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डेढ़ महीने में कोरोना की पांच हजार जांचें तक नहीं हो पाईं
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corona tesing very slow
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झांसी। जिले में कोरोना वायरस की जांचों की रफ्तार बेहद सुस्त है। झांसी में कोरोना वायरस का पहला मामला 27 अप्रैल को सामने आया था, इसके बाद से अब तक पांच हजार जांचें तक नहीं हो पाई हैं। जबकि, देश भर में यह देखा गया है कि जैसे-जैसे जांचों का दायरा बढ़ा, वैसे-वैसे कोरोना वायरस के मामले भी बढ़ते गए। हालांकि, एक ट्रू नेट मशीन जिला अस्पताल को मिल गई है।
महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में एक पीसीआर और चार ट्रू नेट मशीन हैं। पीसीआर मशीन में एक बार में 50 सैंपलों की जांच हो पाती है, जबकि ट्रू नेट मशीन में एक साथ दो सैंपल लग पाते हैं। पीसीआर मशीन से रिपोर्ट आने में आठ से दस घंटे तो ट्रू नेट मशीन से दो से तीन घंटे में रिपोर्ट आ जाती है। आंकड़ों के अनुसार पिछले लगभग डेढ़ महीने में पांच हजार जांचें तक नहीं हो पाई हैं। हालांकि, ऐसा कहा जा रहा था कि शासन की तरफ से एक पीसीआर मशीन और उपलब्ध कराई जा सकती है लेकिन अब तक ऐसा नहीं हुआ है। अब शासन ने जिला अस्पताल में एक ट्रू नेट मशीन भेज दी है। इस मशीन से भी अधिकतम 20-22 जांचें ही हो पाएंगी। इससे कुछ ज्यादा फर्क पड़ने वाला नहीं है।
कोरोना टेस्ट की रफ्तार धीमी नहीं है। मंडल में रोजाना 450 से 500 नमूनों की जांच की जा रही है। हालांकि, शुरुआत में रफ्तार धीमी थी लेकिन अब तेजी से जांच जारी है। पूल टेस्टिंग भी की जा रही है। जिला अस्पताल में भी जल्द ही कोरोना की जांच शुरू हो जाएगी। - सुभाष चंद्र शर्मा, मंडलायुक्त।
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महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में एक पीसीआर और चार ट्रू नेट मशीन हैं। पीसीआर मशीन में एक बार में 50 सैंपलों की जांच हो पाती है, जबकि ट्रू नेट मशीन में एक साथ दो सैंपल लग पाते हैं। पीसीआर मशीन से रिपोर्ट आने में आठ से दस घंटे तो ट्रू नेट मशीन से दो से तीन घंटे में रिपोर्ट आ जाती है। आंकड़ों के अनुसार पिछले लगभग डेढ़ महीने में पांच हजार जांचें तक नहीं हो पाई हैं। हालांकि, ऐसा कहा जा रहा था कि शासन की तरफ से एक पीसीआर मशीन और उपलब्ध कराई जा सकती है लेकिन अब तक ऐसा नहीं हुआ है। अब शासन ने जिला अस्पताल में एक ट्रू नेट मशीन भेज दी है। इस मशीन से भी अधिकतम 20-22 जांचें ही हो पाएंगी। इससे कुछ ज्यादा फर्क पड़ने वाला नहीं है।
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कोरोना टेस्ट की रफ्तार धीमी नहीं है। मंडल में रोजाना 450 से 500 नमूनों की जांच की जा रही है। हालांकि, शुरुआत में रफ्तार धीमी थी लेकिन अब तेजी से जांच जारी है। पूल टेस्टिंग भी की जा रही है। जिला अस्पताल में भी जल्द ही कोरोना की जांच शुरू हो जाएगी। - सुभाष चंद्र शर्मा, मंडलायुक्त।
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