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स्वच्छता सर्वेक्षण में नंबर एक पर पहुंचाएंगे बच्चे
Thu, 10 Jan 2019 12:56 AM IST
देवेंद्र कुमार
jhansi
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Published by: देवेंद्र कुमार
Updated Thu, 10 Jan 2019 12:56 AM IST
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swachhata servery
- फोटो : demo
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स्वच्छता सर्वेक्षण शुरू हो गया है। स्वच्छता टीमें स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों से स्वच्छता को लेकर सवाल पूछ सकती हैं। इसलिए विद्यालयों के बच्चों को सवालों के माध्यम से जागरूक किया जा रहा है। बुधवार को लक्ष्मी व्यायाम मंदिर के छात्रों को स्वच्छता के संबंध में जानकारी दी गई।
स्वच्छता का आकलन करने वाली टीमें कभी भी महानगर में डेरा डाल सकती हैं। सर्वे में सफाई को लेकर नंबर दिए जाएंगे। महानगर को नंबर वन पर पहुंचाना सबसे बड़ी चुनौती है। इसमें डोर टू डोर कचरा कलेक्शन हो रहा है या नहीं, सूखा और गीला कचरा अलग- अलग किया जा रहा है या नहीं, नियमित सफाई हो रही है या नहीं, इन बिदुओं पर नंबर तो मिलेंगे ही। इसके अलावा सिटीजन फीडबैक (नागरिक प्रतिक्रिया) इस सर्वेक्षण का मुख्य अंग है। इसमें स्वच्छता सर्वे कर रहीं टीमें आम लोगों से मिलेंगी और उनसे सात सवाल पूछेंगी। इन्हीं सात सवालों के आधार पर 850 नंबर दिए जाएंगे।
इन सवालों के प्रति बच्चों को जागरूक करने के लिए एलवीएम के दो सौ बच्चों को स्वच्छता जागरूकता के सवालों के बारे में बताया। अपर नगर आयुक्त अरुण कुमार गुप्ता ने बताया कि बच्चों को स्वच्छता के बारे में जागरूक किया जा रहा है। बच्चे यदि सफाई की अहमियत समझेंगे तो इसका व्यापक असर पड़ेगा।
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यह होंगे सात सवाल
- स्वच्छता सर्वेक्षण करने आने वाली टीम पूछेगी कि क्या आप जानते हैं कि आपका शहरी स्थानीय निकाय (झांसी) स्वच्छ सर्वेक्षण- 2019 में भाग ले रहा है? यदि हां जवाब दिया तो 125 नंबर और नहीं जवाब दिया तो शून्य नंबर मिलेंगे।
- क्या आप अपने शहर में स्वच्छता स्तर से संतुष्ट हैं? यदि हां तो 125 नंबर और नहीं, लेकिन पिछले साल की तुलना में बेहतर है तो 100 नंबर और कोई बदलाव नहीं तो 50 नंबर मिलेंगे।
- क्या आप आसानी से वाणिज्यिक और सार्वजनिक क्षेत्रों में कूड़ेदान डिब्बे खोज सकते हैं? यदि हां जवाब दिया तो 125 नंबर और कचरा भरा हुआ या कचरा गिरा हुआ तो 70 नंबर, ज्यादा नहीं तो 30 नंबर और ज्यादा नहीं तो शून्य नंबर मिलेंगे।
- क्या कचरा इकट्ठा करने वाले आपसे गीला और सूखा कचरा अलग- अलग देने के लिए कहते हैं? यदि हां जवाब दिया तो 125 नंबर और नहीं तो शून्य नंबर मिलेंगे।
- क्या आप जानते हैं कि आपका कचरा इकट्ठा होने के बाद कहां जाता है? यदि हां जवाब तो 100 नंबर और नहीं तो शून्य नंबर दिए जाएंगे।
- क्या सामुदायिक / सार्वजनिक शौचालय अब अधिक साफ और सुलभ है? यदि जवाब हां में दिया तो 125 नंबर और नहीं जवाब दिया तो शून्य नंबर दिए जाएंगे।
- क्या आप अपने शहर की ओडीएफ (खुले में शौच) की स्थिति जानते हैं? यदि जवाब हां दिया तो 125 और नहीं दिया तो शून्य नंबर दिए जाएंगे।
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स्वच्छता का आकलन करने वाली टीमें कभी भी महानगर में डेरा डाल सकती हैं। सर्वे में सफाई को लेकर नंबर दिए जाएंगे। महानगर को नंबर वन पर पहुंचाना सबसे बड़ी चुनौती है। इसमें डोर टू डोर कचरा कलेक्शन हो रहा है या नहीं, सूखा और गीला कचरा अलग- अलग किया जा रहा है या नहीं, नियमित सफाई हो रही है या नहीं, इन बिदुओं पर नंबर तो मिलेंगे ही। इसके अलावा सिटीजन फीडबैक (नागरिक प्रतिक्रिया) इस सर्वेक्षण का मुख्य अंग है। इसमें स्वच्छता सर्वे कर रहीं टीमें आम लोगों से मिलेंगी और उनसे सात सवाल पूछेंगी। इन्हीं सात सवालों के आधार पर 850 नंबर दिए जाएंगे।
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इन सवालों के प्रति बच्चों को जागरूक करने के लिए एलवीएम के दो सौ बच्चों को स्वच्छता जागरूकता के सवालों के बारे में बताया। अपर नगर आयुक्त अरुण कुमार गुप्ता ने बताया कि बच्चों को स्वच्छता के बारे में जागरूक किया जा रहा है। बच्चे यदि सफाई की अहमियत समझेंगे तो इसका व्यापक असर पड़ेगा।
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यह होंगे सात सवाल
- स्वच्छता सर्वेक्षण करने आने वाली टीम पूछेगी कि क्या आप जानते हैं कि आपका शहरी स्थानीय निकाय (झांसी) स्वच्छ सर्वेक्षण- 2019 में भाग ले रहा है? यदि हां जवाब दिया तो 125 नंबर और नहीं जवाब दिया तो शून्य नंबर मिलेंगे।
- क्या आप अपने शहर में स्वच्छता स्तर से संतुष्ट हैं? यदि हां तो 125 नंबर और नहीं, लेकिन पिछले साल की तुलना में बेहतर है तो 100 नंबर और कोई बदलाव नहीं तो 50 नंबर मिलेंगे।
- क्या आप आसानी से वाणिज्यिक और सार्वजनिक क्षेत्रों में कूड़ेदान डिब्बे खोज सकते हैं? यदि हां जवाब दिया तो 125 नंबर और कचरा भरा हुआ या कचरा गिरा हुआ तो 70 नंबर, ज्यादा नहीं तो 30 नंबर और ज्यादा नहीं तो शून्य नंबर मिलेंगे।
- क्या कचरा इकट्ठा करने वाले आपसे गीला और सूखा कचरा अलग- अलग देने के लिए कहते हैं? यदि हां जवाब दिया तो 125 नंबर और नहीं तो शून्य नंबर मिलेंगे।
- क्या आप जानते हैं कि आपका कचरा इकट्ठा होने के बाद कहां जाता है? यदि हां जवाब तो 100 नंबर और नहीं तो शून्य नंबर दिए जाएंगे।
- क्या सामुदायिक / सार्वजनिक शौचालय अब अधिक साफ और सुलभ है? यदि जवाब हां में दिया तो 125 नंबर और नहीं जवाब दिया तो शून्य नंबर दिए जाएंगे।
- क्या आप अपने शहर की ओडीएफ (खुले में शौच) की स्थिति जानते हैं? यदि जवाब हां दिया तो 125 और नहीं दिया तो शून्य नंबर दिए जाएंगे।