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बुंदेलखंड विश्वविद्यालय दीक्षांत समारोह: कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने कहा- स्वरोजगार अपनाएं युवा, कई बना चुके इतिहास

Tue, 11 Jan 2022 02:29 PM IST
प्रशांत कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, झांसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, झांसी Published by: प्रशांत कुमार Updated Tue, 11 Jan 2022 02:29 PM IST
सार

नीति आयोग के सदस्य डॉ. वीके सारस्वत ने कहा कि ज्ञान वह नींव है, जिस पर भारत को निर्माण और विकास करने की जरूरत है। भारत के सामने सबसे बड़ी चुनौती है विकासशील से विकसित देश बनना।

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Bundelkhand University Convocation Ceremony: Chancellor Anandiben Patel said - youth should adopt self-employment, many have made history
बुंदेलखंड विश्वविद्यालय - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने कहा कि उद्यमिता और नवाचार के जरिए युवा स्वरोजगार को अपनाने की तरफ बढ़ें। हमारा लक्ष्य सिर्फ सरकारी नौकरी पाना ही नहीं होना चाहिए। आज कई स्टार्ट अप के जरिए युवाओं ने सफलता का नया इतिहास सृजित किया है।

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कुलाधिपति ने कहा कि राष्ट्र के निर्माण में विश्वविद्यालय योगदान दे रहे हैं। विश्वविद्यालयों को समय के साथ सामाजिक, व्यवहारिक क्षेत्र में अनुसंधान करते हुए अपडेट रहना चाहिए। शिक्षा की सार्थकता तभी है, जब विद्यार्थी कुछ न कुछ नया सीखते रहें। शिक्षा किस विषय में प्राप्त की गई ये महत्वपूर्ण नहीं है। अहम ये है कि हम अपने लक्ष्य को स्पष्ट रखते हुए कठिन परिश्रम और सकारात्मक सोच के साथ सफलता पाएं। वर्तमान में भारत में युवाओं की संख्या विश्व में सबसे ज्यादा है।

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उन्होंने कहा कि पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम का मानना था कि युवा शक्ति को अगर शिक्षा से सशक्त बनाया जाए तो निश्चित ही भारत वैश्विक स्तर पर अग्रणी राष्ट्र होगा।  खनिज संसाधनों से अधिक महत्वपूर्ण है मानव संसाधन। उच्च शिक्षा और उचित प्रबंधन के जरिए मानव संसाधन उपयोगी बनाया जा सकता है। हमें चिंतनशील वैश्विक संवेदना के जरिए नालंदा, तक्षशिला आदि ज्ञान के विश्वविद्यालयों को पुनर्स्थापित करने की जरूरत है। इसमें प्रबुद्ध वर्ग, शिक्षकों, वैज्ञानिकों को महत्वपूर्ण भूमिका निभानी होगी।

कुलपति प्रो. मुकेश पांडेय ने प्रगति आख्या प्रस्तुत करते हुए कहा कि बीयू में संचालित सभी कोर्स अपनी समकालीन उपादेयता के साथ-साथ छात्रों में एक रोजगारपरक दक्षता भी पैदा कर रहे हैं। बीयू नैक मूल्यांकन के लिए तैयार है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुसार बीयू में च्वाइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम, सॉफ्ट स्किल, क्रिएटिव थिंकिंग, क्रिएटिव स्किल डेवलपमेंट आदि पाठ्यक्रम का हिस्सा बन रहे हैं। संचालन डॉ. अचला पांडेय, प्रो. अर्चना वर्मा ने किया।

समारोह में मेयर रामतीर्थ सिंघल, कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अरविंद कुमार, कुलसचिव विनय सिंह, परीक्षा नियंत्रक राजबहादुर, प्रो. अपर्णा राज, प्रो. एसपी सिंह, प्रो. एमएम सिंह, प्रो. सुनील काबिया, प्रो. प्रतीक अग्रवाल, प्रो. आरके सैनी, डॉ. डीके भट्ट, डॉ. सौरभ श्रीवास्तव, डॉ. सुनील त्रिवेदी, डॉ. संतोष पांडेय, प्राचार्य डॉ. बीबी त्रिपाठी, डॉ. एसके राय, डॉ. एलसी साहू, डॉ. मुन्ना तिवारी, डॉ. श्वेता पांडेय, डॉ. यशोधरा शर्मा, डॉ. मो. नईम, डॉ. कुमार यशवंत, अनिल बोहरे, विवेक अग्रवाल, अतुल खरे मौजूद रहे।

रानी ने अंग्रेजों को कराया देश की सशक्त नारी के साहस का अहसास 

कुलाधिपति ने रानी लक्ष्मीबाई, वीरांगना झलकारी बाई, बुंदेलों, आल्हा-उदल आदि को श्रद्धांजलि अर्पित की। साथ ही पूर्व पीएम लाल बहादुर शास्त्री की पुण्यतिथि पर श्रद्धासुमन अर्पित किए। झांसी की रानी के पराक्रम, शौर्य और निर्भीकता का जिक्र करते हुए बोलीं कि दो सौ साल पहले अंग्रेजों को भारत की सशक्त नारी के साहस, आत्मबल से परिचय कराया। उनका जीवन आज सभी नारी शक्ति के लिए प्रेरण स्त्रोत है। 

कोरोना से बचें, युवा करें मताधिकार का प्रयोग 

कुलाधिपति ने अपने संबोधन के दौरान कोरोना से बचाव के लिए कोविड प्रोटोकॉल का शत-प्रतिशत पालन करने की बात कही। साथ ही कहा कि विधानसभा चुनाव की वोटिंग की तिथियां तय हो गई हैं। ऐसे में 18 साल से ऊपर के सभी युवा अपने मताधिकार का प्रयोग करें। दूसरों को भी प्रेरित और जागरूक करें। 

139 को पदक, 59,145 को मिलीं उपाधियां 

समारोह में कुलाधिपति और विन्यासीकृत को मिलाकर 139 पदक बांटे गए। जबकि, 102 छात्र-छात्राओं को शोध उपाधियां दी गईं। 59,145 छात्र-छात्राओं को उपाधियां दी गईं। राजकीय महिला महाविद्यालय की छात्राएं आरती कुमारी, रूपिका रायकवार और सबीहा को कुलाधिपति स्वर्ण पदक मिला। जबकि, उदित बक्शी, वंदना कुमारी, स्पर्श गुप्ता, शिवांगी धुरिया, रविंद्र कुमार, पायल चौधरी, निदा सिद्दीकी, स्वाति बर्मन, निकिता सक्सेना को कुलाधिपति रजत, रोशनी सिंह, आदित्य प्रताप, श्रेया रावत, साक्षी चौधरी, लोकेश कुमार, सौम्या तिवारी, शरद यादव, अर्चना देवी, अंकिता प्रजापति, अर्चना सिंह, कीर्ति राजपूत, विष्णु कुमार, साक्षी अग्रवाल, शिवानी गुप्ता, सना परवीन, शुभम मोदी, शैलजा वाजपेयी, राधा साहू, अक्षय यादव, जुलफा नसीर को कुलाधिपति कांस्य पदक मिला।

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