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सहपाठी को मंगेतर बताकर लिया था कमरा
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 03 Oct 2016 12:32 AM IST
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murder case, jhansi news
- फोटो : demo
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झांसी।
मेडिकल कॉलेज से एमडी कर रही डा. प्रीति मिश्रा की मौत के मामले में नया तथ्य सामने आया हैं। डा. प्रीति ने जिस लड़के की फोटो दिखाकर पारिवारिक हॉस्टल को एलाट कराया था, वह उसका मंगेतर नहीं था। वह सैफई मेडिकल कॉलेज में उसका सहपाठी था। वह फोटो भी सैफई में फेयरवेल के दौरान ली गई थी।
गोरखपुर के सहजनवां थानांतर्गत खानीपुरा निवासी देवेंद्र मिश्रा की बेटी डा. प्रीति मिश्रा की मौत के बाद परिजनों ने पुलिस को शिकायती पत्र देकर षड्यंत्र के तहत हत्या का आरोप लगाया है। पुलिस को जांच से पता चला है कि पीजी छात्रावास के रूम नंबर 69 के लिए डा. प्रीति ने प्राचार्य को प्रार्थना पत्र के साथ दी फोटो में जिस युवक को अपना मंगेतर बताया था, उसका नाम राहुल श्रीवास्तव है।
वह सैफई में डा. प्रीति के साथ पढ़ता था और फोटो सैफई के मेडिकल कॉलेज में हुए फेयरवेल में खींची गई थी। अब पुलिस ने डा. प्रीति के मोबाइल फोन की डिटेल निकालना शुरू कर दिया है।
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नवाबाद थानाध्यक्ष बीएल यादव ने बताया कि डा. प्रीति के कमरे की जांच में कुछ भी नहीं मिला है, जिससे हत्या की पुष्टि हो। कमरे में काफी दवाएं मिली हैं, जिनमें तमाम एस्ट्रॉयड (शक्ति वर्धक) हैं। इन दवाओं को सील कर लिया गया है।
तीन दिन से परेशान थी डा. प्रीति
पूछताछ से पुलिस को पता चला है कि डा. प्रीति कुछ समय से किसी तनाव में चल रही थी। वह तीन दिन से अपनी सबसे नजदीक महिला डाक्टर को फोन करके कुछ बात करने के लिए बुला रही थी। व्यस्तता की वजह से दोनों की मुलाकात नहीं हो पा रही थी। जब पुलिस ने पूछताछ की तो महिला डाक्टर ने बताया कि प्रीति ने फोन पर बताया था कि वह अपने परिवार की कुछ समस्या को लेकर बात करना चाहती थी।
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मेडिकल कॉलेज से एमडी कर रही डा. प्रीति मिश्रा की मौत के मामले में नया तथ्य सामने आया हैं। डा. प्रीति ने जिस लड़के की फोटो दिखाकर पारिवारिक हॉस्टल को एलाट कराया था, वह उसका मंगेतर नहीं था। वह सैफई मेडिकल कॉलेज में उसका सहपाठी था। वह फोटो भी सैफई में फेयरवेल के दौरान ली गई थी।
गोरखपुर के सहजनवां थानांतर्गत खानीपुरा निवासी देवेंद्र मिश्रा की बेटी डा. प्रीति मिश्रा की मौत के बाद परिजनों ने पुलिस को शिकायती पत्र देकर षड्यंत्र के तहत हत्या का आरोप लगाया है। पुलिस को जांच से पता चला है कि पीजी छात्रावास के रूम नंबर 69 के लिए डा. प्रीति ने प्राचार्य को प्रार्थना पत्र के साथ दी फोटो में जिस युवक को अपना मंगेतर बताया था, उसका नाम राहुल श्रीवास्तव है।
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वह सैफई में डा. प्रीति के साथ पढ़ता था और फोटो सैफई के मेडिकल कॉलेज में हुए फेयरवेल में खींची गई थी। अब पुलिस ने डा. प्रीति के मोबाइल फोन की डिटेल निकालना शुरू कर दिया है।
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नवाबाद थानाध्यक्ष बीएल यादव ने बताया कि डा. प्रीति के कमरे की जांच में कुछ भी नहीं मिला है, जिससे हत्या की पुष्टि हो। कमरे में काफी दवाएं मिली हैं, जिनमें तमाम एस्ट्रॉयड (शक्ति वर्धक) हैं। इन दवाओं को सील कर लिया गया है।
तीन दिन से परेशान थी डा. प्रीति
पूछताछ से पुलिस को पता चला है कि डा. प्रीति कुछ समय से किसी तनाव में चल रही थी। वह तीन दिन से अपनी सबसे नजदीक महिला डाक्टर को फोन करके कुछ बात करने के लिए बुला रही थी। व्यस्तता की वजह से दोनों की मुलाकात नहीं हो पा रही थी। जब पुलिस ने पूछताछ की तो महिला डाक्टर ने बताया कि प्रीति ने फोन पर बताया था कि वह अपने परिवार की कुछ समस्या को लेकर बात करना चाहती थी।