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ठेकेदार की दतिया ले जाकर हत्या करने की थी साजिश
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ठेकेदार की दतिया ले जाकर हत्या करने की थी साजिश
झांसी। कोतवाली स्थित पीतांबरा इन्क्लेव में शनिवार को ठेकेदार बलवीर प्रजापति (53) की हत्या का पुलिस ने खुलासा करते हुए एक आरोपी को दबोच लिया। उसकी निशानदेही पर थाना सीपरी बाजार क्षेत्र में छिपाकर रखी गई दो लाख छह हजार रुपये की रकम को बरामद भी कर लिया है। बताया गया कि पहले बलवीर को बहाने से दतिया ले जाकर हत्या करने की योजना बनाई गई थी, लेकिन रकम देखकर तीनों की नियत खराब हो गई और बलवीर को पीतांबरा इन्क्लेव स्थित फ्लैट में ही मौत के घाट उतारकर फरार हो गए। पुलिस फरार आरोपियों को दबोचने के लिए दबिश दे रही है।
एसएसपी डॉ. ओपी सिंह व एसपी देहात राहुल मिठास नेे बताया कि शनिवार को थाना कोतवाली के नई बस्ती गोड़ुआ निवासी बलवीर प्रजापति का शव पीतांबरा इन्क्लेव स्थित फ्लैट नंबर छह में खून से लथपथ मिला था। पुलिस ने इस मामले मेें मृतक के पुत्र कपिल ने खंडेराव गेट निवासी अभय अग्रवाल, दिनेश सिंह परिहार व हरियाणा की फरीदाबाद निवासी प्रियंका पर हत्या का आरोप लगाते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोपियों को दबोचने के लिए टीमें गठित कर दी गईं थीं। बुधवार को कोेतवाली प्रभारी निरीक्षक देवेंद्र कुमार द्विवेदी व स्वॉट टीम प्रभारी जितेंद्र सिंह तक्खर ने अपनी-अपनी टीम के साथ मानिक चौक स्थित टकसाल निवासी अभय अग्रवाल को ग्वालियर रोड रेलवे क्रॉसिंग के पास से धर दबोचा।
आरोपी से की गई पूछताछ में पता चला कि मृतक बलवीर, आरोपी प्रियंका, उसके पति हंसराज व अभय अग्रवाल की अच्छी दोस्ती थी। बलवीर ने एक व्यक्ति के जरिए पीतांबरा इन्क्लेव में एक फ्लैैट का एग्रीमेंट करा लिया था, जिसकी रजिस्ट्री होना शेष थी। इसके बाद से फ्लैट की देखरेख अभय अग्रवाल करने लगा औैर समय-समय पर तीनों फ्लैट में आने लगे। जहां बलवीर ने सभी के सामने रजिस्ट्री की बात कही। उसने कहा कि जल्द ही वह फ्लैैट की रजिस्ट्री कराएगा, इसमें करीब 16-17 लाख रुपये खर्च आएगा। रकम सुनकर तीनों के मन में लालच आ गया। इसी बीच तीनों ने बलवीर को दतिया ले जाकर हत्या की साजिश तैयार की। अभी तीनों अपनी साजिश में कामयाब हो पाते, तभी बलवीर रजिस्ट्री कराने के लिए 17 अगस्त को घर से रकम लेने के बाद फ्लैैट पहुंचा। जहां बैग में रकम देखकर फ्लैट पर मौजूद तीनों की नियत खराब हो गई। इसी दौैरान इशारों-इशारों में साजिश रचकर हथौड़े से हमला कर उसे मौत के घाट उतार दिया। इसके बाद आनन-फानन में रकम उठाई और ढाई लाख रुपये अभय को देने के बाद दोनों लोग स्कूटी उठाकर स्टेशन होते भाग निकले। बुधवार को पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया, जहां उसकी निशानदेही पर थाना सीपरी बाजार स्थित नयागांव निवासी पूजा कुशवाहा के मकान में रखे दो लाख छह हजार रुपये बरामद कर लिए। खुलासे में सीओ सिटी जितेंद्र सिंह परिहार व सीओ देहात संग्राम सिंह मौजूद रहे। पकड़ने वाली टीम में निरीक्षक रवींद्र कुमार त्रिपाठी, नई बस्ती चौकी इंचार्ज प्रमोद कुमार तिवारी, विक्रम सिंह, राकेश कुमार व अंजुल यादव भी मौजूद थे।
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रकम से खरीदा था नया मोबाइल
अभय के पार्स आई रकम से उसने तत्काल एक नया मोबाइल खरीदा, ताकि फरार आरोपियों से लगातार संपर्क में रहकर जानकारी दी जा सके। भागने वाले दोनों आरोपी अपने साथ अभय को इसीलिए नहीं ले गए थे, ताकि पुलिस व परिजन की हर गतिविधि की जानकारी मिलती रहे। उसने ही बलबीर को खोजने में परिजनों की मदद की। आखिरकार पुलिस ने उसे दबोच लिया, जहां उसने पुलिस को एक-एक कर जानकारियां दीं।
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झांसी। कोतवाली स्थित पीतांबरा इन्क्लेव में शनिवार को ठेकेदार बलवीर प्रजापति (53) की हत्या का पुलिस ने खुलासा करते हुए एक आरोपी को दबोच लिया। उसकी निशानदेही पर थाना सीपरी बाजार क्षेत्र में छिपाकर रखी गई दो लाख छह हजार रुपये की रकम को बरामद भी कर लिया है। बताया गया कि पहले बलवीर को बहाने से दतिया ले जाकर हत्या करने की योजना बनाई गई थी, लेकिन रकम देखकर तीनों की नियत खराब हो गई और बलवीर को पीतांबरा इन्क्लेव स्थित फ्लैट में ही मौत के घाट उतारकर फरार हो गए। पुलिस फरार आरोपियों को दबोचने के लिए दबिश दे रही है।
एसएसपी डॉ. ओपी सिंह व एसपी देहात राहुल मिठास नेे बताया कि शनिवार को थाना कोतवाली के नई बस्ती गोड़ुआ निवासी बलवीर प्रजापति का शव पीतांबरा इन्क्लेव स्थित फ्लैट नंबर छह में खून से लथपथ मिला था। पुलिस ने इस मामले मेें मृतक के पुत्र कपिल ने खंडेराव गेट निवासी अभय अग्रवाल, दिनेश सिंह परिहार व हरियाणा की फरीदाबाद निवासी प्रियंका पर हत्या का आरोप लगाते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोपियों को दबोचने के लिए टीमें गठित कर दी गईं थीं। बुधवार को कोेतवाली प्रभारी निरीक्षक देवेंद्र कुमार द्विवेदी व स्वॉट टीम प्रभारी जितेंद्र सिंह तक्खर ने अपनी-अपनी टीम के साथ मानिक चौक स्थित टकसाल निवासी अभय अग्रवाल को ग्वालियर रोड रेलवे क्रॉसिंग के पास से धर दबोचा।
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आरोपी से की गई पूछताछ में पता चला कि मृतक बलवीर, आरोपी प्रियंका, उसके पति हंसराज व अभय अग्रवाल की अच्छी दोस्ती थी। बलवीर ने एक व्यक्ति के जरिए पीतांबरा इन्क्लेव में एक फ्लैैट का एग्रीमेंट करा लिया था, जिसकी रजिस्ट्री होना शेष थी। इसके बाद से फ्लैट की देखरेख अभय अग्रवाल करने लगा औैर समय-समय पर तीनों फ्लैट में आने लगे। जहां बलवीर ने सभी के सामने रजिस्ट्री की बात कही। उसने कहा कि जल्द ही वह फ्लैैट की रजिस्ट्री कराएगा, इसमें करीब 16-17 लाख रुपये खर्च आएगा। रकम सुनकर तीनों के मन में लालच आ गया। इसी बीच तीनों ने बलवीर को दतिया ले जाकर हत्या की साजिश तैयार की। अभी तीनों अपनी साजिश में कामयाब हो पाते, तभी बलवीर रजिस्ट्री कराने के लिए 17 अगस्त को घर से रकम लेने के बाद फ्लैैट पहुंचा। जहां बैग में रकम देखकर फ्लैट पर मौजूद तीनों की नियत खराब हो गई। इसी दौैरान इशारों-इशारों में साजिश रचकर हथौड़े से हमला कर उसे मौत के घाट उतार दिया। इसके बाद आनन-फानन में रकम उठाई और ढाई लाख रुपये अभय को देने के बाद दोनों लोग स्कूटी उठाकर स्टेशन होते भाग निकले। बुधवार को पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया, जहां उसकी निशानदेही पर थाना सीपरी बाजार स्थित नयागांव निवासी पूजा कुशवाहा के मकान में रखे दो लाख छह हजार रुपये बरामद कर लिए। खुलासे में सीओ सिटी जितेंद्र सिंह परिहार व सीओ देहात संग्राम सिंह मौजूद रहे। पकड़ने वाली टीम में निरीक्षक रवींद्र कुमार त्रिपाठी, नई बस्ती चौकी इंचार्ज प्रमोद कुमार तिवारी, विक्रम सिंह, राकेश कुमार व अंजुल यादव भी मौजूद थे।
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रकम से खरीदा था नया मोबाइल
अभय के पार्स आई रकम से उसने तत्काल एक नया मोबाइल खरीदा, ताकि फरार आरोपियों से लगातार संपर्क में रहकर जानकारी दी जा सके। भागने वाले दोनों आरोपी अपने साथ अभय को इसीलिए नहीं ले गए थे, ताकि पुलिस व परिजन की हर गतिविधि की जानकारी मिलती रहे। उसने ही बलबीर को खोजने में परिजनों की मदद की। आखिरकार पुलिस ने उसे दबोच लिया, जहां उसने पुलिस को एक-एक कर जानकारियां दीं।