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निर्माण कार्यों ने पकड़ी रफ्तार, टूटी मंदी, कामगारों को मिला रोजगार
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सीपरी बाजार क्षेत्र में भवन निर्माण के कार्य में जुटे श्रमिक।
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झांसी। पांच महीने तक लगातार सन्नाटे के आगोश में रहने वाले बाजारों में एक बार फिर से रौनक नजर आने लगी है। भवन निर्माण से संबंधित कामों ने एक बार फिर से रफ्तार पकड़ ली है। कामगारों के हाथों में भी काम की कमी नहीं रही है। इसके साथ ही जल्द ही कारोबार के पहले की तरह पटरी पर लौटने के आसार नजर आने लगे हैं।
कोरोना वायरस के संक्रमण के नियंत्रण के लिए 25 मार्च को लॉकडाउन की घोषणा कर दी गई थी। इसके साथ ही निर्माण कार्य पूरी तरह से ठप पड़ गए थे। कामगारों के हाथ खाली हो गए थे। हालांकि, सरकार की ओर से लॉकडाउन की अवधि में श्रमिकों को सहायता राशि उपलब्ध कराई गई, लेकिन ये नाकाफी साबित हो रही थी। एक जुलाई को अनलॉक की प्रक्रिया शुरू होने के बाद भी निर्माण कार्य जोर नहीं पकड़ पाए थे। लेकिन, दीपावली के नजदीक आते ही एकाएक निर्माण कार्यों ने जोर पकड़ लिया है। महानगर में जगह-जगह नये भवनों के निर्माण और पुरानों की मरम्मत का काम शुरू हो गया है। इसके अलावा रंगाई - पुताई भी शुरू हो गई है। इससे भवन निर्माण सामग्री बालू, सरिया, सीमेंट, ईंट के अलावा टाइल्स, मारबल, पेंट - डिस्टेंपर व अन्य सामग्री की खरीद में तेजी से इजाफा हुआ है। इससे रोजगार भी तेजी से बढ़े हैं। कारोबारी इसे आने वाले दिनों के लिए शुभ संकेत मान रहे हैं।
मंद पड़े कारोबार में एकदम से तेजी आई है। भवन निर्माण के उपयोग में आने वाले सरियों की मांग लगातार बढ़ रही है। आने वाले दिनों में कारोबार के लिए ये बेहद शुभ संकेत है।
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- अशोक अग्रवाल, सरिया व्यापारी
अनलॉक की प्रक्रिया शुरू होने के बाद भी सीमेंट की मांग में कोई खास इजाफा नहीं हुआ था। लेकिन, दिवाली के पास आते ही मांग बढ़ गई है। थमे हुए भवन निर्माण के कार्य फिर से शुरू हो गए हैं।
- प्रमोद गुप्ता, सीमेंट कारोबारी
मांग लगातार बढ़ रही है। मंदी के बादल छंटते नजर आ रहे हैं। पूरी उम्मीद है कि दीपावली तक कारोबार एक बार फिर से लॉकडाउन से पहले की तरह पटरी पर लौट आएगा।
- रोहित अग्रवाल, टाइल्स कारोबारी
काम लगातार बढ़ता जा रहा है। दीपावली से पहले सभी अपने निर्माण कार्य पूरा कराने की तैयारी में हैं। पुराने भवनों की मरम्मत के काम भी अब खूब मिलने लगे हैं। अब हाथ खाली नहीं हैं।
- सुनील कुमार, राज मिस्त्री
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कोरोना वायरस के संक्रमण के नियंत्रण के लिए 25 मार्च को लॉकडाउन की घोषणा कर दी गई थी। इसके साथ ही निर्माण कार्य पूरी तरह से ठप पड़ गए थे। कामगारों के हाथ खाली हो गए थे। हालांकि, सरकार की ओर से लॉकडाउन की अवधि में श्रमिकों को सहायता राशि उपलब्ध कराई गई, लेकिन ये नाकाफी साबित हो रही थी। एक जुलाई को अनलॉक की प्रक्रिया शुरू होने के बाद भी निर्माण कार्य जोर नहीं पकड़ पाए थे। लेकिन, दीपावली के नजदीक आते ही एकाएक निर्माण कार्यों ने जोर पकड़ लिया है। महानगर में जगह-जगह नये भवनों के निर्माण और पुरानों की मरम्मत का काम शुरू हो गया है। इसके अलावा रंगाई - पुताई भी शुरू हो गई है। इससे भवन निर्माण सामग्री बालू, सरिया, सीमेंट, ईंट के अलावा टाइल्स, मारबल, पेंट - डिस्टेंपर व अन्य सामग्री की खरीद में तेजी से इजाफा हुआ है। इससे रोजगार भी तेजी से बढ़े हैं। कारोबारी इसे आने वाले दिनों के लिए शुभ संकेत मान रहे हैं।
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मंद पड़े कारोबार में एकदम से तेजी आई है। भवन निर्माण के उपयोग में आने वाले सरियों की मांग लगातार बढ़ रही है। आने वाले दिनों में कारोबार के लिए ये बेहद शुभ संकेत है।
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- अशोक अग्रवाल, सरिया व्यापारी
अनलॉक की प्रक्रिया शुरू होने के बाद भी सीमेंट की मांग में कोई खास इजाफा नहीं हुआ था। लेकिन, दिवाली के पास आते ही मांग बढ़ गई है। थमे हुए भवन निर्माण के कार्य फिर से शुरू हो गए हैं।
- प्रमोद गुप्ता, सीमेंट कारोबारी
मांग लगातार बढ़ रही है। मंदी के बादल छंटते नजर आ रहे हैं। पूरी उम्मीद है कि दीपावली तक कारोबार एक बार फिर से लॉकडाउन से पहले की तरह पटरी पर लौट आएगा।
- रोहित अग्रवाल, टाइल्स कारोबारी
काम लगातार बढ़ता जा रहा है। दीपावली से पहले सभी अपने निर्माण कार्य पूरा कराने की तैयारी में हैं। पुराने भवनों की मरम्मत के काम भी अब खूब मिलने लगे हैं। अब हाथ खाली नहीं हैं।
- सुनील कुमार, राज मिस्त्री