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तीन घंटे बाद कोरोना संदिग्ध को मिला बेड, इलाज के दौरान मौत
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कोरोना
- फोटो : ??????
झांसी। महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज के कोविड अस्पताल में कोरोना और संदिग्ध मरीजों को भर्ती करने में लापरवाही अभी भी जारी है। शनिवार देर रात सांस लेने में तकलीफ होने पर कोविड अस्पताल पहुंचे मरीज को तीन घंटे बाद बेड मिल सका। भर्ती होने के बाद रविवार शाम को मरीज की मौत भी हो गई। हालांकि, अब तक कोरोना की रिपोर्ट नहीं आई है। भतीजे ने भर्ती करने में लापरवाही का आरोप लगाया है।
दतिया गेट निवासी व्यक्ति को सांस लेने में तकलीफ होने पर परिजन निजी अस्पताल लेकर पहुंचे थे। मरीज के भतीजे ने बताया कि शनिवार रात में वह एक से दूसरे अस्पताल गए लेकिन किसी ने भी भर्ती नहीं किया। इसके बाद वह मेडिकल कॉलेज के इमरजेंसी पहुंचे। भतीजे का आरोप है कि वहां एक घंटे तक रखने के बाद बिना उपचार किए कोविड अस्पताल भेज दिया। रात सवा एक बजे के आसपास यहां पहुंचे। फाइल बनने के बाद उन्हें भर्ती करने के लिए बैठाए रखा गया। उन्होंने
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी को भी फोन कर सूचना दी। इसके बावजूद भर्ती नहीं किया गया। रविवार तड़के सवा चार बजे के आसपास उन्हें वार्ड में भर्ती किया गया। उनका सैंपल लेकर जांच के लिए कोविड लैब में भेज दिया गया। भतीजे के मुताबिक रविवार शाम को उन्हें डॉक्टर ने चाचा की मौत की सूचना दी। चूंकि, अभी तक जांच रिपोर्ट नहीं आई है, इसलिए शव नहीं दिया गया। भतीजे का आरोप है कि भर्ती करने में बहुत लापरवाही की गई है। वह इस मामले की शिकायत शासन स्तर पर करेगा।
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दतिया गेट निवासी व्यक्ति को सांस लेने में तकलीफ होने पर परिजन निजी अस्पताल लेकर पहुंचे थे। मरीज के भतीजे ने बताया कि शनिवार रात में वह एक से दूसरे अस्पताल गए लेकिन किसी ने भी भर्ती नहीं किया। इसके बाद वह मेडिकल कॉलेज के इमरजेंसी पहुंचे। भतीजे का आरोप है कि वहां एक घंटे तक रखने के बाद बिना उपचार किए कोविड अस्पताल भेज दिया। रात सवा एक बजे के आसपास यहां पहुंचे। फाइल बनने के बाद उन्हें भर्ती करने के लिए बैठाए रखा गया। उन्होंने
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स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी को भी फोन कर सूचना दी। इसके बावजूद भर्ती नहीं किया गया। रविवार तड़के सवा चार बजे के आसपास उन्हें वार्ड में भर्ती किया गया। उनका सैंपल लेकर जांच के लिए कोविड लैब में भेज दिया गया। भतीजे के मुताबिक रविवार शाम को उन्हें डॉक्टर ने चाचा की मौत की सूचना दी। चूंकि, अभी तक जांच रिपोर्ट नहीं आई है, इसलिए शव नहीं दिया गया। भतीजे का आरोप है कि भर्ती करने में बहुत लापरवाही की गई है। वह इस मामले की शिकायत शासन स्तर पर करेगा।
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