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सड़क किनारे खड़े वाहन बन रहे मौत का कारण

Fri, 23 Nov 2018 01:04 AM IST
jhansi
jhansi Updated Fri, 23 Nov 2018 01:04 AM IST
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ded men resion side stop truck
truck - फोटो : demo
यदि आप हाइवे पर गाड़ी चला रहे हों तो बेहद सावधान रहने की जरूरत है, क्योंकि जरा सी असावधानी बड़े खतरे का कारण बन सकती है। झांसी-कानपुर व ग्वालियर, ललितपुर व शिवपुरी हाइवे पर सड़क किनारे खड़े होने वाले वाहन हादसे की मुख्य वजह बन रहे है। इस तरह के हादसों की संख्या में तेजी से इजाफा हो रहा है।
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राष्ट्रीय राजमार्ग तीव्र गति से चलने योग्य बनाने का लाभ तो सभी को मिल रहा है, लेकिन जान का जोखिम भी बढ़ गया है। हाइवे पर चलने वाले माल भरे हुए ट्रक हो या अन्य कोई वाहन चालक की लापरवाही से दुर्घटना का कारण भी बन रहे हैं। झांसी कानपुर राजमार्ग पर चिरगांव, मोंठ, पूंछ, एट व उरई तक सड़कों के दोनाें ओर वाहन ही वाहन खड़े नजर आते हैं। यही हाल, झांसी से ग्वालियर, ललितपुर व शिवपुरी राजमार्ग का बना हुआ है। कार्रवाई न होने से चौबीस घंटे सड़क के दोनों ओर ट्रक व भारी वाहनों का मेला लगा रहता है। सड़क किनारे चालक अपने वाहन अक्सर रात में बेतरतीब खड़ा कर देते हैं, जो अक्सर दुर्घटनाओं का कारण बन रहे हैं। जिससे आए दिन हादसे हो रहे हैं, जिनमें लोगों की जान भी बड़ी संख्या में जा रही है। पीछे से आने वाले तेज रफ्तार वाहन खड़े वाहन में टकरा जा रहे हैं। ऐसी कई घटनाएं हो चुकीं, लेकिन लापरवाह वाहन चालकों पर आज तक लगाम नहीं लग सकी। कहने को तो संबंधित थानों के सिपाहियों को रात व दिन में प्रत्येक चौराहों पर गश्त पर रहने के निर्देश हैं, लेकिन वह कभी कभार ही दिखाई देते हैं। दुर्घटनाएं अक्सर ढाबों के आसपास होती हैं, जब ट्रक चालक लापरवाही से वाहन खड़ा कर देते हैं। खड़े वाहनों में न तो पार्किंग लाइट जलाई जाती है और न ही रेडियम संकेत होते हैं। हादसा होने का कारण भी यही है।
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ढाबों के पास नहीं होती चेकिंग
सबसे ज्यादा बड़े वाहन ढाबों पर खड़े नजर आते हैं। रात व दिन मेें यहां वाहन एक के पीछे एक खड़े रहते हैं। रात के समय तो आलम और भी भयंकर होता है, यहां से निकलने में भी डर बना रहता है। नियमित चेकिंग न होने और चालान न होने की वजह से यहां हादसे का डर बना रहता है। छुटपुट मामले तो यहां प्रतिदिन होते रहते हैं।
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कानपुर चुंगी के पास बना दी पार्किंग
कानपुर चुंगी से मेडिकल कॉलेज के बीच चौबीस घंटे ट्रक खड़े रहने से ऐसा प्रतीत होता है मानो पार्किंग की सुविधा मिल गई हो। कई बार यहां ट्रक चालकों पर कार्रवाई भी की गई, लेकिन आज तक समस्या दूर नहीं हो सकी। नतीजा यह है कि यहां प्रतिदिन हादसे होते हैं, लेकिन कार्रवाई किसी पर भी नहीं होती। खड़े होने के साथ ही इस स्थान से ट्रकों में माल भी भरा जाता है।

ट्रकों से निकलते लोहे के सरिए खतरनाक
कई बार ट्रकों या अन्य लोडिंग वाहनों में उनकी क्षमता से अधिक माल भरा होता है। मुख्यता लोहे के सरिए, गार्डर आदि जो लोडिंग की लंबाई में न आते हुए पीछे निकलते हुए रहते हैं। इस तरह के वाहन भी हादसों का कारण बनते हैं। पीछे से आ रहे वाहन कभी भी इन सरियों या लोहे के गार्डर से टकरा सकते हैं, इसलिए हाइवे पुलिस, यातायात पुलिस व परिवहन विभाग को कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए।

यह रखें सावधानी
- यदि आप हाइवे पर कार ड्राइव कर रहे हैं तो सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि आप कितनी दूर तक देख पा रहे हैं। अपनी गाड़ी के लाइट और आपके देखने की क्षमता को ध्यान में रखकर स्पीड को नियंत्रण करें। इस स्पीड से अधिक न जाएं।
- कार को डिवाइडर और सड़क किनारे मार्किंग के पास बिल्कुल भी न चलाते हुए सड़क के दोनों ओर की मार्किंग को डिवाइड करने वाली मार्किंग लाइन से सटाकर चलाएं। इससे पीछे से आने वाले वाहन से भी बचाव होता है। साथ ही आगे सड़क किनारे कोई खराब ट्रक या अन्य वाहन खड़ा है तो उससे भी भिड़ंत होने से बचते हैं।
- चार पहिया वाहन चलाते समय पार्किंग लाइट ऑन रखें। यह लगातार ब्लिंक करते हैं जिससे पीछे या सामने से आ रहे वाहनों को अपने वाहन की स्थिति का पता चल जाता है।

- दोपहिया वाहनों में भी इंडीकेटर व पार्किंग लाइट जलाकर चलें।

ऐसा नहीं है, सड़क किनारे वाहन खड़े करने वालों पर कार्रवाई की जाती है। जल्द ही यातायात पुलिस हाइवे पर चेकिंग कर ऐसे चालकों पर कार्रवाई करेगी, इसकी रणनीति भी तैयार कर ली गई है।
विजय कुमार पांडेय, यातायात प्रभारी
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