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लैब टेक्नीशियन व ठेका कर्मचारी भिड़े

Wed, 08 Jun 2016 01:14 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Updated Wed, 08 Jun 2016 01:14 AM IST
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Lab technicians and contract workers clashed
fight, jhansi news - फोटो : demo
झांसी। महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में सोमवार को सेवा प्रदाता एजेंसी के एक कर्मी द्वारा लैब टेक्नीशियन की पिटाई के मामले ने मंगलवार को उग्र रूप ले लिया। सीएमएस कार्यालय के बाहर लैब टेक्नीशियन और सेवा प्रदाता एजेंसी के कर्मचारियों के गुटों के बीच जमकर मारपीट हुई। इससे मरीजों में अफरा-तफरी मच गई।
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मेडिकल कॉलेज में सेवा प्रदाता एजेंसी ने मैट्रन (नर्सों की प्रभारी ) के अंडर में एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी टाइपिंग के कार्य के लिए रखा है। वह एक स्टाफ नर्स का रिश्तेदार भी है। सोमवार को मैट्रन अपनी रिश्तेदारी की महिला की जांच के लिए पैथालॉजी लैब गई थीं, उनके साथ में चतुर्थ श्रेणी कर्मी भी था। जांच कक्ष में संदिग्ध लग रहे एलटी कर्मी (लैब टेक्नीशियन) से मैट्रन के साथ आए चतुर्थ श्रेणी कर्मी ने पूछताछ की तो वह भागने लगा। उसके पीछे वह कर्मचारी भी भागा और एलटी कर्मचारी पकड़ में आने पर उसने पिटाई कर दी। कर्मी एप्रेन नहीं पहने था।
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मंगलवार को सीएमएस ऑफिस में समझौते का प्रयास चल रहा था। अधिकारी पिटाई करने वाले कर्मी से एलटी कर्मी से माफी मंगवाकर विवाद खत्म करवाने की कोशिश कर रहे थे। इसके लिए दोनों पक्षों के कुछ लोगों को बुलाया गया था। तभी अचानक सीएमएस कार्यालय के बाहर 40 लैब टेक्नीशियन आ धमके और एक सफाई कर्मचारी की पिटाई शुरू कर दी। शोर शराबा सुनकर सीएमएस कार्यालय के अंदर मौजूद सेवा प्रदाता एजेंसी के कर्मचारी बाहर आ गए तो उनको भी एलटी कर्मचारी पीटने लगे।
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जमकर लात घूंसे चलने के बाद सफाई कर्मचारी झाड़ू लेकर वहां एकत्र हो गए। अपने पक्ष के कर्मचारियों को पिटते देख, उन्होंने झाड़ुओं से एलटी कर्मचारियों को पीटना शुरू कर दिया। इस बीच ठेका कर्मचारी भई एकत्र हो गए। एलटी कर्मियों ने दूसरे पक्ष का पलड़ा भारी देख दौड़ लगा दी। दोनों पक्ष के कुछ कर्मचारियों को चोटें आईं। उन्हें इलाज के लिए भर्ती कराया गया।

इसके बाद कॉलेज प्राचार्य डॉ. एनएस सेंगर ने दोनों पक्षों के कर्मचारियों को बुलाया। वहां सीएमएस डॉ. हरीशचंद्र आर्या, पैथलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. डी नाथ भी मौजूद रहे। दोनों पक्षों ने अपनी-अपनी बात अधिकारियों के सामने रखीं। अधिकारियों के समझाने के बाद दोनों पक्ष मान गए और लिखित में समझौता कर लिया।


बदलेंगे एप्रेन के रंग
मेडिकल कॉलेज में अभी ट्रेनिंग को आने वाले छात्र-छात्राओं, लैब टेक्नीशियन कर्मचारी, पैरामेडिकल स्टाफ के एप्रेन और स्टाफ कर्मचारियों के एप्रेन का रंग एक जैसा है। मंगलवार को विवाद के बाद अब स्टाफ कर्मियों के एप्रेन का रंग तो सफेद ही रहेगा, जबकि दूसरे कर्मियों के एप्रेन का रंग बदल जाएगा। ताकि, सभी की पहचान आसानी से क ी जा सके।
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