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राजनीतिक दबाव से बैक फुट पर कप्तान

Mon, 07 Nov 2016 12:40 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Updated Mon, 07 Nov 2016 12:40 AM IST
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Political pressure on the back foot from the captain
police, jhansi news - फोटो : demo
थानेदारों के ताबड़तोड़ तबादले करके सत्ताधारी दल के गलियारों में हलचल पैदा करने वाले वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अब्दुल हमीद को अंतत: बैक फुट पर आना ही पड़ा। सत्तादल के दबाव में उन्हें अपने ही तीन फैसले वापस लेने पड़े है। स्थिति यह रही कि एक इंस्पेक्टर 12 घंटे ही कोतवाली प्रभारी रह सके। इसकी पुलिस महकमे और सत्तादल में काफी चर्चा है। 
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29 अक्तूबर को एसएसपी ने करीब डेढ़ दर्जन थानेदारों को इधर से उधर किया, इसमें पुलिस लाइन में तैनात इंस्पेक्टर सत्यनारायण शुक्ला को नवाबाद का प्रभारी बनाया। चार नवंबर की शाम को कोतवाली प्रभारी आशीष मिश्रा को प्रभारी निरीक्षक मोंठ, पुलिस लाइन में तैनात निरीक्षक मनीष सक्सेना को कोतवाली प्रभारी, थानाध्यक्ष गुरसराय भानु प्रताप सिंह को पुलिस लाइन भेज दिया। इन तबादलों से सत्तादल के गलियारों में हलचल मच गई। स्थानांतरित थानेदारों ने राजनीतिक आकाओं की परिक्रमा शुरू कर दी। 
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सूत्रों के अनुसार शनिवार दोपहर में लखनऊ में बैठे कुछ नेताओं तक मामला पहुंचा। इसका असर यह हुआ कि शाम होते-होते एसएसपी बैक फुट पर आ गए। शाम होने तक एसएसपी को पूर्व में किए गए आदेश निरस्त करके वापस ले लिए। नया आदेश आया, जिसमें आशीष मिश्रा का मोंठ स्थानांतरण निरस्त हुआ। 12 घंटे के अंदर ही मनीष सक्सेना को कोतवाली से नवाबाद तैनात कर दिया गया। सात दिन पहले थाना प्रभारी नवाबाद बने सत्य नारायण शुक्ला को फिर पुलिस लाइन भेज दिया गया। भानु प्रताप सिंह का पुलिस लाइन का स्थानांतरण आदेश निरस्त करके मोंठ का थानाध्यक्ष बना दिया। 24 घंटे में कप्तान द्वारा अपने ही फैसले को बदलना पुलिस विभाग में काफी चर्चा का विषय बना हुआ है। रविवार कोई किसी वजह से आदेश निरस्त करने की बात कह रहा था तो कोई किसी वजह से। वहीं, कुछ थानेदारों के खासमखास विधानसभा चुनाव तक तैनाती रहने का दावा करते दिखे।
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तभी तो नहीं वापस किया सीयूजी नंबर
एक थानेदार को अपना स्थानांतरण निरस्त होने का पूरा भरोसा था। यही वजह रही कि उन्होंने चार्ज लेने वाले थानेदार को सरकारी मोबाइल भी नहीं दिया। उनके खासमखास का कहना है कि वापसी के लिए कितनी मशक्कत करनी पड़ी है, इसका शायद ही किसी को अहसास होगा।

कोट
किसी प्रकार का दबाव नहीं
एसएसपी अब्दुल हमीद का कहना है, राजनीतिक दबाव में कोई स्थानांतरण निरस्त नहीं हुआ है। डीआईजी ने सत्यनारायण शुक्ला को ललितपुर भेज दिया है। इस वजह से कुछ घंटे बाद ही मनीष सक्सेना को नवाबाद भेज दिया। आशीष मिश्रा का ही स्थानांतरण निरस्त हुआ है। भानु प्रताप सिंह को जरूर इंस्पेक्टर स्तर के थाना मोंठ में तैनात किया गया है।
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