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फरार सिपाही पकड़ा, जेल भेजा
ब्यूरो
Updated Wed, 03 Feb 2016 12:34 AM IST
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झांसी। कोर्ट में सरेंडर होने जा रहे फरार सिपाही को नवाबाद थाना पुलिस ने मंगलवार को पकड़ लिया। उसके कब्जे से सरकारी बंदूक और 25 कारतूस बरामद हुए हैं। गायब पांच कारतूसों के बारे में पूछताछ की गई मगर उसने कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया। सिपाही को जेल भेज दिया गया है।
नवंबर 2015 में हुए पंचायत चुनाव के द्वितीय चरण का मतदान कराने के लिए झांसी पुलिस लाइन में तैनात कांस्टेबल रामसुख निवासी पिपरी सराय इनायत कौशाम्बी इलाहाबाद की ड्यूटी जिला जालौन लगाई गई थी। 26 नवंबर को सिपाही पुलिस लाइन से सरकारी बंदूक और 30 कारतूस लेकर ड्यूटी पर रवाना किया गया।
वह चुनाव ड्यूटी पर नहीं पहुंचा तो उसके बारे में पता किया गया मगर कोई जानकारी नहीं हुई। चुनाव संपन्न होने के बाद भी वह लौटकर पुलिस लाइन नहीं आया। उसे कई संभावित स्थानों पर तलाशा गया मगर कोई सुराग नहीं मिल सका।
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प्रतिसार निरीक्षक ने देरसबेर लौटकर आने की उम्मीद में रिपोर्ट भी नवाबाद थाने में नहीं लिखवाई। दो माह से ज्यादा समय गुजर जाने के बाद तीन जनवरी को लल्लन सिंह ने नवाबाद थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई, जिसमें बताया गया कि चुनावी ड्यूटी पर जाते समय कांस्टेबल रामसुख सरकारी बंदूक व 30 कारतूस लेकर गया है, जो अभी तक लौटकर नहीं आया है।
नवाबाद थाना पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज करके कांस्टेबल की तलाश में सुरागकशी शुरू कर दी। मंगलवार को पता चला कि फरार सिपाही किसी वकील से सलाह लेकर कोर्ट में सरेंडर होने के लिए आ सकता है। इस पर पुलिस टीमों ने सादा लिबास में चारों तरफ घेराबंदी कर ली। दोपहर 12.15 बजे जैसे ही फरार सिपाही वाहन से उतरकर कचहरी की तरफ बढ़ा वैसे ही पुलिस ने उसे पकड़ लिया।
उसके कब्जे से सरकारी बंदूक व कारतूस कब्जे में कर लिये गए। गिनती करने पर पांच कारतूस कम मिले। उसे थाने पर लाकर पूछताछ की गई मगर उसने न तो फरार होने की वजह का खुलासा किया और ना गायब हुए पांच कारतूसों के बारे में बताया। इसके बाद पुलिस ने लिखापढ़ी करके उसे कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
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नवंबर 2015 में हुए पंचायत चुनाव के द्वितीय चरण का मतदान कराने के लिए झांसी पुलिस लाइन में तैनात कांस्टेबल रामसुख निवासी पिपरी सराय इनायत कौशाम्बी इलाहाबाद की ड्यूटी जिला जालौन लगाई गई थी। 26 नवंबर को सिपाही पुलिस लाइन से सरकारी बंदूक और 30 कारतूस लेकर ड्यूटी पर रवाना किया गया।
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वह चुनाव ड्यूटी पर नहीं पहुंचा तो उसके बारे में पता किया गया मगर कोई जानकारी नहीं हुई। चुनाव संपन्न होने के बाद भी वह लौटकर पुलिस लाइन नहीं आया। उसे कई संभावित स्थानों पर तलाशा गया मगर कोई सुराग नहीं मिल सका।
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प्रतिसार निरीक्षक ने देरसबेर लौटकर आने की उम्मीद में रिपोर्ट भी नवाबाद थाने में नहीं लिखवाई। दो माह से ज्यादा समय गुजर जाने के बाद तीन जनवरी को लल्लन सिंह ने नवाबाद थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई, जिसमें बताया गया कि चुनावी ड्यूटी पर जाते समय कांस्टेबल रामसुख सरकारी बंदूक व 30 कारतूस लेकर गया है, जो अभी तक लौटकर नहीं आया है।
नवाबाद थाना पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज करके कांस्टेबल की तलाश में सुरागकशी शुरू कर दी। मंगलवार को पता चला कि फरार सिपाही किसी वकील से सलाह लेकर कोर्ट में सरेंडर होने के लिए आ सकता है। इस पर पुलिस टीमों ने सादा लिबास में चारों तरफ घेराबंदी कर ली। दोपहर 12.15 बजे जैसे ही फरार सिपाही वाहन से उतरकर कचहरी की तरफ बढ़ा वैसे ही पुलिस ने उसे पकड़ लिया।
उसके कब्जे से सरकारी बंदूक व कारतूस कब्जे में कर लिये गए। गिनती करने पर पांच कारतूस कम मिले। उसे थाने पर लाकर पूछताछ की गई मगर उसने न तो फरार होने की वजह का खुलासा किया और ना गायब हुए पांच कारतूसों के बारे में बताया। इसके बाद पुलिस ने लिखापढ़ी करके उसे कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।