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बच्चों को बर्बाद कर रहे रियलिटी शो

Mon, 23 Nov 2015 01:32 AM IST
Updated Mon, 23 Nov 2015 01:32 AM IST
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Children are doomed reality show
झांसी। फिल्म अभिनेता अंजन श्रीवास्तव ने ‘अमर उजाला’ से खास बातचीत में कहा कि मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और बिहार के लोग भी अब अपने बच्चों को पढ़ाने की बजाए रियलिटी शो पर देखना पसंद करते हैं। पहले ऐसा नहीं था। उन्होंने कहा कि रियलिटी शो बच्चों को बर्बाद कर रहे हैं। इसलिए वह खुद कभी किसी रियलिटी शो का हिस्सा नहीं बने।
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बुंदेलखंड विश्वविद्यालय में चल रहे 31वें अंतर विश्वविद्यालय सेंट्रल जोन यूथ फेस्टिवल के चौथे दिन कल्चरल इवनिंग में बतौर मुख्य अतिथि शिरकत करने आए अभिनेता ने कहा कि साहित्य समाज का दर्पण होता है। इसलिए साहित्य पर पर्दा नहीं डालना चाहिए। समाज में जो चल रहा होता है, साहित्य वही सामने लाता है।
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उन्होंने कहा कि यदि एक्टर जमीन पर नहीं रहेगा तो खत्म हो जाएगा। मौजूदा समय के गानों के कल्चर पर उनके चेहरे पर निराशा दिखी। उन्होंने कहा कि अब म्यूजिक बदल गया है, लेकिन यह कहना गलत होगा कि समय के हिसाब से खराब हो गया है। बदलाव समय की मांग है।
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अच्छी स्क्रिप्ट की बजाए सिर्फ सुपरस्टार्स के नाम पर ही फिल्में हिट होने संबंधी सवाल पर वह बोले कि पहले भी अशोक कुमार, राजेश खन्ना के नाम पर फिल्में हिट होती आईं हैं। उन्होंने कहा कि रोमांटिक फेस हिंदुस्तान का नियम है। बॉलीवुड में ‘पुरुष प्रधान’ की मानसिकता खत्म होने के बाबत उन्होंने कहा कि समय के बदलाव के साथ-साथ अब हीरोइनें भी लीड रोल में आने लगी हैं। यह अच्छी बात है।

48 साल किया थिएटर
अंजन श्रीवास्तव ने बताया कि 1968 में उन्होंने थिएटर शुरू किया था। इसके बाद उन्हें करीब 48 साल थिएटर करते हो गए। अभिनय के लिहाज से इपटा ज्वाइन करना बहुत फायदेमंद रहा। उन्होंने कहा कि ब्लड प्रेशर, डायबिटीज की समस्या होने से अब उन्होंने सीरियल करना बंद कर दिया है।


आतंकवाद रोकने के कारणों पर नहीं ध्यान
बीयूआईसी में हुई पत्रकार वार्ता के दौरान अंजन सभी मुद्दों पर खुलकर बोले। उन्होंने कहा कि अमेरिका एक तरफ खुद ही हथियार सप्लाई कर रहा है और दूसरी तरफ आतंकवाद रोकने की बात करता है। आतंकवाद पर शोर बहुत होता है, लेकिन उसे रोकने के कारणों पर कोई ध्यान नहीं देता। एजूकेशन सिस्टम सुधारने की वकालत करते हुए उन्होंने कहा कि निरक्षरता खत्म करने से अधिकतर समस्याएं दूर हो जाएंगी। असहिष्णुता पर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि इस पर पॉलिटिकल खेल नहीं होना चाहिए।
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