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कामगारों को रोजगार व सम्मान देने के लिए बना आयोग
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विधायक राजीव सिंह पारीछा।
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झांसी। उत्तर प्रदेश कामगार और श्रमिक (सेवायोजन एवं रोजगार) आयोग के नामित सदस्य व विधायक राजीव सिंह पारीछा ने बताया कि कामगारों को अब दूसरे राज्यों में काम के लिए भटकना नहीं होगा। मुख्यमंत्री ने इस आयोग का गठन सूबे के कामगारों को रोजगार और सम्मान देने के लिए किया है। यह एक उच्च स्तरीय संस्था है, जिसका उद्देश्य सरकारी व गैर सरकारी क्षेत्र में ज्यादा से ज्यादा रोजगार के अवसर सृजित कर कामगारों व श्रमिकों को उनकी दक्षता के अनुरूप रोजगार मुहैया कराना है।
कोरोना महामारी के बाद सरकार को पता लगा कि प्रदेश में लाखों कामगार व श्रमिक हैं, जो दूसरे राज्यों में काम कर रहे हैं। उनमें अधिकांश का कोई लेखा जोखा सरकार के पास नहीं है। ऐसे कामगार व श्रमिकों को उनके हुनर के ही हिसाब से काम मिल सके, इसके लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश कामगार और श्रमिक (सेवायोजन एवं रोजगार) आयोग का गठन किया है। इसके अध्यक्ष कैबिनेट मंत्री होंगे। साथ ही आयोग में सात सदस्य नामित किए गए हैं, जिनमें एक बबीना विधायक राजीव सिंह पारीछा हैं।
अमर उजाला से बातचीत में उन्होंने बताया कि अभी तक दूसरे राज्य में काम करने वाले किसी कामगार या श्रमिक के साथ कोई दुर्घटना हो जाती थी तो इस बात का पता ही नहीं लगता था। ऐसे में परिवार को मालूम ही नहीं रहता था कि वह मदद के लिए कहां जाए। जब उनका लेखा जोखा जिले में होगा, तो उनकी हर संभव मदद करना आसान हो जाएगा। श्रम विभाग जल्द ही सभी जिलों में काउंटर लगाकर कामगार व श्रमिकों को उनके हुनर के हिसाब से पंजीकृत करने का काम करेगा। व्यवस्था की जा रही है कि उनको उनके हुनर के हिसाब से प्रदेश में काम मिल सके। आयोग का उद्देश्य कामगार व श्रमिकों को एक मंच पर लाना है। ताकि उनको भटकना न पड़े और एक ही जगह रहकर सम्मान के साथ रोजगार कर सकें।
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कोरोना महामारी के बाद सरकार को पता लगा कि प्रदेश में लाखों कामगार व श्रमिक हैं, जो दूसरे राज्यों में काम कर रहे हैं। उनमें अधिकांश का कोई लेखा जोखा सरकार के पास नहीं है। ऐसे कामगार व श्रमिकों को उनके हुनर के ही हिसाब से काम मिल सके, इसके लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश कामगार और श्रमिक (सेवायोजन एवं रोजगार) आयोग का गठन किया है। इसके अध्यक्ष कैबिनेट मंत्री होंगे। साथ ही आयोग में सात सदस्य नामित किए गए हैं, जिनमें एक बबीना विधायक राजीव सिंह पारीछा हैं।
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अमर उजाला से बातचीत में उन्होंने बताया कि अभी तक दूसरे राज्य में काम करने वाले किसी कामगार या श्रमिक के साथ कोई दुर्घटना हो जाती थी तो इस बात का पता ही नहीं लगता था। ऐसे में परिवार को मालूम ही नहीं रहता था कि वह मदद के लिए कहां जाए। जब उनका लेखा जोखा जिले में होगा, तो उनकी हर संभव मदद करना आसान हो जाएगा। श्रम विभाग जल्द ही सभी जिलों में काउंटर लगाकर कामगार व श्रमिकों को उनके हुनर के हिसाब से पंजीकृत करने का काम करेगा। व्यवस्था की जा रही है कि उनको उनके हुनर के हिसाब से प्रदेश में काम मिल सके। आयोग का उद्देश्य कामगार व श्रमिकों को एक मंच पर लाना है। ताकि उनको भटकना न पड़े और एक ही जगह रहकर सम्मान के साथ रोजगार कर सकें।
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