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20 फीसदी बचा होटल व्यवसाय, एक तिहाई कर्मचारी घर पर बैठे
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corona afraid
झांसी। होटल व्यावसाय पर कोरोना वायरस की जबरदस्त मार पड़ी है। लॉकडाउन के दौरान पूरी तरह बंद रहे होटलों का अनलॉक में भी व्यवसाय महज 20 फीसदी बचा है। होटल व्यवसाय से जुड़े लगभग एक तिहाई कर्मचारियों को घर पर बैठना पड़ा है। अक्तूबर से नवदुर्गा होने के चलते सगाई शुरू होने की वजह से होटल संचालकों की आस टिकी हुई है।
कोरोना वायरस की वजह से अनलॉक में भी ज्यादातर लोग बेवजह घरों के बाहर निकलने और खानपान से परहेज कर रहे हैं। वीकेंड पर होटल में डिनर का कल्चर भी बेहद कम हो गया है। वहीं, जन्मदिन, किटी पार्टी, सगाई समारोह, ऑफीशियल मीटिंग, रिटायरमेंट या प्रमोशन पार्टियां आदि बंद हो जाने का सीधा असर होटल व्यवसाय पर पड़ा है। इन दिनों महज 20 फीसदी व्यवसाय होने से होटल संचालकों की आय बहुत अधिक प्रभावित हुई है। काम कम होने के कारण कर्मचारियों की भी कमी कर दी गई है। मौजूदा समय में अधिकतर होटल लगभग एक तिहाई कर्मचारी से ही काम चला रहे हैं। होटल संचालकों और अधिकारियों ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि अक्तूबर से सगाई और नवंबर से शादियां शुरू होने की वजह से उम्मीद है कि व्यवसाय फिर से पटरी पर लौटेगा। जैसे ही व्यवसाय बढ़ेगा, वैसे ही कर्मचारियों को फिर से काम पर बुलाएंगे।
अगस्त में ही हो जाती थी सगाई की बुकिंग
कोरोना से पहले रेस्टोरेंट सप्ताह में दो दिन वेटिंग चलता था। इसके अलावा नवदुर्गा में होने वाली सगाई की बुकिंग अगस्त में ही हो जाती थी। इन नौ दिनों में लंच और डिनर अलग-अलग मिलाकर 18 बुकिंग होती थीं। मौजूदा समय में अब तक कोई बुकिंग नहीं हुई है।
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सुरक्षा के चलते लागू किए नियम
कोरोना के चलते लोगों को अपनी सुरक्षा का खासा ध्यान है। इसके चलते होटल संचालकों ने भी अपने नियमों में बदलाव किया है। संचालकों ने बताया कि सभी कर्मचारियों को हैंड ग्लब्स, मास्क अनिवार्य कर दिया गया है। होटल खुलते ही उनकी थर्मल स्क्रीनिंग, हैंड सैनिटाइजर से हाथ सैनिटाइज कराए जाते हैं। वहीं, किचन के स्टाफ को यूज एंड थ्रो वाली कैप अलग से दी जा रही है।
20 प्रतिशत ही आय हो पा रही है। घर से पैसे लगाकर काम चला रहे हैं। अभी बुकिंग शुरू नहीं हुई हैं, लेकिन दिसंबर के लिए लोगों ने पूछताछ शुरू कर दी है। शादियों में 100 लोगों का नियम होने से अब होटलों की तरफ लोगों का रुझान बढ़ने की उम्मीद है। - संजीव अग्रवाल, होटल ग्रीन लीफ, ऑनर।
इन दिनों तो खर्च तक नहीं निकल पा रहा है। कोरोना के चलते व्यवसाय पर काफी असर पड़ रहा है। ऐसा समय पहले कभी देखा नहीं। कम ग्राहक आ रहे हैं। काम के हिसाब से ही कर्मचारियों को बुला रहे हैं। व्यवसाय पटरी पर लौटते ही सभी कर्मी को बुलाएंगे। - संदीप सैनी, मैनेजर, होटल प्रभा।
लॉकडाउन में तो व्यवसाय पूरी तरह चौपट रहा। अनलॉक में भी बहुत ज्यादा बदलाव नहीं हुआ है। रेस्टोरेंट पर लोगों ने आना शुरू तो किया है फिर भी अस्सी प्रतिशत बिक्री बंद है। अक्तूबर से सगाई शुरू हो रही हैं। उम्मीद है कि व्यवसाय बढ़ेगा। - अरविंद पटेरिया, मैनेजर, होटल एंबियंस।
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कोरोना वायरस की वजह से अनलॉक में भी ज्यादातर लोग बेवजह घरों के बाहर निकलने और खानपान से परहेज कर रहे हैं। वीकेंड पर होटल में डिनर का कल्चर भी बेहद कम हो गया है। वहीं, जन्मदिन, किटी पार्टी, सगाई समारोह, ऑफीशियल मीटिंग, रिटायरमेंट या प्रमोशन पार्टियां आदि बंद हो जाने का सीधा असर होटल व्यवसाय पर पड़ा है। इन दिनों महज 20 फीसदी व्यवसाय होने से होटल संचालकों की आय बहुत अधिक प्रभावित हुई है। काम कम होने के कारण कर्मचारियों की भी कमी कर दी गई है। मौजूदा समय में अधिकतर होटल लगभग एक तिहाई कर्मचारी से ही काम चला रहे हैं। होटल संचालकों और अधिकारियों ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि अक्तूबर से सगाई और नवंबर से शादियां शुरू होने की वजह से उम्मीद है कि व्यवसाय फिर से पटरी पर लौटेगा। जैसे ही व्यवसाय बढ़ेगा, वैसे ही कर्मचारियों को फिर से काम पर बुलाएंगे।
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अगस्त में ही हो जाती थी सगाई की बुकिंग
कोरोना से पहले रेस्टोरेंट सप्ताह में दो दिन वेटिंग चलता था। इसके अलावा नवदुर्गा में होने वाली सगाई की बुकिंग अगस्त में ही हो जाती थी। इन नौ दिनों में लंच और डिनर अलग-अलग मिलाकर 18 बुकिंग होती थीं। मौजूदा समय में अब तक कोई बुकिंग नहीं हुई है।
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सुरक्षा के चलते लागू किए नियम
कोरोना के चलते लोगों को अपनी सुरक्षा का खासा ध्यान है। इसके चलते होटल संचालकों ने भी अपने नियमों में बदलाव किया है। संचालकों ने बताया कि सभी कर्मचारियों को हैंड ग्लब्स, मास्क अनिवार्य कर दिया गया है। होटल खुलते ही उनकी थर्मल स्क्रीनिंग, हैंड सैनिटाइजर से हाथ सैनिटाइज कराए जाते हैं। वहीं, किचन के स्टाफ को यूज एंड थ्रो वाली कैप अलग से दी जा रही है।
20 प्रतिशत ही आय हो पा रही है। घर से पैसे लगाकर काम चला रहे हैं। अभी बुकिंग शुरू नहीं हुई हैं, लेकिन दिसंबर के लिए लोगों ने पूछताछ शुरू कर दी है। शादियों में 100 लोगों का नियम होने से अब होटलों की तरफ लोगों का रुझान बढ़ने की उम्मीद है। - संजीव अग्रवाल, होटल ग्रीन लीफ, ऑनर।
इन दिनों तो खर्च तक नहीं निकल पा रहा है। कोरोना के चलते व्यवसाय पर काफी असर पड़ रहा है। ऐसा समय पहले कभी देखा नहीं। कम ग्राहक आ रहे हैं। काम के हिसाब से ही कर्मचारियों को बुला रहे हैं। व्यवसाय पटरी पर लौटते ही सभी कर्मी को बुलाएंगे। - संदीप सैनी, मैनेजर, होटल प्रभा।
लॉकडाउन में तो व्यवसाय पूरी तरह चौपट रहा। अनलॉक में भी बहुत ज्यादा बदलाव नहीं हुआ है। रेस्टोरेंट पर लोगों ने आना शुरू तो किया है फिर भी अस्सी प्रतिशत बिक्री बंद है। अक्तूबर से सगाई शुरू हो रही हैं। उम्मीद है कि व्यवसाय बढ़ेगा। - अरविंद पटेरिया, मैनेजर, होटल एंबियंस।