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सीएम से मुलाकात नहीं हुई तो धरना देंगे पार्षद
amarujala
Updated Thu, 10 May 2018 12:42 AM IST
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- फोटो : demo
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महापौर और पार्षदों के अधिकार बढ़ाने के लिए 74 वां संविधान संशोधन लागू करने की मांग जोर पकड़ती जा रही है। पहले प्रदेश भर के 12 महापौर ने राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष आनंद मिश्रा से मुलाकात कर मांग रखी थी, अब पार्षद 15 मई को लखनऊ जाएंगे और मुख्यमंत्री से मुलाकात करेंगे। यदि मुलाकात नहीं हो सकी तो विधानसभा भवन के सामने धरना देंगे।
निकाय चुनाव से पहले 74 वां संविधान संशोधन लागू करने की मांग उठी थी। भारतीय जनता पार्टी की केंद्र और प्रदेश में सरकार होने के बाद माना जा रहा था कि संविधान में संशोधन हो जाएगा, परंतु सरकार का गठन होने के एक साल बाद भी अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। भारतीय जनता पार्टी का मानना था कि प्रदेश में दूसरे दलों की सरकारें रही हैं और निकायों में भाजपा का बहुमत रहा है, इसलिए सरकारों ने जानबूझकर इस मुद्दे को लटकाए रखा है। लेकिन, अब प्रदेश में भाजपा की सरकार बन जाने के बाद उन्हें उम्मीद है कि संविधान संशोधन लागू हो जाएगा।
बुधवार को विभिन्न दलों के 32 पार्षदों ने नगर निगम में बैठक कर निर्णय लिया कि 15 मई की सुबह चार बजे लखनऊ के लिए रवाना होंगे। वहां पर मुख्यमंत्री से मुलाकात करेंगे, यदि मुलाकात नहीं हुई तो पार्षद विधानसभा भवन के सामने धरना देंगे। बता दें कि इससे पहले प्रदेश के 12 महापौरों ने वित्त आयोग के अध्यक्ष और नगर विकास मंत्री सुरेश खन्ना से मुलाकात की थी। उन्होंने कमेटी गठित करने का आश्वासन दिया था, लेकिन अभी तक इस पर कोई काम नहीं हुआ है।
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यह अधिकार मिलेंगे
74 वां संविधान संशोधन विधेयक लागू हो जाने के बाद पार्षदों की सहमति पर महापौर निकायों में नियुक्तियाें पर सहमति दे सकते हैं। जिला नगरीय विकास अभिकरण के वित्तीय अधिकारों में दखल दे सकेंगे। नगर निगम के कार्यों में सुझाव देंगे, जिन पर नगर निगम प्रशासन को अमल करना होगा।
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निकाय चुनाव से पहले 74 वां संविधान संशोधन लागू करने की मांग उठी थी। भारतीय जनता पार्टी की केंद्र और प्रदेश में सरकार होने के बाद माना जा रहा था कि संविधान में संशोधन हो जाएगा, परंतु सरकार का गठन होने के एक साल बाद भी अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। भारतीय जनता पार्टी का मानना था कि प्रदेश में दूसरे दलों की सरकारें रही हैं और निकायों में भाजपा का बहुमत रहा है, इसलिए सरकारों ने जानबूझकर इस मुद्दे को लटकाए रखा है। लेकिन, अब प्रदेश में भाजपा की सरकार बन जाने के बाद उन्हें उम्मीद है कि संविधान संशोधन लागू हो जाएगा।
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बुधवार को विभिन्न दलों के 32 पार्षदों ने नगर निगम में बैठक कर निर्णय लिया कि 15 मई की सुबह चार बजे लखनऊ के लिए रवाना होंगे। वहां पर मुख्यमंत्री से मुलाकात करेंगे, यदि मुलाकात नहीं हुई तो पार्षद विधानसभा भवन के सामने धरना देंगे। बता दें कि इससे पहले प्रदेश के 12 महापौरों ने वित्त आयोग के अध्यक्ष और नगर विकास मंत्री सुरेश खन्ना से मुलाकात की थी। उन्होंने कमेटी गठित करने का आश्वासन दिया था, लेकिन अभी तक इस पर कोई काम नहीं हुआ है।
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यह अधिकार मिलेंगे
74 वां संविधान संशोधन विधेयक लागू हो जाने के बाद पार्षदों की सहमति पर महापौर निकायों में नियुक्तियाें पर सहमति दे सकते हैं। जिला नगरीय विकास अभिकरण के वित्तीय अधिकारों में दखल दे सकेंगे। नगर निगम के कार्यों में सुझाव देंगे, जिन पर नगर निगम प्रशासन को अमल करना होगा।