकी बुजुर्गों की जान खतरे में बनी हुई है।
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वृद्धों की सुरक्षा के यह हैं नियम
- एकाकी या दंपति, बुजुर्गों का ब्योरा संबंधित थाने को रखना है जरूरी
- चौकी के दारोगा को भी इनकी जानकारी होनी चाहिए
- बीट के सिपाही प्रति सप्ताह घर पहुंचकर हालचाल पूछें
- थाना प्रभारी प्रत्येक पंद्रह दिन में बुजुर्गों की जानकारी लें
- आसपास रहने वाले लोगों का ब्योरा भी पुलिस के पास होना चाहिए

परिजन यह करें उपाय
- बुजुर्ग अकेले और बच्चे बाहर रहते हों तो घर में सीसी टीवी कैमरा जरूर लगवाएं
- सीसी टीवी को अपने मोबाइल से कनेक्ट कराकर घर के आसपास की गतिविधियों पर नजर रखें
- फोन पर नियमित रूप से हालचाल लेते रहें
- पड़ोसियों से भी बुजुर्गों के बारे में पूछते रहें, इससे वह भी ख्याल रखेंगे
- घर छोड़ते समय बुजुर्गों का ब्योरा क्षेत्र की चौकी और थाने में जरूर दर्ज कराएं
- घर में आने वाले नौकर, इलेक्ट्रिशियन, प्लंबर की जानकारी रखें
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