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सगी बहनों को डेढ़ लाख में बेचा, तीन गिरफ्तार
झांसी / ब्यूरो
Updated Mon, 08 Jun 2015 12:22 AM IST
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कसबा मोंठ से अपहृत दो नाबालिग बहनों की खरीद-फरोख्त व शारीरिक शोषण का मामले का खुलासा हुआ है। रविवार को पुलिस ने अपहृत बहनों को फर्रुखाबाद से मुक्त कराया। इस दौरान महिला समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि दो लोगों को पहले ही जेल भेजा जा चुका है।
एसपी देहात दिनेश सिंह ने बताया कि मोंठ के एक व्यक्ति ने 16 अप्रैल को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसकी 17 और छह वर्षीय बेटियों को कमलेश निवासी काशी खेड़ा थाना कालपी, जालौन फुसलाकर ले गया है। उसने अहमदाबाद में महेंद्र यादव को बेच दिया है। इसपर पुलिस ने कमलेश यादव व महेंद्र यादव को पूछताछ कर जेल भेज दिया। एसपी ने बताया कि दोनों से पूछताछ में पता चला कि कमलेश ने 17 वर्षीय नाबालिग को नौकरी का झांसा देकर बुलाया था। साथ में छोटी बहन को भी लाने को कहा।
मानव तस्करी की बात प्रकाश में आने पर एसएसपी ने मोंठ, टहरौली व शाहजहांपुर के थानाध्यक्षों की टीम गठित की। सर्विलांस की मदद से फर्रुखाबाद के मोहम्मदाबाद थानांतर्गत बस स्टैंड से पुलिस ने अपहृत दोनों नाबालिग बहनों को मुक्त कराया। इस दौरान सुनील कुमार पुत्र सोनेलाल यादव निवासी नगला भारा थाना घिरोर मैनपुरी, रविंद्र पुत्र सियाराम कुशवाहा और उसकी पत्नी मनीषा निवासीगण ताड़ा मोंठ को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में तीनों ने बताया कि कमलेश ने दोनों बहनों को झांसे में लेकर अहमदाबाद बुलाया, जहां दोनों को डेढ़ लाख रुपये में महेंद्र यादव को बेच दिया। महेंद्र ने दोनों को कुछ दिन अहमदाबाद में रखा, वहां से आगरा पहुंचा। आगरा में चार दिन रखने के बाद महेंद्र दोनों को अपने चचेरे भाई सुनील के हवाले करके झांसी लौट आया, तभी पुलिस ने उसे दबोच लिया। इसकी भनक लगने पर सुनील, रविंद्र और मनीषा दोनों नाबालिगों को लेकर फर्रुखाबाद चले गए, जहां छुपाकर रखा व शारीरिक शोषण किया। एसपी देहात ने बताया कि पांचों आरोपियों के खिलाफ नाबालिग को अगवा कर खरीद-फरोख्त करने और पास्को एक्ट में मुकदमा दर्ज कराया गया है।
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एसपी देहात दिनेश सिंह ने बताया कि मोंठ के एक व्यक्ति ने 16 अप्रैल को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसकी 17 और छह वर्षीय बेटियों को कमलेश निवासी काशी खेड़ा थाना कालपी, जालौन फुसलाकर ले गया है। उसने अहमदाबाद में महेंद्र यादव को बेच दिया है। इसपर पुलिस ने कमलेश यादव व महेंद्र यादव को पूछताछ कर जेल भेज दिया। एसपी ने बताया कि दोनों से पूछताछ में पता चला कि कमलेश ने 17 वर्षीय नाबालिग को नौकरी का झांसा देकर बुलाया था। साथ में छोटी बहन को भी लाने को कहा।
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मानव तस्करी की बात प्रकाश में आने पर एसएसपी ने मोंठ, टहरौली व शाहजहांपुर के थानाध्यक्षों की टीम गठित की। सर्विलांस की मदद से फर्रुखाबाद के मोहम्मदाबाद थानांतर्गत बस स्टैंड से पुलिस ने अपहृत दोनों नाबालिग बहनों को मुक्त कराया। इस दौरान सुनील कुमार पुत्र सोनेलाल यादव निवासी नगला भारा थाना घिरोर मैनपुरी, रविंद्र पुत्र सियाराम कुशवाहा और उसकी पत्नी मनीषा निवासीगण ताड़ा मोंठ को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में तीनों ने बताया कि कमलेश ने दोनों बहनों को झांसे में लेकर अहमदाबाद बुलाया, जहां दोनों को डेढ़ लाख रुपये में महेंद्र यादव को बेच दिया। महेंद्र ने दोनों को कुछ दिन अहमदाबाद में रखा, वहां से आगरा पहुंचा। आगरा में चार दिन रखने के बाद महेंद्र दोनों को अपने चचेरे भाई सुनील के हवाले करके झांसी लौट आया, तभी पुलिस ने उसे दबोच लिया। इसकी भनक लगने पर सुनील, रविंद्र और मनीषा दोनों नाबालिगों को लेकर फर्रुखाबाद चले गए, जहां छुपाकर रखा व शारीरिक शोषण किया। एसपी देहात ने बताया कि पांचों आरोपियों के खिलाफ नाबालिग को अगवा कर खरीद-फरोख्त करने और पास्को एक्ट में मुकदमा दर्ज कराया गया है।
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