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अपराधियों की कुंडली ऑनलाइन
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 05 May 2016 12:27 AM IST
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data online, jhansi news
- फोटो : demo
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झांसी। पुलिस थानों से जल्द ही रजिस्टरों के पुलिंदे गायब होने वाले हैं। रजिस्टराें में दर्ज होने वाले अपराध और अपराधियों की कुंडली ऑनलाइन अपडेट की जाएगी। न सिर्फ अपराधी बल्कि उनके रिश्तेदार, जमानतदार, वकील और डॉक्टरों का भी पूरा चिट्ठा इसमें शामिल होगा। झांसी मंडल की पुलिस इस कार्य में जुट गई है। गत दस वर्षों के अपराधियों का रिकार्ड जुटाया जा रहा है।
अपराधियों का पूरा ब्यौरा रजिस्टरों में दर्ज करने की व्यवस्था शुरू से चली आ रही है। इसी कारण थानों में रजिस्टरों और अभिलेखों का जमावड़ा हो रहा है। जरूरत पड़ने पर उन्हें खंगालने में पुलिस को खासी मशक्कत करनी पड़ती है। ऐसे में कुछ वर्षों पूर्व थानों को ऑनलाइन करने की योजना शुरू हुई। काफी हद तक कारगर हो चुकी इस योजना में अपराधियों का संपूर्ण ब्यौरा दर्ज करने की भी शुरूआत की गई थी, मगर वह परवान नहीं चढ़ सकी।
अब, जबकि हर चीज ऑनलाइन होने की होड़ चल रही है। पुलिस ने भी अपराधियों के रिकार्ड ऑन लाइन करने की तैयारी शुरू कर दी है। पुलिस का मानना है कि एक बार बदमाशों का सारा डाटा कंप्यूटर में फीड हो जाएगा तो घटना के बाद अपराधियों की तलाश में ज्यादा समय नहीं लगेगा। वारदात के बाद पुलिस रिकार्ड में उपलब्ध जानकारी के आधार पर अपराधी तक जल्द पहुंचा जा सकेगा।
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ऑनलाइन व्यवस्था में अपराधियों के साथ ही उनके हमदर्द और पैरोकार भी पुलिस की नजर में रहेंगे। अपराधी के रिश्तेदारों, दोस्तों, वकील, डॉक्टर, जमानतदार का संपूर्ण ब्यौरा इस डाटा के साथ फीड किया जाएगा। इसके साथ ही अपराधी की फोटो, नाम, जन्मतिथि, मोबाइल नंबर, हिस्ट्रीशीट नंबर, जीविका का साधन, शारीरिक बनावट, पहचान का चिह्न, अपराधी को आने वाली भाषा आदि की जानकारी भी इसमें शामिल की जाएगी।
‘ विभाग में अपराधियों की जानकारी ऑनलाइन होने पर पुलिस को काफी हद तक राहत मिलेगी। उन्हें पकड़ने और उनकी निगरानी करने में सहायक होगी यह प्रक्रिया। झांसी मंडल के तीनों जनपदों में गत दस वर्षों सेसक्रिय अपराधियों का रिकार्ड तैयार किया जा रहा है।’
शरद सचान
पुलिस उप महानिरीक्षक
झांसी परिक्षेत्र झांसी
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अपराधियों का पूरा ब्यौरा रजिस्टरों में दर्ज करने की व्यवस्था शुरू से चली आ रही है। इसी कारण थानों में रजिस्टरों और अभिलेखों का जमावड़ा हो रहा है। जरूरत पड़ने पर उन्हें खंगालने में पुलिस को खासी मशक्कत करनी पड़ती है। ऐसे में कुछ वर्षों पूर्व थानों को ऑनलाइन करने की योजना शुरू हुई। काफी हद तक कारगर हो चुकी इस योजना में अपराधियों का संपूर्ण ब्यौरा दर्ज करने की भी शुरूआत की गई थी, मगर वह परवान नहीं चढ़ सकी।
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अब, जबकि हर चीज ऑनलाइन होने की होड़ चल रही है। पुलिस ने भी अपराधियों के रिकार्ड ऑन लाइन करने की तैयारी शुरू कर दी है। पुलिस का मानना है कि एक बार बदमाशों का सारा डाटा कंप्यूटर में फीड हो जाएगा तो घटना के बाद अपराधियों की तलाश में ज्यादा समय नहीं लगेगा। वारदात के बाद पुलिस रिकार्ड में उपलब्ध जानकारी के आधार पर अपराधी तक जल्द पहुंचा जा सकेगा।
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ऑनलाइन व्यवस्था में अपराधियों के साथ ही उनके हमदर्द और पैरोकार भी पुलिस की नजर में रहेंगे। अपराधी के रिश्तेदारों, दोस्तों, वकील, डॉक्टर, जमानतदार का संपूर्ण ब्यौरा इस डाटा के साथ फीड किया जाएगा। इसके साथ ही अपराधी की फोटो, नाम, जन्मतिथि, मोबाइल नंबर, हिस्ट्रीशीट नंबर, जीविका का साधन, शारीरिक बनावट, पहचान का चिह्न, अपराधी को आने वाली भाषा आदि की जानकारी भी इसमें शामिल की जाएगी।
‘ विभाग में अपराधियों की जानकारी ऑनलाइन होने पर पुलिस को काफी हद तक राहत मिलेगी। उन्हें पकड़ने और उनकी निगरानी करने में सहायक होगी यह प्रक्रिया। झांसी मंडल के तीनों जनपदों में गत दस वर्षों सेसक्रिय अपराधियों का रिकार्ड तैयार किया जा रहा है।’
शरद सचान
पुलिस उप महानिरीक्षक
झांसी परिक्षेत्र झांसी