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किशोरी से बलात्कार में दो को 20-20 साल की जेल
ब्यूरो
Updated Thu, 26 Nov 2015 01:31 AM IST
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झांसी। अपर सत्र न्यायाधीश कक्ष संख्या छह दिग्विजय नाथ की अदालत ने किशोरी के साथ बलात्कार के मामले में दो आरोपियों को बीस - बीस साल की सजा सुनाई।
अभियोजन पक्ष के अनुसार थाना प्रेमनगर क्षेत्र निवासी मजदूर दंपति की 13 वर्षीय पुत्री दो जनवरी 2014 को घर पर अकेली थी। इसी दौरान थाना प्रेमनगर क्षेत्रांतर्गत श्रीनगर निवासी यशपाल सायं चार बजे उसके घर पहुंचा और बेटी को बहला फुसलाकर अपने साथ ले गया।
जंगल में यशपाल व उसके साथी जितेंद्र ने किशोरी के साथ बलात्कार किया। इसी दौरान किशोरी के माता-पिता मजदूरी से वापस लौट आए। उनके मौके पर पहुंचने पर दोनों भाग गए। इसके बाद पीड़ित किशोरी का पिता घटना की रिपोर्ट दर्ज कराने थाना प्रेमनगर पहुंचा।
लेकिन, यहां से उसे घटनास्थल थाना सदर बाजार क्षेत्र का बताते हुए चलता कर दिया गया। सदर बाजार थाने में भी पीड़ित की नहीं सुनी गई। चार जनवरी 2014 को पीड़ित के पिता ने एसएसपी की शरण ली। एसएसपी के आदेश पर थाना प्रेमनगर में मामला दर्ज किया गया।
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मुकदमे की सुनवाई के बाद अदालत ने उक्त दोनों आरोपियों को धारा 376 में बीस-बीस साल की जेल व 30 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड अदा न करने पर छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। धारा 363 के तहत पांच साल के कारावास की सजा सुनाई गई। अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता श्याम यादव ने की।
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अभियोजन पक्ष के अनुसार थाना प्रेमनगर क्षेत्र निवासी मजदूर दंपति की 13 वर्षीय पुत्री दो जनवरी 2014 को घर पर अकेली थी। इसी दौरान थाना प्रेमनगर क्षेत्रांतर्गत श्रीनगर निवासी यशपाल सायं चार बजे उसके घर पहुंचा और बेटी को बहला फुसलाकर अपने साथ ले गया।
जंगल में यशपाल व उसके साथी जितेंद्र ने किशोरी के साथ बलात्कार किया। इसी दौरान किशोरी के माता-पिता मजदूरी से वापस लौट आए। उनके मौके पर पहुंचने पर दोनों भाग गए। इसके बाद पीड़ित किशोरी का पिता घटना की रिपोर्ट दर्ज कराने थाना प्रेमनगर पहुंचा।
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लेकिन, यहां से उसे घटनास्थल थाना सदर बाजार क्षेत्र का बताते हुए चलता कर दिया गया। सदर बाजार थाने में भी पीड़ित की नहीं सुनी गई। चार जनवरी 2014 को पीड़ित के पिता ने एसएसपी की शरण ली। एसएसपी के आदेश पर थाना प्रेमनगर में मामला दर्ज किया गया।
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मुकदमे की सुनवाई के बाद अदालत ने उक्त दोनों आरोपियों को धारा 376 में बीस-बीस साल की जेल व 30 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड अदा न करने पर छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। धारा 363 के तहत पांच साल के कारावास की सजा सुनाई गई। अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता श्याम यादव ने की।