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Jhansi News: बुंदेलखंड में निर्यात को रफ्तार देने के लिए जुटेंगे विशेषज्ञ, होगा मंथन
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झांसी। निर्यात के मामले में झांसी के कदम लगातार आगे बढ़ रहे हैं। इसे और रफ्तार देने के लिए अब यहां ‘बुंदेलखंड एग्री-एक्सपोर्ट प्रमोटिंग समिट’ का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें विशेषज्ञ स्थानीय खाद्य उत्पादों की दुनिया के दूसरे मुल्कों में जगह बनाने के तरीके बताएंगे। उत्पादों की पैकिंग से लेकर मार्केटिंग तक पर मंथन होगा।
कृषि एवं प्रसंस्करण खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा), सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग (एमएसएमई) और रानी लक्ष्मीबाई केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय की ओर से दो दिवसीय समिट का आयोजन 28 व 29 जनवरी को किले की तलहटी में स्थित पं. दीनदयाल उपाध्याय सभागार में होगा। आयोजन में केंद्रीय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम राज्यमंत्री भानु प्रताप वर्मा शिरकत करेंगे। उनके साथ एमएसएमई विभाग व एडीपा के अफसर व विशेषज्ञ भी शामिल होंगे। इसके अलावा एक्सपोर्ट करने वाली देश की नामचीन कंपनियों के प्रतिनिधि भी समिट में हिस्सा लेंगे।
सभी का जोर झांसी और बुंदेलखंड से खाद्य उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देने पर होगा। इसके लिए विशेषज्ञ उत्पादों की पैकिंग, प्रोसेसिंग, मार्केटिंग की बारीकियां बताएंगे। आयोजन में एफपीओ के जरिये किसानों व निर्यात में रुचि रखने वालों को भी शामिल किया जाएगा।
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समिट का ये बनेंगे हिस्सा
झांसी। बुंदेलखंड एग्री-एक्सपोर्ट प्रमोटिंग समिट में मुख्य रुप से एमएसएमई डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट के डायरेक्टर वीके वर्मा, एपीडा के जनरल मैनेजर विनोद कुमार विद्यार्थी, कृषि विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव देवेश चतुर्वेदी, एपीसी मनोज कुमार सिंह, झांसी और चित्रकूट मंडल के कमिश्नर आदि समेत निर्यात से जुड़ीं कंपनियों के प्रतिनिधि शामिल होंगे।
झांसी और बुंदेलखंड से खाद्य उत्पाद के निर्यात की असीम संभावनाएं हैं। इन्हें अवसर में बदलने के लिए समिट का आयोजन किया जा रहा है। निर्यात बढ़ने से रोजगार के अवसर तो बढ़ेंगे ही, साथ किसानों को भी बहुत लाभ होगा। - प्रो. एके सिंह, कुलपति - रानी लक्ष्मीबाई केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय
स्थानीय खाद्य उत्पादों के निर्यात की दिशा में बुंदेलखंड एग्री-एक्सपोर्ट प्रमोटिंग समिट भविष्य में मील का पत्थर साबित होगी। इस शुरुआत का भविष्य में यहां के लोगों को बड़ा लाभ हासिल होगा। यहां के कई उत्पाद ऐसे हैं, जो दुनिया में अपनी अलग पहचान बना सकते हैं। - मनीष चौधरी, उपायुक्त उद्योग
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कृषि एवं प्रसंस्करण खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा), सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग (एमएसएमई) और रानी लक्ष्मीबाई केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय की ओर से दो दिवसीय समिट का आयोजन 28 व 29 जनवरी को किले की तलहटी में स्थित पं. दीनदयाल उपाध्याय सभागार में होगा। आयोजन में केंद्रीय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम राज्यमंत्री भानु प्रताप वर्मा शिरकत करेंगे। उनके साथ एमएसएमई विभाग व एडीपा के अफसर व विशेषज्ञ भी शामिल होंगे। इसके अलावा एक्सपोर्ट करने वाली देश की नामचीन कंपनियों के प्रतिनिधि भी समिट में हिस्सा लेंगे।
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सभी का जोर झांसी और बुंदेलखंड से खाद्य उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देने पर होगा। इसके लिए विशेषज्ञ उत्पादों की पैकिंग, प्रोसेसिंग, मार्केटिंग की बारीकियां बताएंगे। आयोजन में एफपीओ के जरिये किसानों व निर्यात में रुचि रखने वालों को भी शामिल किया जाएगा।
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समिट का ये बनेंगे हिस्सा
झांसी। बुंदेलखंड एग्री-एक्सपोर्ट प्रमोटिंग समिट में मुख्य रुप से एमएसएमई डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट के डायरेक्टर वीके वर्मा, एपीडा के जनरल मैनेजर विनोद कुमार विद्यार्थी, कृषि विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव देवेश चतुर्वेदी, एपीसी मनोज कुमार सिंह, झांसी और चित्रकूट मंडल के कमिश्नर आदि समेत निर्यात से जुड़ीं कंपनियों के प्रतिनिधि शामिल होंगे।
झांसी और बुंदेलखंड से खाद्य उत्पाद के निर्यात की असीम संभावनाएं हैं। इन्हें अवसर में बदलने के लिए समिट का आयोजन किया जा रहा है। निर्यात बढ़ने से रोजगार के अवसर तो बढ़ेंगे ही, साथ किसानों को भी बहुत लाभ होगा। - प्रो. एके सिंह, कुलपति - रानी लक्ष्मीबाई केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय
स्थानीय खाद्य उत्पादों के निर्यात की दिशा में बुंदेलखंड एग्री-एक्सपोर्ट प्रमोटिंग समिट भविष्य में मील का पत्थर साबित होगी। इस शुरुआत का भविष्य में यहां के लोगों को बड़ा लाभ हासिल होगा। यहां के कई उत्पाद ऐसे हैं, जो दुनिया में अपनी अलग पहचान बना सकते हैं। - मनीष चौधरी, उपायुक्त उद्योग