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पैसे के लालच ने बनाया गद्दार
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 09 Sep 2016 12:52 AM IST
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isi yejaint, jhansi news
- फोटो : amar ujala, jhansi news
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झांसी। पैसे के लालच ने मोहम्मद एजाज शाह खान को देश का गद्दार बना दिया। वह पाक खुफिया एजेंसी आईएसआई के लिए काम करने लगा तो हवाई जहाज से दुबई, पाकिस्तान तो कभी नेपाल जाने लगा। कल तक सुपरवाइजरी करने वाला एजाज पाक तक सूचनाएं पहुंचाने वालों को रुपये बांटने लगा। तमाम सतर्कता बरतने के बावजूद वह सुरक्षा एजेंसियों की निगाह से बच नहीं सका और हत्थे चढ़ गया।
दिल्ली के कमला मार्केट थानांतर्गत मीरमदारी निवासी 29 वर्षीय एजाज शाह खान हाईस्कूल फेल है। जब उसे कहीं पर भी काम नहीं मिला तो बिल्डिंग बनाने में लगने वाले मजदूरों का सुपरवाइजर बन गया। शुरू से वह रुपये के लिए किसी भी हद तक जाने और गद्दारी करने को तैयार रहता था। करीब पांच-छह साल पहले वह पाकिस्तान के करांची में रहने वाले मामा मोहम्मद अकलीम से मिला तो उन्हें अपनी इच्छा बताई। उन्होंने भी बिना समय गवाए बता दिया कि वह आईएसआई के लिए काम करे तो मालामाल हो जाएगा। उनकी बातों में फंसने के बाद वह आईएसआई के पाक अधिकारियों से मिला। उसे भारत से गुप्त सूचनाएं भेजने के तरीके के बारे में बताया। उससे कहा गया कि भारतीय सेना के लोगों से मिलकर जान पहचान बनाएं। पैसों का प्रलोभन देकर गोपनीय सूचनाएं लें।
पुलिस हिरासत में एजाज ने बताया कि उसने दिल्ली लौटने के बाद अपना नेटवर्क फैलाकर काम शुरू कर दिया। जब उसके पास रुपये आने लगे तो उसने सुपरवाइजरी का काम छोड़ दिया। उसने पासपोर्ट बनवाया और कई बार सऊदी अरब से पाकिस्तान और फिर नेपाल के रास्ते से भारत आता-जाता रहा।
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ये हुआ एजेंट से बरामद
एजाज के पास से पुलिस ने दुबई का 650 ग्राम सोना, पासपोर्ट, सौ दराहम (दुबई की करेंसी), नेपाल के 110 रुपये, 2400 रुपये भारतीय मुद्रा, दो रेलवे टिकट न्यू जलपाई गुडी से दिल्ली, दुबई का सिम कार्ड, भारत के तीन सिम कार्ड, दुबई का रेलवे बस का पास, दो मोबाइल फोन, ओवामा एयर का टेंपरेरी कार्ड।
सोना लेकर आता था एजाज
एसपी सिटी दिनेश कुमार सिंह ने बताया कि आईएसआई एजेंट एजाज का काम पाकिस्तान को सूचनाएं पहुंचाने वालों एजेंटों के पास रुपये पहुंचाने का था। वह पाकिस्तान व दुबई से नेपाल होकर भारत आता था और साथ में सोने लाता। सोना बेचने से मिलने वाले रुपये खातों में ट्रांसफर करता था।
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दिल्ली के कमला मार्केट थानांतर्गत मीरमदारी निवासी 29 वर्षीय एजाज शाह खान हाईस्कूल फेल है। जब उसे कहीं पर भी काम नहीं मिला तो बिल्डिंग बनाने में लगने वाले मजदूरों का सुपरवाइजर बन गया। शुरू से वह रुपये के लिए किसी भी हद तक जाने और गद्दारी करने को तैयार रहता था। करीब पांच-छह साल पहले वह पाकिस्तान के करांची में रहने वाले मामा मोहम्मद अकलीम से मिला तो उन्हें अपनी इच्छा बताई। उन्होंने भी बिना समय गवाए बता दिया कि वह आईएसआई के लिए काम करे तो मालामाल हो जाएगा। उनकी बातों में फंसने के बाद वह आईएसआई के पाक अधिकारियों से मिला। उसे भारत से गुप्त सूचनाएं भेजने के तरीके के बारे में बताया। उससे कहा गया कि भारतीय सेना के लोगों से मिलकर जान पहचान बनाएं। पैसों का प्रलोभन देकर गोपनीय सूचनाएं लें।
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पुलिस हिरासत में एजाज ने बताया कि उसने दिल्ली लौटने के बाद अपना नेटवर्क फैलाकर काम शुरू कर दिया। जब उसके पास रुपये आने लगे तो उसने सुपरवाइजरी का काम छोड़ दिया। उसने पासपोर्ट बनवाया और कई बार सऊदी अरब से पाकिस्तान और फिर नेपाल के रास्ते से भारत आता-जाता रहा।
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ये हुआ एजेंट से बरामद
एजाज के पास से पुलिस ने दुबई का 650 ग्राम सोना, पासपोर्ट, सौ दराहम (दुबई की करेंसी), नेपाल के 110 रुपये, 2400 रुपये भारतीय मुद्रा, दो रेलवे टिकट न्यू जलपाई गुडी से दिल्ली, दुबई का सिम कार्ड, भारत के तीन सिम कार्ड, दुबई का रेलवे बस का पास, दो मोबाइल फोन, ओवामा एयर का टेंपरेरी कार्ड।
सोना लेकर आता था एजाज
एसपी सिटी दिनेश कुमार सिंह ने बताया कि आईएसआई एजेंट एजाज का काम पाकिस्तान को सूचनाएं पहुंचाने वालों एजेंटों के पास रुपये पहुंचाने का था। वह पाकिस्तान व दुबई से नेपाल होकर भारत आता था और साथ में सोने लाता। सोना बेचने से मिलने वाले रुपये खातों में ट्रांसफर करता था।