{"_id":"598b36c24f1c1bf0548b4785","slug":"31502295746-jhansi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सफर में खटपट, साथ छोड़ा-City","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
सफर में खटपट, साथ छोड़ा-City
Updated Wed, 09 Aug 2017 09:52 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फोटो
पति तो बिना बताए झांसी में उतर गई ट्रेन से
सफर के दौरान पति-पत्नी में हुई थी खटपट
जीआरपी को दी लिखित सूचना, सुनाई कहानी
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी।
सर, मेरी शादी दो माह पहले हुई है, तब से ही पत्नी मेरे साथ अच्छा व्यवहार नहीं कर रही है। एक माह से मायके में थी। राप्ती सागर एक्सप्रेस से उसे घर ले जा रहा था, लेकिन सफर में फिर खटपट हो गई। जब वह काफी देर तक दिखाई नहीं दी तो सह यात्रियों ने बताया कि वह झांसी स्टेशन पर उतरकर चली गई। यह दास्तान मंगलवार की रात अमरावती के रामपुरी कैंप मिठ्ठू लाल की चक्की के पास निवासी कपड़ा कारोबारी विजय पंजानी ने जीआरपी को सुनाई।
उन्होंने बताया कि उनकी शादी लखनऊ के सेक्टर 14 शिवाजीपुरम निवासी दीक्षा कुकरेजा के साथ हुई है। विगत 13 जुलाई को वह मायके चली गई थी। विगत छह अगस्त को हवाई जहाज से नागपुर से दिल्ली और फिर दिल्ली से लखनऊ गए। मंगलवार की रात वे पत्नी को लेकर राप्ती सागर से नागपुर जा रहे थे। नागपुर से अमरावती जाना था, लेकिन रास्ते में ही पत्नी ने झगड़ा शुरू कर दिया। ट्रेन जब झांसी के नजदीक दौड़ रही थी, तभी वह बर्थ से उठकर चली गई। मैंने सोचा टॉयलेट गई होगी, लेकिन जब काफी देर तक लौटकर नहीं आई तो उसकी तलाश शुरू की। दूसरे कोच के यात्रियों से पता चला कि वह झांसी में उतर गई है। बाद में वह ललितपुर स्टेशन पर उतरकर वापस झांसी आया। जल्दबाजी में ट्रेन में एक ट्राली बैग भी छूट गया, जिसमें पत्नी के कपड़े रखे हुए थे। बुधवार की सुबह विजय ने लखनऊ में अपने साले अमन को फोन लगाया तो पता चला कि दीक्षा वहां भी नहीं पहुंची। पहले भाई ने झांसी आने की बात कहीं, लेकिन फिर उसने दोबारा फोन नहीं उठाया। जीआरपी थाने में दिनभर बिताने के बाद यात्री ने लिखित सूचना दी और अमरावती के लिए रवाना हो गया।
विज्ञापन
पति तो बिना बताए झांसी में उतर गई ट्रेन से
सफर के दौरान पति-पत्नी में हुई थी खटपट
जीआरपी को दी लिखित सूचना, सुनाई कहानी
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी।
सर, मेरी शादी दो माह पहले हुई है, तब से ही पत्नी मेरे साथ अच्छा व्यवहार नहीं कर रही है। एक माह से मायके में थी। राप्ती सागर एक्सप्रेस से उसे घर ले जा रहा था, लेकिन सफर में फिर खटपट हो गई। जब वह काफी देर तक दिखाई नहीं दी तो सह यात्रियों ने बताया कि वह झांसी स्टेशन पर उतरकर चली गई। यह दास्तान मंगलवार की रात अमरावती के रामपुरी कैंप मिठ्ठू लाल की चक्की के पास निवासी कपड़ा कारोबारी विजय पंजानी ने जीआरपी को सुनाई।
उन्होंने बताया कि उनकी शादी लखनऊ के सेक्टर 14 शिवाजीपुरम निवासी दीक्षा कुकरेजा के साथ हुई है। विगत 13 जुलाई को वह मायके चली गई थी। विगत छह अगस्त को हवाई जहाज से नागपुर से दिल्ली और फिर दिल्ली से लखनऊ गए। मंगलवार की रात वे पत्नी को लेकर राप्ती सागर से नागपुर जा रहे थे। नागपुर से अमरावती जाना था, लेकिन रास्ते में ही पत्नी ने झगड़ा शुरू कर दिया। ट्रेन जब झांसी के नजदीक दौड़ रही थी, तभी वह बर्थ से उठकर चली गई। मैंने सोचा टॉयलेट गई होगी, लेकिन जब काफी देर तक लौटकर नहीं आई तो उसकी तलाश शुरू की। दूसरे कोच के यात्रियों से पता चला कि वह झांसी में उतर गई है। बाद में वह ललितपुर स्टेशन पर उतरकर वापस झांसी आया। जल्दबाजी में ट्रेन में एक ट्राली बैग भी छूट गया, जिसमें पत्नी के कपड़े रखे हुए थे। बुधवार की सुबह विजय ने लखनऊ में अपने साले अमन को फोन लगाया तो पता चला कि दीक्षा वहां भी नहीं पहुंची। पहले भाई ने झांसी आने की बात कहीं, लेकिन फिर उसने दोबारा फोन नहीं उठाया। जीआरपी थाने में दिनभर बिताने के बाद यात्री ने लिखित सूचना दी और अमरावती के लिए रवाना हो गया।
विज्ञापन