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हत्या की मंशा से मां को अगवा करने का प्रयास
ब्यूरो
Updated Mon, 22 Feb 2016 01:00 AM IST
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झांसी। हत्या की मंशा से मां को अगवा करने के प्रयास का मामला रविवार को प्रकाश में आया है। मामले की गंभीरता को देखकर सीपरी बाजार थाना पुलिस ने पड़ताल शुरू कर दी है।
सीपरी बाजार के लहर गिर्द खोडन निवासी श्याम करण ने बताया कि उनका पुत्र चौपहिया वाहन का ड्राइवर है। उसने अपनी मां शीला देवी को जान से मारने की नीयत से अपहरण कर लिया था। उन्होंने बताया कि विगत दिनों पुत्र रात करीब 10 बजे इनोवा गाड़ी से घर आया।
उसने कुंडी खटखटाई तो बहू ने दरवाजा खोला। नशे की हालत में उसने बहू को गालियां देते हुए मारपीट की। इसके बाद वह नजदीक सो रही मां के पास गया। उसने घर चलने के लिए मां को इनोवा में बैठा लिया। जब वह रास्ता बदलकर कानपुर हाइवे की तरफ जाने लगा तो मां ने टोक दिया। जिस पर उसने पंप से डीजल भरवाने की बात कही। रास्ते में एकांत स्थान मिलने पर उसने गाड़ी रोकी और जान से मारने की नियत से मां का गला दबाया।
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किसी तरह से वह बच गई तो उसने इनोवा कोछाभांवर व दिगारा के बीच तेजी से दौड़ा दी। रास्ते में पुलिस की दो कोबरा मोबाइल टीमें दिखने पर शीला देवी ने शोर मचा दिया। इस पर कोबरा मोबाइल टीमों ने पीछा करना शुरू कर दिया। इस पर वह भगवंतपुरा-शंकर गढ़ मंडी के बीच मां को छोड़कर चला गया, जहां से वह पैदल अपने भाई के घर पहुंची।
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सीपरी बाजार के लहर गिर्द खोडन निवासी श्याम करण ने बताया कि उनका पुत्र चौपहिया वाहन का ड्राइवर है। उसने अपनी मां शीला देवी को जान से मारने की नीयत से अपहरण कर लिया था। उन्होंने बताया कि विगत दिनों पुत्र रात करीब 10 बजे इनोवा गाड़ी से घर आया।
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उसने कुंडी खटखटाई तो बहू ने दरवाजा खोला। नशे की हालत में उसने बहू को गालियां देते हुए मारपीट की। इसके बाद वह नजदीक सो रही मां के पास गया। उसने घर चलने के लिए मां को इनोवा में बैठा लिया। जब वह रास्ता बदलकर कानपुर हाइवे की तरफ जाने लगा तो मां ने टोक दिया। जिस पर उसने पंप से डीजल भरवाने की बात कही। रास्ते में एकांत स्थान मिलने पर उसने गाड़ी रोकी और जान से मारने की नियत से मां का गला दबाया।
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किसी तरह से वह बच गई तो उसने इनोवा कोछाभांवर व दिगारा के बीच तेजी से दौड़ा दी। रास्ते में पुलिस की दो कोबरा मोबाइल टीमें दिखने पर शीला देवी ने शोर मचा दिया। इस पर कोबरा मोबाइल टीमों ने पीछा करना शुरू कर दिया। इस पर वह भगवंतपुरा-शंकर गढ़ मंडी के बीच मां को छोड़कर चला गया, जहां से वह पैदल अपने भाई के घर पहुंची।