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राजस्व विभाग का कारनामा
Updated Thu, 21 Jun 2018 03:23 AM IST
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जिंदा को ही राजस्व अभिलेखों में दिखा दिया मृत
विरासत में फर्जी नाम दर्ज कर दिए
अमर उजाला ब्यूरो
तालबेहट। एक ओर जहां 30 वर्ष पहले मृत हुए लोगों के वारिसान अपने नाम राजस्व अभिलेखों में दर्ज कराने के लिए आज भी तहसील और राजस्व कर्मचारियों के चक्कर लगा रहे हैं। वहीं, दूसरी ओर राजस्व विभाग के कर्मचारियों ने जिंदा महिला को ही मृत दिखाकर उसके वारिसान तक फर्जी रूप से दर्ज कर दिए। अपने खाते से उनका नाम कटवाने के लिए पीड़िता पिछले छह माह से राजस्व कर्मचारियों के चक्कर लगा रही है, परन्तु किसी ने उस पर रहम नहीं दिखाया। मजबूरी में उसे अधिकारियों की शरण लेना पड़ी।
थाना पूराकलां अंतर्गत ग्राम झॉवर निवासी पत्नी गनु ढीमर ने कुछ समय पहले दरउवा पुत्र अमान से उसकी आरापी क्रमांक 1321मि रकवा 0.182 एवं 1325 रकवा 0.223 भूमि क्रय की थी। उसके बाद वह आज भी उक्त भूमि पर खेती कर रही है। परंतु गांव के पूर्व लेखपालों ने गांव की उसकी नाम राशि मुलिया सहरिया के मृत होने पर उसकी जमीन पर उसके वारिसों के नाम गलत दर्ज कर दिए। इसकी जानकारी उसे केसीसी बनाने के लिए जब नकल खतौनी ली, तब हुई। इसके बाद उसने अपने खाते में दर्ज फर्जी वारिसानों को हटवाने के लिए कई बार राजस्व कर्मचारियों से कहा, परन्तु किसी ने इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया। इससे न तो उसे सूखा राहत राशि का चैक मिल सका और न ही वह अन्य लाभ ले पा रही है। इससे परेशान होकर उसने संपूर्ण समाधान दिवस में एक शिकायती पत्र देकर दोषी कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई करने और अपने खाते में दर्ज फर्जी वारिस को हटवाने की गुहार लगाई है।
मामले की जांच कराई जा रही है: एसडीएम
तालबेहट। पूरा मामला उपजिलाधिकारी पद्म सिंह के सामने रखने पर उन्होंने तहसीलदार सुशील कुमार दुबे को पूरे मामले की जांच करके दोषी राजस्व कर्मचारियों के विरूध कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इसके अलावा पीड़िता को गलत रूप से दर्ज वारिसानों के नाम कटवाने के लिए एक वाद दायर कर अनुतोष प्राप्त करने की बात कही।
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विरासत में फर्जी नाम दर्ज कर दिए
अमर उजाला ब्यूरो
तालबेहट। एक ओर जहां 30 वर्ष पहले मृत हुए लोगों के वारिसान अपने नाम राजस्व अभिलेखों में दर्ज कराने के लिए आज भी तहसील और राजस्व कर्मचारियों के चक्कर लगा रहे हैं। वहीं, दूसरी ओर राजस्व विभाग के कर्मचारियों ने जिंदा महिला को ही मृत दिखाकर उसके वारिसान तक फर्जी रूप से दर्ज कर दिए। अपने खाते से उनका नाम कटवाने के लिए पीड़िता पिछले छह माह से राजस्व कर्मचारियों के चक्कर लगा रही है, परन्तु किसी ने उस पर रहम नहीं दिखाया। मजबूरी में उसे अधिकारियों की शरण लेना पड़ी।
थाना पूराकलां अंतर्गत ग्राम झॉवर निवासी पत्नी गनु ढीमर ने कुछ समय पहले दरउवा पुत्र अमान से उसकी आरापी क्रमांक 1321मि रकवा 0.182 एवं 1325 रकवा 0.223 भूमि क्रय की थी। उसके बाद वह आज भी उक्त भूमि पर खेती कर रही है। परंतु गांव के पूर्व लेखपालों ने गांव की उसकी नाम राशि मुलिया सहरिया के मृत होने पर उसकी जमीन पर उसके वारिसों के नाम गलत दर्ज कर दिए। इसकी जानकारी उसे केसीसी बनाने के लिए जब नकल खतौनी ली, तब हुई। इसके बाद उसने अपने खाते में दर्ज फर्जी वारिसानों को हटवाने के लिए कई बार राजस्व कर्मचारियों से कहा, परन्तु किसी ने इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया। इससे न तो उसे सूखा राहत राशि का चैक मिल सका और न ही वह अन्य लाभ ले पा रही है। इससे परेशान होकर उसने संपूर्ण समाधान दिवस में एक शिकायती पत्र देकर दोषी कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई करने और अपने खाते में दर्ज फर्जी वारिस को हटवाने की गुहार लगाई है।
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मामले की जांच कराई जा रही है: एसडीएम
तालबेहट। पूरा मामला उपजिलाधिकारी पद्म सिंह के सामने रखने पर उन्होंने तहसीलदार सुशील कुमार दुबे को पूरे मामले की जांच करके दोषी राजस्व कर्मचारियों के विरूध कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इसके अलावा पीड़िता को गलत रूप से दर्ज वारिसानों के नाम कटवाने के लिए एक वाद दायर कर अनुतोष प्राप्त करने की बात कही।
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