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क्राइम: आजीवन कारावास-City
Updated Wed, 12 Jul 2017 08:07 PM IST
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जालौन के ध्यानार्थ
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हत्यारे पति को आजीवन कारावास
सब हेड... शादी के छह साल बाद गला घोंट कर ली थी जान
- पूंछ थाना इलाके के कनेछा गांव का है मामला
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी।
शादी के छह साल बाद पत्नी की गला घोंट कर हत्या करने वाले पति को अपर सत्र न्यायाधीश सुशील कुमार द्वितीय की अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। आरोपी पूछ थाना क्षेत्र के कनेछा गांव का रहने वाला है। मामले में आरोपी बनाए गए ससुर को दोषमुक्त कर दिया गया।
उरई के ग्राम उमरार खैरा निवासी बृजलाल ने 14 अगस्त 2012 को थाना पूंछ में तहरीर देकर बताया था कि उनकी पुत्री सीता की शादी एक मई 2006 को पूंछ थाना क्षेत्र के ग्राम कनेछा के सुरेश अहिरवार के पुत्र धर्मेंद्र अहिरवार के साथ हुई थी। दहेज की खातिर पिता और पुत्र शादी के बाद से ही उसकी पुत्री का उत्पीड़न कर रहे थे। दहेज की मांग पूरी न होने पर उन्होंने सीता की गला घोंट का हत्या कर दी। पुलिस ने पिता-पुत्र के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया।
अदालत ने पूरे मामले की सुनवाई के बाद पति धर्मेंद्र अहिरवार को धारा 302 में आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इसके अलावा एक लाख रुपये अर्थदंड भी लगाया। जबकि, दहेज प्रतिषेध अधिनियम की धारा 498 तथा 304बी से दोषमुक्त कर दिया। इसके अलावा पिता सुरेश अहिरवार को भी दोषमुक्त करार दिया। अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता महेंद्र सिंह ने की।
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हत्यारे पति को आजीवन कारावास
सब हेड... शादी के छह साल बाद गला घोंट कर ली थी जान
- पूंछ थाना इलाके के कनेछा गांव का है मामला
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी।
शादी के छह साल बाद पत्नी की गला घोंट कर हत्या करने वाले पति को अपर सत्र न्यायाधीश सुशील कुमार द्वितीय की अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। आरोपी पूछ थाना क्षेत्र के कनेछा गांव का रहने वाला है। मामले में आरोपी बनाए गए ससुर को दोषमुक्त कर दिया गया।
उरई के ग्राम उमरार खैरा निवासी बृजलाल ने 14 अगस्त 2012 को थाना पूंछ में तहरीर देकर बताया था कि उनकी पुत्री सीता की शादी एक मई 2006 को पूंछ थाना क्षेत्र के ग्राम कनेछा के सुरेश अहिरवार के पुत्र धर्मेंद्र अहिरवार के साथ हुई थी। दहेज की खातिर पिता और पुत्र शादी के बाद से ही उसकी पुत्री का उत्पीड़न कर रहे थे। दहेज की मांग पूरी न होने पर उन्होंने सीता की गला घोंट का हत्या कर दी। पुलिस ने पिता-पुत्र के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया।
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अदालत ने पूरे मामले की सुनवाई के बाद पति धर्मेंद्र अहिरवार को धारा 302 में आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इसके अलावा एक लाख रुपये अर्थदंड भी लगाया। जबकि, दहेज प्रतिषेध अधिनियम की धारा 498 तथा 304बी से दोषमुक्त कर दिया। इसके अलावा पिता सुरेश अहिरवार को भी दोषमुक्त करार दिया। अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता महेंद्र सिंह ने की।
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