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ट्रेनों में फिर बढ़ गईं चेन पुलिंग की घटनाएं
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झांसी। कोरोना काल में ट्रेनों की संख्या बढ़ते ही चेन पुलिंग की घटनाएं बढ़ने लगीं हैं। प्रतिदिन छह से आठ चेन पुलिंग के मामले सामने आने लगे हैं। अप्रैल से 18 अगस्त के बीच मंडल में चेन पुलिंग करने पर 375 लोगों पर कार्रवाई की गई। आरोपियों से 2.16 लाख रुपये जुर्माना वसूल किया गया।
चेन पुलिंग ट्रेनों के देर होने का एक प्रमुख कारण है। इससे रेलवे को लाखों का नुकसान होता है। रेलवे एक्ट 1989 की धारा 141 के तहत चेन पुलिंग का उचित कारण न होने पर पकड़े जाने आरोपी पर अधिकतम एक हजार रुपये का जुर्माना या एक साल तक की कैद का प्रावधान है। नियमित ट्रेनों के संचालन के वक्त चेन पुलिंग की बढ़ती घटनाओं ने आरपीएफ की चिंता बढ़ा दी थी। प्रतिदिन मंडल में 15 से 20 घटनाएं चेन पुलिंग की हो रहीं थीं। सबसे ज्यादा दैनिक यात्री चेन पुलिंग करते थे। चूंकि, इसकी रिपोर्ट प्रतिदिन रेलवे बोर्ड तक भेजनी पड़ती है इस कारण आरपीएफ अफसर परेशान थे।
कोरोना काल में जब ट्रेनों का दोबारा संचालन शुरू हुआ तो चेन पुलिंग की घटनाओं में एकदम कमी आ गई। प्रतिदिन 24 घंटे के दौरान दो या तीन ही घटनाएं सामने आ रही थीं। मगर अब ट्रेनों की संख्या बढ़ते ही चेन पुलिंग की घटनाएं बढ़ने लगीं हैं। इस संबंध में आरपीएफ कमांडेंट आलोक कुमार ने बताया कि ट्रेनों के अंदर बिना किसी युक्तसंगत कारण के चेन पुलिंग करना सामाजिक बुराई के साथ- साथ अपराध है। ऐसी घटनाएं न बढ़े, इसके लिए सुरक्षा एजेंसियां सतर्क रहतीं हैं।
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यह हैं उचित कारण
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- चलती ट्रेन से कोई गिर जाए।
- ट्रेन में कोई खराबी आ जाए।
- साथ का कोई ट्रेन में चढ़ न पाए।
- ट्रेन चल दे और सामान छूट जाए।
- अचानक किसी मुसाफिर की तबीयत बिगड़ जाए।
- ट्रेन में आग लग जाए।
- बुजुर्ग या दिव्यांग यात्री साथ हो और उन्हें ट्रेन में बैठाने में वक्त लगे।
- झपटमारी, डकैती, छापामारी या अन्य आपातकालीन स्थितियां।
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चेन पुलिंग ट्रेनों के देर होने का एक प्रमुख कारण है। इससे रेलवे को लाखों का नुकसान होता है। रेलवे एक्ट 1989 की धारा 141 के तहत चेन पुलिंग का उचित कारण न होने पर पकड़े जाने आरोपी पर अधिकतम एक हजार रुपये का जुर्माना या एक साल तक की कैद का प्रावधान है। नियमित ट्रेनों के संचालन के वक्त चेन पुलिंग की बढ़ती घटनाओं ने आरपीएफ की चिंता बढ़ा दी थी। प्रतिदिन मंडल में 15 से 20 घटनाएं चेन पुलिंग की हो रहीं थीं। सबसे ज्यादा दैनिक यात्री चेन पुलिंग करते थे। चूंकि, इसकी रिपोर्ट प्रतिदिन रेलवे बोर्ड तक भेजनी पड़ती है इस कारण आरपीएफ अफसर परेशान थे।
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कोरोना काल में जब ट्रेनों का दोबारा संचालन शुरू हुआ तो चेन पुलिंग की घटनाओं में एकदम कमी आ गई। प्रतिदिन 24 घंटे के दौरान दो या तीन ही घटनाएं सामने आ रही थीं। मगर अब ट्रेनों की संख्या बढ़ते ही चेन पुलिंग की घटनाएं बढ़ने लगीं हैं। इस संबंध में आरपीएफ कमांडेंट आलोक कुमार ने बताया कि ट्रेनों के अंदर बिना किसी युक्तसंगत कारण के चेन पुलिंग करना सामाजिक बुराई के साथ- साथ अपराध है। ऐसी घटनाएं न बढ़े, इसके लिए सुरक्षा एजेंसियां सतर्क रहतीं हैं।
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यह हैं उचित कारण
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- चलती ट्रेन से कोई गिर जाए।
- ट्रेन में कोई खराबी आ जाए।
- साथ का कोई ट्रेन में चढ़ न पाए।
- ट्रेन चल दे और सामान छूट जाए।
- अचानक किसी मुसाफिर की तबीयत बिगड़ जाए।
- ट्रेन में आग लग जाए।
- बुजुर्ग या दिव्यांग यात्री साथ हो और उन्हें ट्रेन में बैठाने में वक्त लगे।
- झपटमारी, डकैती, छापामारी या अन्य आपातकालीन स्थितियां।