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Jhansi News: सेंट्रल आईसीयू बंद, गंभीर रोगी भर्ती करने की दिक्कत
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झांसी। मेडिकल कॉलेज के सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक की सेंट्रल आईसीयू बंद होने से गंभीर रोगियों को भर्ती करने में दिक्कत होने लगी है। वहीं, दूसरी तरफ पांच जिन के लिए प्लास्टिक सर्जरी और नेफ्रोलॉजी वार्ड को पुराने वार्ड की बिल्डिंग में शिफ्ट करने की तैयारी है। इससे रोगियों को भर्ती करने का और संकट खड़ा हो सकता है।
विगत दिनों फाॅल्स सीलिंग गिरने की वजह से काम पूरा होने तक वार्ड को बंद कर दिया है। जिससे गंभीर रोगियों को भर्ती करने का संकट हो गया है। न्यूरो सर्जरी विभाग के वार्ड में बेड खाली नहीं मिल रहे हैं। जिसकी वजह से कई रोगियों को दूसरे वार्डों में भर्ती किया जा रहा है। बताते चले अब बाहर से प्लास्टिक सर्जरी के लिए 85 बच्चे आ रहे हैं। जिसके चलते वार्ड नं. 3ए व 3बी (प्लास्टिक सर्जरी व नेफ्रोलॉजी) वार्डों के मरीजों को पुरानी बिल्डिंग में शिफ्ट किया जाएगा। इससे आने वाले समय में मेडिकल कॉलेज में खाली बेड के लिए दिक्कत झेलना तय है।
सीएमएस डॉ. सचिन माहुर का कहना है कि फाल्स सीलिंग का काम तीन दिन में पूरा होने की उम्मीद है। जिससे सेंट्रल आईसीयू चालू करवा दिया जाएगा। रही बात दो वार्डों के शिफ्ट होने की तो रोगियों के लिए बेड की कमी नहीं होने दी जाएगी।
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विगत दिनों फाॅल्स सीलिंग गिरने की वजह से काम पूरा होने तक वार्ड को बंद कर दिया है। जिससे गंभीर रोगियों को भर्ती करने का संकट हो गया है। न्यूरो सर्जरी विभाग के वार्ड में बेड खाली नहीं मिल रहे हैं। जिसकी वजह से कई रोगियों को दूसरे वार्डों में भर्ती किया जा रहा है। बताते चले अब बाहर से प्लास्टिक सर्जरी के लिए 85 बच्चे आ रहे हैं। जिसके चलते वार्ड नं. 3ए व 3बी (प्लास्टिक सर्जरी व नेफ्रोलॉजी) वार्डों के मरीजों को पुरानी बिल्डिंग में शिफ्ट किया जाएगा। इससे आने वाले समय में मेडिकल कॉलेज में खाली बेड के लिए दिक्कत झेलना तय है।
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सीएमएस डॉ. सचिन माहुर का कहना है कि फाल्स सीलिंग का काम तीन दिन में पूरा होने की उम्मीद है। जिससे सेंट्रल आईसीयू चालू करवा दिया जाएगा। रही बात दो वार्डों के शिफ्ट होने की तो रोगियों के लिए बेड की कमी नहीं होने दी जाएगी।
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