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नहर पर दबंगों का कब्जा

Wed, 27 Dec 2017 02:33 AM IST
Updated Wed, 27 Dec 2017 02:33 AM IST
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नहर पर दबंगों का कब्जा
नहरों पर दबंगों का कब्जा, टेल के किसानों को नहीं मिल रहा पानी
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तालबेहट।
सिंचाई विभाग के कर्मचारियों की लचरता के चलते क्षेत्र में बनी नहरों पर दबंगों का कब्जा है। दबंगों का नहरों पर अधिपत्य होने से टेल के किसानों को पानी नहीं मिल पा रहा है। किसान पानी की आशा में तहसील और पुलिस के चक्कर लगा रहा है और वही प्रशासन तमाशबीन बना हुआ है।
क्षेत्र के किसानों को सिंचाई की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए राजघाट बांध और शाहजाद बांध से निकली नहरों का जाल बिछा है। राजघाट बांध से निकली नहरों से राजपुर, कोटरा, बिजरौठा, मुहारा, दौलता, कड़ेसरा, बम्होरीसर, चंद्रापुर, पिपरई, बंदेसरा आदि गांवों के किसानों को पानी मुहैया होता है। वही पूराकलां, सारसेड़, भुचेरा, पूराविरधा, उगरपुर, कंधारीकलां, झॉवर, बरीकलां, बरौदाड़ाग, रजपुरा आदि गॉवों के किसानों को शाहजाद बांध से निकली नहरों से पानी मिलता है। खेती के समय जब किसान को पानी का आवश्यकता होती है तब यह नहरें रोस्टर के अनुसार चालू की जाती है। नहरें चालू होने के समय इनका संचालन एवं देखरेख के लिए विभागीय कर्मचारी तैनात रहते है। जो नहरें के प्रवाह में व्यवधान ,अवरोध या काटने वालों पर सख्त नजर रखते है।
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इस बार नहरों के संचालन में विभागीय कर्मचारी कोई खास रुचि नहीं दिखा रहे है। इसके चलते नहरों पर काफी संख्या में दबंगों का कब्जा है, जिसके चलते टेल के किसानों को सिंचाई के लिए पानी नहीं मिल पा रहा है। किसानों का आरोप है कि उन्हें विभाग को सीच तो देना पड़ती है। परंतु पानी एक बूंद नहीं मिलता। दबंगों के खिलाफ कार्रवाई करने के बावजूद प्रशासन कोई सख्त कदम नहीं उठाता, जिससे उनके हौसले दिन प्रति दिन बढ़ रहें हैं और इसे देख कर अन्य लोग भी नहर पर कब्जा करने से नहीं चूक रहे है।
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साहब दबंगों की वजह से नहीं मिल पा रहा पानी
तालबेहट। थाना जखौरा अंतर्गत ग्राम राजपुर निवासी वीर भान सिंह ने डीएम हरीओम शर्मा को एक शिकायती पत्र देकर नहर पर गांव के कुछ लोगों पर कब्जा करने का आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई करने एवं नहर का पानी खेत तक पहुंचाने की गुहार लगाई है। ताकि पानी के अभाव में सूख रही फसलों को फिर से नया जीवन मिल सकें। उसने अवगत कराया कि इस संबंध में वह कई बार विभागीय अधिकारियों एवं पुलिस को अवगत करा चुका है परन्तु किसी न उसकी कोई फरियाद नहीं सुनी।
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