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साहब! जरूरत पर अपना रुपया भी नहीं मिल रहा
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 01 May 2016 01:31 AM IST
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झांसी। साहब पूरी जिंदगी समाज और विभाग की सेवा की, फिर भी जरूरत के वक्त सरकार के पास जमा खुद का पैसा हमें नहीं मिल रहा। ऐसा पैसा किस काम का। जो हमें जीते-जी इलाज के लिए नहीं मिल रहा। यह पीड़ा जिंदगी से संघर्ष कर रही नगर निगम की दो महिला सफाई कर्मियों ने अपने प्रार्थना पत्रों में नगर आयुक्त के समक्ष व्यक्त की। इससे पूर्व पीड़ितों ने उपचार के लिए नगर निगम से राशि मांगी थी, लेकिन वहां से मना कर दिया गया।
नगर निगम में सफाई कर्मचारी के रूप में गत 27 वर्षों से कार्यरत खुशीपुरा निवासी पुष्पा पत्नी रमेश 9 अप्रैल 2016 को घर पर खाना बनाते समय आग लगने से झुलस गईं थी। इससे उनके शरीर का लगभग 60 प्रतिशत हिस्सा जल गया। स्थिति बेहद नाजुक है। उनका जिला अस्पताल की बर्न यूनिट में उपचार चल रहा है। पुष्पा ने नगर आयुक्त व लेखाधिकारी को दिए प्रार्थना पत्र में अपने फंड से 50 हजार रुपये एडवांस दिए जाने की मांग की है, ताकि वह अपना इलाज करा सकें। इसी प्रकार भांडेरी गेट निवासी लाड़कुंवर पत्नी बृजकिशोर भी गत 27 वर्षों से नियमित सफाई कर्मचारी के रूप में नगर निगम में कार्यरत हैं।
गत जनवरी 2016 के द्वितीय सप्ताह में ड्यूटी पर काम करते समय पक्षाघात (लकवा) की शिकार हो गईं। शरीर ने काम करना बंद कर दिया और परिजन उपचार के लिए रुपयों के लिए परेशान हो गए। लाड़कुंवर ने नगर निगम के अधिकारियों को प्रार्थना पत्र देते हुए 50 हजार रुपये अपनी भविष्य निधि में से एडवांस मांगे, मगर विभाग ने इंकार कर दिया। दोनों महिला सफाई कर्मी अपनी जिंदगी से संघर्ष कर रही हैं, मगर मानवीयता भूल चुका नगर निगम उनका पैसा ही उन्हें समय पर नहीं दे रहा।
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मदद को आगे आया स्वच्छकार एसोसिएशन
अखिल भारतीय स्वच्छकार एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष अशोक प्याल ने इस संबंध में नगर आयुक्त को दिए ज्ञापन में मांग करते हुए बताया कि दोनों महिला सफाई कर्मियों की आर्थिक स्थिति बहुत खराब है। इसलिए उनके द्वारा मांगा गया 50-50 हजार रुपया तत्काल भविष्य निधि से दिलाया जाए और नगर निगम मानवीय आधार पर आगे बढ़कर अलग से उनकी मदद करे। जिलाध्यक्ष ने बताया कि एसोसिएशन से हरसंभव पीड़िताओं को मदद दी जाएगी।
लेखा विभाग ने टरकाया, आयुक्त ने सुनी फरियाद
झांसी। नगर निगम के लेखा विभाग में कार्यरत अधिकारियों ने पीड़िताओं के आवेदन पत्रों को लंबित रखते हुए उन्हें तमाम सरकारी खानापूर्ति करने की हिदायत दे डाली। वहीं, नगर आयुक्त अरुण प्रकाश ने बताया कि दोनाें महिला सफाई कर्मियों को उनकीभविष्य निधि से मिलने वाली धनराशि की फाइल को अग्रसारित कर दिया और जल्द से जल्द रुपये दिलाए जाने के निर्देश दिए हैं।
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नगर निगम में सफाई कर्मचारी के रूप में गत 27 वर्षों से कार्यरत खुशीपुरा निवासी पुष्पा पत्नी रमेश 9 अप्रैल 2016 को घर पर खाना बनाते समय आग लगने से झुलस गईं थी। इससे उनके शरीर का लगभग 60 प्रतिशत हिस्सा जल गया। स्थिति बेहद नाजुक है। उनका जिला अस्पताल की बर्न यूनिट में उपचार चल रहा है। पुष्पा ने नगर आयुक्त व लेखाधिकारी को दिए प्रार्थना पत्र में अपने फंड से 50 हजार रुपये एडवांस दिए जाने की मांग की है, ताकि वह अपना इलाज करा सकें। इसी प्रकार भांडेरी गेट निवासी लाड़कुंवर पत्नी बृजकिशोर भी गत 27 वर्षों से नियमित सफाई कर्मचारी के रूप में नगर निगम में कार्यरत हैं।
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गत जनवरी 2016 के द्वितीय सप्ताह में ड्यूटी पर काम करते समय पक्षाघात (लकवा) की शिकार हो गईं। शरीर ने काम करना बंद कर दिया और परिजन उपचार के लिए रुपयों के लिए परेशान हो गए। लाड़कुंवर ने नगर निगम के अधिकारियों को प्रार्थना पत्र देते हुए 50 हजार रुपये अपनी भविष्य निधि में से एडवांस मांगे, मगर विभाग ने इंकार कर दिया। दोनों महिला सफाई कर्मी अपनी जिंदगी से संघर्ष कर रही हैं, मगर मानवीयता भूल चुका नगर निगम उनका पैसा ही उन्हें समय पर नहीं दे रहा।
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मदद को आगे आया स्वच्छकार एसोसिएशन
अखिल भारतीय स्वच्छकार एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष अशोक प्याल ने इस संबंध में नगर आयुक्त को दिए ज्ञापन में मांग करते हुए बताया कि दोनों महिला सफाई कर्मियों की आर्थिक स्थिति बहुत खराब है। इसलिए उनके द्वारा मांगा गया 50-50 हजार रुपया तत्काल भविष्य निधि से दिलाया जाए और नगर निगम मानवीय आधार पर आगे बढ़कर अलग से उनकी मदद करे। जिलाध्यक्ष ने बताया कि एसोसिएशन से हरसंभव पीड़िताओं को मदद दी जाएगी।
लेखा विभाग ने टरकाया, आयुक्त ने सुनी फरियाद
झांसी। नगर निगम के लेखा विभाग में कार्यरत अधिकारियों ने पीड़िताओं के आवेदन पत्रों को लंबित रखते हुए उन्हें तमाम सरकारी खानापूर्ति करने की हिदायत दे डाली। वहीं, नगर आयुक्त अरुण प्रकाश ने बताया कि दोनाें महिला सफाई कर्मियों को उनकीभविष्य निधि से मिलने वाली धनराशि की फाइल को अग्रसारित कर दिया और जल्द से जल्द रुपये दिलाए जाने के निर्देश दिए हैं।