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कानपुर एनकाउंटर: जन्मदिन के दिन ही शहीद हो गया झांसी का सुल्तान

Sat, 04 Jul 2020 01:39 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Sat, 04 Jul 2020 01:39 AM IST
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constable martyr in his birthday
कानपुर में बदमाशों के साथ हुई मुठभेड़ में शहीद हुए झांसी के भोजला निवासी सिपाही सुल्तान वर्मा अप - फोटो : DEHAT
झांसी। बृहस्पतिवार की रात सिपाही सुल्तान दोस्तों के साथ जन्मदिन मनाकर घर पहुंचे थे। इसी बीच अपराधियों के यहां दबिश देने का फोन आते ही वह तैयार होकर टीम के साथ निकल गए। इसी बीच गोली लगने के बाद वह शहीद हो गए। शहादत की खबर मिलते ही परिवार के साथ-साथ गांव में मातम छा गया। देर रात पार्थिव शरीर भोजला गांव पहुंचा। जहां राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार हुआ।
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थाना सीपरी बाजार के भोजला गांव निवासी सुल्तान सिंह वर्ष 2006 मेें पुलिस विभाग में चयनित हुए थे। बचपन में ही मां का निधन हो जाने के बाद से वह मऊरानीपुर के दमेले मोहल्ले में नाना के साथ रहते थे। यहां से पढ़ाई पूरी पुलिस में भर्ती हुए। यहां के बुंदेलखंड विद्या मंदिर इंटर कालेज से हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की परीक्षा पास की थी। अग्रसेन महाविद्यालय से स्नातक की शिक्षा ग्रहण की। साल 2006 में भर्ती होने के बाद उनकी पहली पोस्टिंग औरेया में हुई थी। इसके बाद कानपुर में पोस्टिंग होने के बाद वह अकेले ही रहते थे। वर्तमान में पत्नी व बेटी उरई में झांसी रोड स्थित राजनगर में मायके में थीं।
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घटना की खबर मिलते ही कोहराम मच गया। पत्नी भी पिता के साथ कानपुर के लिए रवाना हो गईं। परिजनों ने बताया कि वह अपनी पुत्री को डॉक्टर बनाना चाहते थे। शुक्रवार सुबह शहादत की खबर आते ही पूरे गांव में मातम छा गया। खबर मिलते ही लोग घर पहुंचकर सांत्वना देेने में जुटे रहे। अधिकारियों ने भी घर पहुंचकर ढांढस बंधाया।
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अंतिम बार 24 जून को आए थे झांसी
परिजनोें के मुताबिक 23 जून को सुल्तान के चाचा की मृत्यु होने के बाद वह 24 जून को गांव आए थे। यहां दिन भर रुकने के बाद पत्नी व बेटी से भी मिलने उरई गए थे। आखिरी बार मुलाकात होगी, यह उनके घर वालों ने नहीं सोचा था।

नाना वरिष्ठ कांग्रेसी, मामा पालिका के सभासद रहे
सुल्तान सिंह के नाना मोती लाल वरिष्ठ कांग्रेसी नेता व प्रदेश की कैबिनेट मंत्री रहीं बेनिबाई के भाई थे। मोती मेंबर के नाम से लोकप्रिय रहे सुल्तान सिंह के नाना कई वर्षों तक नगरपालिका के सभासद भी रहे। सुल्तान सिंह के मामा अशोक वर्मा भी पालिका के सभासद रहे ।
 

constable martyr in his birthday

constable martyr in his birthday- फोटो : DEHAT

 

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