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अब 6.5 सीजीपीए पाने वाले छात्र फर्स्ट डिवीजन
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झांसी। अब 6.5 सीजीपीए यानी औसत ग्रेड बिंदु पाने वाले छात्र फर्स्ट डिवीजन पास माने जाएंगे। इसके अलावा कैंपस में स्ववित्त पोषित योजना से होने वाली 80 फीसदी आय को एसएफएस शिक्षक, कर्मचारियों की सैलरी देने में खर्च किया जाएगा। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय की विद्या परिषद की बैठक में यह फैसला लिया गया है।
बीयू में कुलपति प्रो. जेवी वैशम्पायन की अध्यक्षता में बुधवार को हुई बैठक में कई अहम फैसलों पर मुहर लगी। एजूकेशनल ग्रेडिंग सिस्टम में अभी तक 7 सीजीपीए से ज्यादा लाने पर फर्स्ट डिवीजन माना जाता था। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय की विद्या परिषद ने अब 6.5 सीजीपीए लाने वाले विद्यार्थी को फर्स्ट डिवीजन घोषित करने का निर्णय ले लिया है। कई विश्वविद्यालयों में यही मानक लागू भी है। इसके अलावा आईटीएचएम विभाग में संचालित दो वर्षीय मास्टर ऑफ होटल मैनेजमेंट
(एमएचएम) कोर्स को बंद कर दिया है। जबकि, मैथमेटिक्स विभाग का एमसीए तीन की बजाए दो साल का कर दिया है। विभाग का नाम भी इंस्टीट्यूट ऑफ मैथमेटिक्स, स्टैटिक्स एंड कंप्यूटर एप्लीकेशन करने का फैसला हुआ है। बोर्ड ऑफ स्टडीज ने प्रस्ताव दिया था। खास बात ये है कि बीयू कैंपस के एसएफएस कोर्सों की आय का 80 फीसदी पैसा एसएफएस शिक्षक, कर्मचारियों पर खर्च करने के संबंध में परिनियम बनाने जा रहा है। इससे आगामी वर्षों में एसएफएस स्टाफ की सैलरी में बढ़ोतरी होने की संभावना है। अब तक शासनादेश के आधार पर यह भुगतान किया जाता रहा है लेकिन कई बार आय की 80 फीसदी से कम सैलरी देने के आरोप लगते रहे हैं। अब परिनियम बनने के बाद इसका ऑडिट कराकर भी देखा जाएगा कि वास्तविकता में 80 फीसदी पैसा सैलरी में दिया जा रहा है या नहीं।
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बीयू में कुलपति प्रो. जेवी वैशम्पायन की अध्यक्षता में बुधवार को हुई बैठक में कई अहम फैसलों पर मुहर लगी। एजूकेशनल ग्रेडिंग सिस्टम में अभी तक 7 सीजीपीए से ज्यादा लाने पर फर्स्ट डिवीजन माना जाता था। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय की विद्या परिषद ने अब 6.5 सीजीपीए लाने वाले विद्यार्थी को फर्स्ट डिवीजन घोषित करने का निर्णय ले लिया है। कई विश्वविद्यालयों में यही मानक लागू भी है। इसके अलावा आईटीएचएम विभाग में संचालित दो वर्षीय मास्टर ऑफ होटल मैनेजमेंट
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(एमएचएम) कोर्स को बंद कर दिया है। जबकि, मैथमेटिक्स विभाग का एमसीए तीन की बजाए दो साल का कर दिया है। विभाग का नाम भी इंस्टीट्यूट ऑफ मैथमेटिक्स, स्टैटिक्स एंड कंप्यूटर एप्लीकेशन करने का फैसला हुआ है। बोर्ड ऑफ स्टडीज ने प्रस्ताव दिया था। खास बात ये है कि बीयू कैंपस के एसएफएस कोर्सों की आय का 80 फीसदी पैसा एसएफएस शिक्षक, कर्मचारियों पर खर्च करने के संबंध में परिनियम बनाने जा रहा है। इससे आगामी वर्षों में एसएफएस स्टाफ की सैलरी में बढ़ोतरी होने की संभावना है। अब तक शासनादेश के आधार पर यह भुगतान किया जाता रहा है लेकिन कई बार आय की 80 फीसदी से कम सैलरी देने के आरोप लगते रहे हैं। अब परिनियम बनने के बाद इसका ऑडिट कराकर भी देखा जाएगा कि वास्तविकता में 80 फीसदी पैसा सैलरी में दिया जा रहा है या नहीं।
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