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अपराधस=== फर्जी कागजों के सहारे बालू का खेल पकड़ा-CTY

Mon, 24 Jul 2017 07:34 PM IST
Updated Mon, 24 Jul 2017 07:34 PM IST
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अपराधस=== फर्जी कागजों के सहारे बालू का खेल पकड़ा-CTY
अपराध
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58 ट्रक संचालकों के खिलाफ एफआईआर
सब हेड -- मध्य प्रदेश के कागज दिखाकर मऊरानीपुर ले जा रहे थे बालू
क्रासर
- ट्रकों की तौल कराने पर पकड़ी थी ओवरलोडिंग
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी/ मऊरानीपुर
मध्यप्रदेश के कागजों के आधार पर उत्तर प्रदेश के मऊरानीपुर में बालू बेचने के खेल का पर्दाफाश हो गया है। कागजों की जांच मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ में कराने पर फर्जी पाए गए। इस आधार पर मऊरानीपुर कोतवाली में 52 ट्रक चालकों के खिलाफ खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया गया है। वहीं, टोड़ी फतेहपुर में छह ट्रक चालकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। जिले में अवैध तरीके से बालू बेचने के खेल के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की गई है।
17 जुलाई को एसडीएम मऊरानीपुर सुनील कुमार शुक्ला के नेतृत्व में बालू से भरे 55 ट्रकों को रोककर जांच की गई थी। इसके बाद उन ट्रकों की धर्मकांटा पर नाप कराई गई तो 24 ट्रकों में ओवरलोडिंग मिली। 21 ट्रक ऐसे मिले थे, जिनके ड्राइवर सीट पर नहीं थे। सभी ट्रकों को थाना मऊरानीपुर में बंद करा दिया गया था। पूछने पर ट्रक चालकों ने बताया था कि मध्य प्रदेश के कागजों के आधार पर बालू ला रहे हैं। जब ट्रकों से जब्त कागजों को जांच के लिए मध्यप्रदेश स्टेट माइनिंग कारपोरेशन लिमिटेड टीकमगढ़ के प्रभारी अधिकारी के पास भेजा गया तो केवल तीन ट्रकों के कागज सही पाए गए। घाट के ठेकेदार ने भी उन कागजों को फर्जी बताते हुए घाट से ट्रकों द्वारा बालू ले जाने की बात को सिरे से खारिज कर दिया था। इस पर कोतवाली पुलिस ने ट्रक संचालकों के विरुद्ध धारा 379, 411, 420, 467, 468, 471, आईपीसी व 3/57/70/4/9 खनिज अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया। उधर, थाना टोड़ी फतेहपुर ने भी बालू से भरे छह ट्रक पकड़े थे। ट्रक चालक कागजात नहीं दिखा सके थे। इस आधार पर सभी ट्रकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया गया है।
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प्लानिंग से गच्चा खा गए बालू माफिया
- बड़े पैमाने पर चल रहा था अवैध बालू का खेल
- एमपी और यूपी बार्डर का उठा रहे थे फायदा
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी।
प्रदेश में एक जुलाई से 30 सितंबर तक बरसात के सीजन में बालू के खनन पर रोक लगा दी गई है, लेकिन खनन माफिया मध्य प्रदेश की बालू उत्तर प्रदेश में बेचकर मोटा मुनाफा कमा रहे थे। वह उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के बार्डर का फायदा उठा रहे थे। लेकिन, जिलाधिकारी की प्लानिंग से बालू माफिया गच्चा खा गए और जब जांच हुई तो खेल उजागर हो गया।
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झांसी जिले की सीमा और मध्यप्रदेश की सीमा करीब 30 किलोमीटर तक इस तरह से मिलती है कि पता ही नहीं चल पाता है कि कहां उत्तरप्रदेश और कहां मध्यप्रदेश है। सीमा का फायदा उठाकर बालू माफिया मालामाल हो रहे थे। सीमावर्ती गांव मध्य प्रदेश के टौरिया और उपरारा घाट से बालू भरकर उत्तरप्रदेश में बेची जा रही थी। बालू का डंपर चालीस हजार में बेचकर तीन से चार गुना तक फायदा कमाया जा रहा था। स्थिति यह थी कि मध्य प्रदेश के कागज बताकर 300 से 400 ट्रक बालू धड़ल्ले से उत्तर प्रदेश में खपाई जा रही थी और बालू माफिया मालामाल हो रहे थे। इसकी शिकायत जिलाधिकारी कर्ण सिंह चौहान को मिली तो उन्होंने 17 व 18 जुलाई को छुट्टी लेकर बालू माफिया के खेल को रंगे हाथों पकड़ने का प्लान तैयार किया। उनकी प्लानिंग से बालू माफिया गच्चा खा गए और उनका खेल पकड़ा गया।
जिलाधिकारी अवकाश लेकर आउट ऑफ झांसी चले गए, लेकिन रात उन्होंने हरपालपुर रेलवे स्टेशन पर बिताई और मऊरानीपुर के अफसरों को चेकिंग के निर्देश दे दिए। तड़के चार बजे जिलाधिकारी हरपालपुर से मऊरानीपुर रवाना हुए, इधर एसडीएम सुनील कुमार शुक्ला के नेतृत्व में सीओ यशवीर सिंह, कोतवाली प्रभारी बीएल यादव और उपनिरीक्षकों की तीन टीमों ने नगर के आसपास से गुजर रहे बालू से भरे ट्रकों को पकड़कर मंडी प्रांगण में लाने का सिलसिला शुरू किया तो वह दिन में दो बजे तक चला। इस दौरान सभी ट्रकों की धर्मकांटा पर तौल कराई गई, तो 24 ट्रकों में ओवरलोडिंग पाई गई। यह स्थित देख ड्राइवर गाड़ियां छोड़कर भाग गए। सभी ट्रकों पर मध्यप्रदेश के कागज पाए गए। इस पर उन्होंने कागजों को मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ जांच के लिए भेजा। साथ ही उन्होंने मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव को भी पत्र लिखा है। इसका असर हुआ और जांच में सभी कागज फर्जी पाए गए।

दो साल पहले भी हुए थे जांच के आदेश
दो साल पहले प्रदेश के तत्कालीन मुख्य सचिव आलोक रंजन ने अवैध खनन की जांच करने के निर्देश दिए थे, लेकिन इन निर्देशों पर किसी ने ध्यान नहीं दिया और अवैध खनन धड़ल्ले से चलता रहा।


मुकदमा दर्ज कराया
सभी ट्रकों के कागजों की जांच मध्य प्रदेश से कराई गई, लेकिन कागज फर्जी निकले। इसलिए ट्रक संचालकों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया गया है।
- मो. महबूब
जिला खान अधिकारी
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