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मेडिकल कॉलेज में सभी जांचें शुरू, मरीजों के दर्द को मिला मरहम

Wed, 27 Nov 2019 12:33 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Wed, 27 Nov 2019 12:33 AM IST
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clinical investigation starts in medical collage
झांसी। महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज के रेडियोलॉजी विभाग में सभी जांचें शुरू हो गईं हैं। इससे मरीजों को बड़ी राहत मिली है। कई मरीजों तो महीनों से मशीन सुधरने का इंतजार कर रहे थे। पैसे न होने की वजह से वह निजी केंद्रों पर जांच नहीं करा पा रहे थे। जब अमर उजाला ने इस जनसमस्या को उठाकर लगातार प्रमुखता से खबरें प्रकाशित कीं तब जाकर रेडियोलॉजी विभाग पटरी पर आया।
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मेडिकल कॉलेज के रेडियोलॉजी विभाग की व्यवस्था बुरी तरह बेपटरी हो चुकी थी। डिजिटल एक्सरे मशीन 25 जुलाई से खराब पड़ी थी। ये मशीन इस साल लगभग 130 दिन खराब रही। वहीं, एमआरआई बीते 26 सितंबर से खराब थी। ये मशीन पूरे साल में लगभग 80 दिन खराब रही। इसके अलावा सीटी स्कैन सात नवंबर से खराब पड़ी थी। यह जांच लगभग 50 दिन ठप रही। इस साल तीनों मशीनें खराब होने की वजह से मरीज औसतन एक करोड़ 22 लाख 70 हजार रुपये की जांचें निजी केंद्रों से करा चुके थे।
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रेडियोलॉजी विभाग की मशीनें खराब होने का मामला अमर उजाला लगातार उठा रहा था। 20 नवंबर से अमर उजाला ने इसे अभियान के रूप में लेते हुए लगातार खबरें प्रकाशित करनी शुरू कीं तो यह शासन स्तर तक पहुंचा। इसके बाद एक के बाद एक मशीनें सुधरनी शुरू हो गईं। मौजूदा समय में मेडिकल कॉलेज के रेडियोलॉजी विभाग में एमआरआई, सीटी स्कैन और डिजिटल एक्सरे तीनों मशीन सुधर गई हैं। इससे मरीजों को बड़ी राहत मिली है। जांचें कराने के लिए विभाग में मरीजों की भारी भीड़ भी उमड़ रही है। कई मरीज तो ऐसे आ रहे हैं, जिनकी आर्थिक स्थिति इतनी खराब थी कि वो निजी केंद्रों से जांच नहीं करा पाए। वह मेडिकल कॉलेज की मशीन सुधरने की आस लगाए बैठे थे।
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मरीज बोले
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अपने नाती की एमआरआई जांच कराने के लिए आई हूं। दो महीने पहले भी आई थी लेकिन मशीन खराब चल रही थी। जब जानकारी मिली कि मशीन सुधर गई है, तो आज आकर रियायती दरों पर जांच कराई।
- पुष्पा, खोड़न।
मेडिकल कॉलेज के ओपीडी में दिखाने के बाद डॉक्टर ने रेडियोलॉजी विभाग में जाकर सीटी स्कैन कराने के लिए कहा था। विभाग में मशीन ठीक हो गई है। इससे मरीजों ने काफी चैन की सांस ली है।
- सुनील कुमार, पाल कॉलोनी।
अपने भाई का एमआरआई कराने के लिए मेडिकल कॉलेज आया हूं। यहां निजी केंद्रों की तुलना में सस्ती जांच होती है। इससे गरीबों का पैसा बचता है। बाहर से जांच कराना गरीबों के बस में नहीं है।

- श्याम स्वरूप, राठ।
मेडिकल कॉलेज में एमआरआई जांच कराने के लिए आया हूं। जांच हो भी गई है। अच्छा हुआ कि यहां मशीन ठीक हो गई है, वरना प्राइवेट सेंटरों से जांच कराने पर काफी पैसा खर्च हो जाता।
- अब्दुल इसरार, पुलिया नंबर नौ।
दरों में काफी अंतर
जांच मेडिकल कॉलेज निजी केंद्र
डिजिटल एक्सरे 115 300
सीटी स्कैन 600/1000 1800/2500
एमआरआई 2000 5000
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