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नारेबाजी कर कोतवाली घेरी, भगदड़, दुकानों के शटर गिरे
झांसी / ब्यूरो
Updated Wed, 22 Jul 2015 12:54 AM IST
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एक स्थानीय साध्य दैनिक समाचार पत्र में एक संप्रदाय विशेष के पवित्र
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तीर्थ का आपत्तिजनक फोटो छपने से मंगलवार को लोगों का गुस्सा फूट पड़ा।
सैकड़ों लोगों ने नारेबाजी करते हुए विरोध दर्ज कराया, जिससे कई बार गंदीगर
टपरा क्षेत्र में भगदड़ मची और दुकानों के शटर गिर गए। बाद में गुस्साए
लोगों ने दोषियों की गिरफ्तारी व एनएसए लगाने की मांग को लेकर कोतवाली का
घेराव किया। इस मामले में समाचार पत्र के मालिक, ग्रुप एडीटर समेत चार
लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने ग्रुप एडीटर समेत तीन
लोगों को गिरफ्तार कर लिया है।
शहर से प्रकाशित एक सांध्य समाचार पत्र में विगत दिवस एक धर्म विशेष के पवित्र तीर्थ स्थल की फोटो के मध्य में दूसरे धर्म के इष्ट की फोटो प्रकाशित हुई थी। इस फोटो के प्रकाशित होने से संप्रदाय विशेष में आक्रोश फैल गया। मंगलवार की दोपहर बिसाती बाजार स्थित एक धार्मिक स्थल पर समुदाय विशेष के लोगों की भीड़ इकट्ठा हो गई। कुछ ही देर में सैकड़ों की संख्या में लोगों ने नारेबाजी शुरू कर दी, जिससे गंदीगर का टपरा पर अफरातफरी व जाम की स्थिति पैदा हो गई। लोग वाहन लेकर इधर-उधर भागने लगे। यद्यपि मंगलवार होने के कारण ज्यादातर बाजार बंद था लेकिन जो कुछ दुकानें खुली थीं, भगदड़ मचने से दुकानों के शटर गिरने लगे। सूचना मिलते ही पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों में हड़कंप मच गया।
घटना की सूचना मिलते ही एसपी सिटी राजेश कुमार व सिटी मजिस्ट्रेट आरपी मिश्रा कई थानों का फोर्स व पीएसी लेकर मौके पर पहुंच गए। अधिकारियों को देख भीड़ ने नारेबाजी करते हुए समाचार पत्र संचालक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। इस पर अधिकारियों ने धार्मिक गुरुओं को उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। भीड़ से शांति बनाए रखने की अपील की। इसके बाद जब अधिकारी धार्मिक गुरुओं को साथ लेकर कोतवाली आए तो भीड़ ने थाने का घेराव कर लिया। चेतावनी दी कि जब तक आरोपियों की गिरफ्तारी और एनएसए में कार्रवाई नहीं होगी तब तक वह कोतवाली नहीं छोड़ेंगे। इसी दौरान भीड़ ने कोतवाली के सामने सड़क पर बैठकर नारेबाजी शुरू करदी। किसी तरह पुलिस ने भीड़ को समझा बुझा कर हालात पर काबू पाया।
देर शाम पुलिस ने इस मामले में समाचार पत्र के मालिक नत्थू कुशवाहा, चांदनी कुशवाहा, ग्रुप एडीटर चंद्रकांत यादव व स्थानीय संपादक ज्ञानेश्वर कुशवाहा के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस ने चांदनी कुशवाहा, चंद्रकांत यादव व ज्ञानेश्वर कुशवाहा को गिरफ्तार कर लिया है। नत्थू कुशवाहा की तलाश की जा रही है।
धार्मिक उन्माद फैलाने के मुकदमे दर्ज
केस नंबर एक :- काजी मौलाना हासिम, काजी मुफ्ती मो. साबिर अंसारी कासमी, मो. शाकिर मकरानी ने रिपोर्ट दर्ज कराई है कि धार्मिक भावनाओं को भड़काने के उद्देश्य से सांध्य कालीन समाचार पत्र के स्वामी नत्थू उर्फ नाथूराम कुशवाहा, संपादक श्रीमती चांदनी कुशवाहा, ग्रुप एडीटर चंद्रकांत यादव व स्थानीय संपादक ज्ञानेश्वर ने आपत्तिजनक फोटो छापी है। आरोप है कि धार्मिक जनमानस में दंगा भड़काने एवं धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के उद्देश्य से जान बूझकर छापी गई फोटो पर जब समाज के उलेमाओं ने नत्थू कुशवाहा से अखबार में खंडन छापने के बाबत बात की तो उन्होंने मना कर दिया। यही नहीं, धमकी देते हुए कहा कि हम ऐसी ही तस्वीर छापते रहेंगे। तुमसे जो बने कर लो और गालियां दीं। जान से मारने की धमकी दी, जिससे लोगों में आक्रोश है।
केस नंबर दो:- असलम शेर पुत्र हाजी चौ. महमूद निवासी बाहर सैयर गेट कोतवाली ने दर्ज कराई रिपोर्ट में कहा है कि धार्मिक उन्माद फैलाने व धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने को छापी आपत्तिजनक फोटो के मामले में मंगलवार को पंचवटी स्थित कार्यालय गए थे। वहां अखबार के स्वामी नत्थू उर्फ नाथूराम कुशवाहा, संपादक चांदनी कुशवाहा, ग्रुप संपादक चंद्रकांत यादव, स्थानीय संपादक ज्ञानेश्वर व दो-तीन अज्ञात लोग मिले। जब उन्होंने नत्थू कुशवाहा से फोटो के मसले पर बातचीत की तो उन्होंने एक राय होकर गालियां दीं। नत्थू कुशवाहा ने लाइसेंसी पिस्टल निकाल कर उनके ऊपर जान से मारने की नीयत से तान दी। इस पर वहां मौजूद लोगों ने भी असलाह तान दिए और जान से मारने की धमकी दी। किसी तरह वह जान बचाकर भागे।
शहर से प्रकाशित एक सांध्य समाचार पत्र में विगत दिवस एक धर्म विशेष के पवित्र तीर्थ स्थल की फोटो के मध्य में दूसरे धर्म के इष्ट की फोटो प्रकाशित हुई थी। इस फोटो के प्रकाशित होने से संप्रदाय विशेष में आक्रोश फैल गया। मंगलवार की दोपहर बिसाती बाजार स्थित एक धार्मिक स्थल पर समुदाय विशेष के लोगों की भीड़ इकट्ठा हो गई। कुछ ही देर में सैकड़ों की संख्या में लोगों ने नारेबाजी शुरू कर दी, जिससे गंदीगर का टपरा पर अफरातफरी व जाम की स्थिति पैदा हो गई। लोग वाहन लेकर इधर-उधर भागने लगे। यद्यपि मंगलवार होने के कारण ज्यादातर बाजार बंद था लेकिन जो कुछ दुकानें खुली थीं, भगदड़ मचने से दुकानों के शटर गिरने लगे। सूचना मिलते ही पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों में हड़कंप मच गया।
घटना की सूचना मिलते ही एसपी सिटी राजेश कुमार व सिटी मजिस्ट्रेट आरपी मिश्रा कई थानों का फोर्स व पीएसी लेकर मौके पर पहुंच गए। अधिकारियों को देख भीड़ ने नारेबाजी करते हुए समाचार पत्र संचालक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। इस पर अधिकारियों ने धार्मिक गुरुओं को उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। भीड़ से शांति बनाए रखने की अपील की। इसके बाद जब अधिकारी धार्मिक गुरुओं को साथ लेकर कोतवाली आए तो भीड़ ने थाने का घेराव कर लिया। चेतावनी दी कि जब तक आरोपियों की गिरफ्तारी और एनएसए में कार्रवाई नहीं होगी तब तक वह कोतवाली नहीं छोड़ेंगे। इसी दौरान भीड़ ने कोतवाली के सामने सड़क पर बैठकर नारेबाजी शुरू करदी। किसी तरह पुलिस ने भीड़ को समझा बुझा कर हालात पर काबू पाया।
देर शाम पुलिस ने इस मामले में समाचार पत्र के मालिक नत्थू कुशवाहा, चांदनी कुशवाहा, ग्रुप एडीटर चंद्रकांत यादव व स्थानीय संपादक ज्ञानेश्वर कुशवाहा के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस ने चांदनी कुशवाहा, चंद्रकांत यादव व ज्ञानेश्वर कुशवाहा को गिरफ्तार कर लिया है। नत्थू कुशवाहा की तलाश की जा रही है।
धार्मिक उन्माद फैलाने के मुकदमे दर्ज
केस नंबर एक :- काजी मौलाना हासिम, काजी मुफ्ती मो. साबिर अंसारी कासमी, मो. शाकिर मकरानी ने रिपोर्ट दर्ज कराई है कि धार्मिक भावनाओं को भड़काने के उद्देश्य से सांध्य कालीन समाचार पत्र के स्वामी नत्थू उर्फ नाथूराम कुशवाहा, संपादक श्रीमती चांदनी कुशवाहा, ग्रुप एडीटर चंद्रकांत यादव व स्थानीय संपादक ज्ञानेश्वर ने आपत्तिजनक फोटो छापी है। आरोप है कि धार्मिक जनमानस में दंगा भड़काने एवं धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के उद्देश्य से जान बूझकर छापी गई फोटो पर जब समाज के उलेमाओं ने नत्थू कुशवाहा से अखबार में खंडन छापने के बाबत बात की तो उन्होंने मना कर दिया। यही नहीं, धमकी देते हुए कहा कि हम ऐसी ही तस्वीर छापते रहेंगे। तुमसे जो बने कर लो और गालियां दीं। जान से मारने की धमकी दी, जिससे लोगों में आक्रोश है।
केस नंबर दो:- असलम शेर पुत्र हाजी चौ. महमूद निवासी बाहर सैयर गेट कोतवाली ने दर्ज कराई रिपोर्ट में कहा है कि धार्मिक उन्माद फैलाने व धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने को छापी आपत्तिजनक फोटो के मामले में मंगलवार को पंचवटी स्थित कार्यालय गए थे। वहां अखबार के स्वामी नत्थू उर्फ नाथूराम कुशवाहा, संपादक चांदनी कुशवाहा, ग्रुप संपादक चंद्रकांत यादव, स्थानीय संपादक ज्ञानेश्वर व दो-तीन अज्ञात लोग मिले। जब उन्होंने नत्थू कुशवाहा से फोटो के मसले पर बातचीत की तो उन्होंने एक राय होकर गालियां दीं। नत्थू कुशवाहा ने लाइसेंसी पिस्टल निकाल कर उनके ऊपर जान से मारने की नीयत से तान दी। इस पर वहां मौजूद लोगों ने भी असलाह तान दिए और जान से मारने की धमकी दी। किसी तरह वह जान बचाकर भागे।
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