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संदिग् ध परिस्थितियों में मूर्तिकार की मौत
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संदिग्ध परिस्थितियों में मूर्तिकार की मौत
झांसी। थाना नवाबाद स्थित तालपुरा निवासी मूर्तिकार दिलीप कुमार पाल (39) की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मृतक के साथियों का आरोप है कि चार लोगों के धमकाने के कारण दिलीप की हालत बिगड़ जाने पर उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां उपचार के दौैरान दम तोड़ दिया।
वेस्ट बंगाल के जिला नाड़िया स्थित शांतिपुरा निवासी एकोरी पाल का पुत्र दिलीप कुमार पाल मूर्तिकार था। वह अपने साथी नेपाल पाल, साजन पाल, कृष्णा पाल, रविंद पाल, बंटी पाल समेत अन्य साथियों के साथ 20 मई को मूर्ति बनाने झांसी आया था। सभी लोग थाना नवाबाद स्थित तालपुरा के अंबेडकरनगर में किराए से रहते थेे। पास में ही बने रविदास आश्रम मेें मूर्ति बनाने की तैयारी शुरू करते हुए टपरा लगा दिया था। आरोप है कि रविवार शाम दिलीप टपरा में बैठा था, तभी पड़ोस के रहने वाले चार लोगों ने आकर धमकाते हुए टपरा लगाने से मना किया। आरोप है कि उनके धमकाने के कारण दहशत में आए दिलीप की हालत बिगड़ गई। यह देखकर चारों भाग निकले। साथी उपचार के लिए इलाज कराने मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे, जहां उपचार के दौैरान उसकी मौत हो गई। सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम को भेजा। नवाबाद प्रभारी निरीक्षक संजय कुमार ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट का भी इंतजार किया रहा है।
प्रति वर्ष आते हैं मूर्ति बनाने
हर साल गणेश जी और दुर्गा जी की मूर्ति बनाने के लिए मूर्तिकार बंगाल से झांसी आते हैं। यह लोग जून से ही मूर्तियां बनाने का काम शुरू कर देते हैं। इस बार भी वह मूर्ति बनाने झांसी आए थे।
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झांसी। थाना नवाबाद स्थित तालपुरा निवासी मूर्तिकार दिलीप कुमार पाल (39) की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मृतक के साथियों का आरोप है कि चार लोगों के धमकाने के कारण दिलीप की हालत बिगड़ जाने पर उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां उपचार के दौैरान दम तोड़ दिया।
वेस्ट बंगाल के जिला नाड़िया स्थित शांतिपुरा निवासी एकोरी पाल का पुत्र दिलीप कुमार पाल मूर्तिकार था। वह अपने साथी नेपाल पाल, साजन पाल, कृष्णा पाल, रविंद पाल, बंटी पाल समेत अन्य साथियों के साथ 20 मई को मूर्ति बनाने झांसी आया था। सभी लोग थाना नवाबाद स्थित तालपुरा के अंबेडकरनगर में किराए से रहते थेे। पास में ही बने रविदास आश्रम मेें मूर्ति बनाने की तैयारी शुरू करते हुए टपरा लगा दिया था। आरोप है कि रविवार शाम दिलीप टपरा में बैठा था, तभी पड़ोस के रहने वाले चार लोगों ने आकर धमकाते हुए टपरा लगाने से मना किया। आरोप है कि उनके धमकाने के कारण दहशत में आए दिलीप की हालत बिगड़ गई। यह देखकर चारों भाग निकले। साथी उपचार के लिए इलाज कराने मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे, जहां उपचार के दौैरान उसकी मौत हो गई। सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम को भेजा। नवाबाद प्रभारी निरीक्षक संजय कुमार ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट का भी इंतजार किया रहा है।
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प्रति वर्ष आते हैं मूर्ति बनाने
हर साल गणेश जी और दुर्गा जी की मूर्ति बनाने के लिए मूर्तिकार बंगाल से झांसी आते हैं। यह लोग जून से ही मूर्तियां बनाने का काम शुरू कर देते हैं। इस बार भी वह मूर्ति बनाने झांसी आए थे।
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