{"_id":"f7279d86fb142a4a3c60368a74e27a02","slug":"chc-will-make-in-ranipur-and-baruasagar-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"रानीपुर, बरुआसागर में बनेगा सीएचसी ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रानीपुर, बरुआसागर में बनेगा सीएचसी
ब्यूरो
Updated Mon, 26 Oct 2015 01:39 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
झांसी। स्वास्थ्य विभाग जल्द ही रानीपुर और बरुआसागर में नए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बनवाएगा, इसके लिए शासन ने स्वीकृति दे दी है। विभाग ने कार्यदायी संस्था का भी चयन कर लिया है। सीएचसी के लिए जमीन की तलाश की जा रही है।
गौरतलब है कि रानीपुर और बरुआसागर में मौजूदा समय में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बने हुए हैं। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के लिए सवा एकड़ जबकि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हेतु ढाई एकड़ जमीन की आवश्यकता होती है। इसलिए यह भी संभावना तलाशी जा रही है कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की बिल्डिंग को ही तीन मंजिला बनाकर वहां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का निर्माण करा दिया जाए।
सीएमओ डॉ. विनोद कुमार यादव ने बताया कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बनने के बाद दोनों क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं बढ़ जाएंगी। पीएचसी होने के चलते अभी यहां चार बेड हैं, सीएचसी बनने के बाद इनकी संख्या तीस हो जाएगी। इसके अलावा कम से कम पांच स्पेशलिस्ट और दो मेडिकल ऑफिसर की पोस्ट सैंक्शन होंगी।
विज्ञापन
वहीं, एक्सरे मशीन, डेंटल चेयर की सुविधा, स्टाफ नर्स, लैब टेक्नीशियन, फार्मासिस्ट आदि स्टाफ की वृद्धि होगी। रोगी कल्याण समिति का भी गठन होगा, जिसके अंतर्गत सालाना डेढ़ लाख रुपये का बजट मिलेगा। इससे रोगी की सुविधाओं के लिए संसाधन, दवाई आदि की खरीद की जा सकेगी।
विज्ञापन
गौरतलब है कि रानीपुर और बरुआसागर में मौजूदा समय में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बने हुए हैं। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के लिए सवा एकड़ जबकि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हेतु ढाई एकड़ जमीन की आवश्यकता होती है। इसलिए यह भी संभावना तलाशी जा रही है कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की बिल्डिंग को ही तीन मंजिला बनाकर वहां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का निर्माण करा दिया जाए।
विज्ञापन
सीएमओ डॉ. विनोद कुमार यादव ने बताया कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बनने के बाद दोनों क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं बढ़ जाएंगी। पीएचसी होने के चलते अभी यहां चार बेड हैं, सीएचसी बनने के बाद इनकी संख्या तीस हो जाएगी। इसके अलावा कम से कम पांच स्पेशलिस्ट और दो मेडिकल ऑफिसर की पोस्ट सैंक्शन होंगी।
विज्ञापन
वहीं, एक्सरे मशीन, डेंटल चेयर की सुविधा, स्टाफ नर्स, लैब टेक्नीशियन, फार्मासिस्ट आदि स्टाफ की वृद्धि होगी। रोगी कल्याण समिति का भी गठन होगा, जिसके अंतर्गत सालाना डेढ़ लाख रुपये का बजट मिलेगा। इससे रोगी की सुविधाओं के लिए संसाधन, दवाई आदि की खरीद की जा सकेगी।