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बुंदेलखंड को दलहन, तिलहन का हब बनाने पर होगा मंथन
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bundelkhand to became make a hub of pulse
बुंदेलखंड को दलहन, तिलहन का हब बनाने पर होगा मंथन
झांसी। रानी लक्ष्मीबाई केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय में शुक्रवार को सतत उत्पादन प्रणाली, किसानों की आय दोगुनी करने तथा पोषण सुरक्षा के लिए दलहन विषय पर राष्ट्रीय कार्यशाला होगी। इसमें केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर समेत कृषि क्षेत्र से जुड़े कई दिग्गज शिरकत करेंगे। कार्यशाला के जरिये बुंदेलखंड को दलहन, तिलहन के हब के रूप में विकसित करने पर मंथन होगा। बृहस्पतिवार को पत्रकारों से बात करते हुए यह जानकारी कुलपति डॉ. अरविंद कुमार ने दी है।
कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति ने बताया कि कृषि विश्वविद्यालय किसानों की आय बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। किसानों को उन्नत किस्म के बीज उपलब्ध कराए जा रहे हैं। मौजूदा समय में 183 क्विंटल चना, 150 क्विंटल मटर, 30 क्विंटल मशहूर का उन्नत बीज उपलब्ध हैं। बुंदेलखंड को दलहन, तिलहन व मोटे अनाज का सीड हब बनाने के लिए सरकार की तरफ से साढ़े तीन करोड़ रुपये मिले हैं। इसी क्रम में शुक्रवार को सुबह साढ़े दस बजे से कृषि विश्वविद्यालय राष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन कर रहा है।
कार्यशाला में केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, कृषि शिक्षा एवं अनुसंधान विभाग के डॉ. त्रिलोचन महापात्रा, विश्वविद्यालय के कुलाधिपति डॉ. पंजाब सिंह, ग्वालियर विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. एसके राओ, पूर्व कुलपति डॉ. वीएस तोमर आदि किसानों की आय बढ़ाने पर चर्चा करेंगे। साथ ही अहम जानकारियां भी देंगे। दलहन विकास निदेशालय, भोपाल के निदेशक डॉ. एके तिवारी ने कहा कि पहली बार झांसी में इतने बड़े स्तर का कार्यक्रम आयोजित हो रहा है। इसमें पोषण सुरक्षा, टिकाऊ खेती और इसकी पद्धति की जानकारी दी जाएगी। इस दौरान डीन एग्रीकल्चर डॉ. एसके चतुर्वेदी, डॉ. आरके शिवहरे व विपिन कुमार मौजूद रहे।
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झांसी। रानी लक्ष्मीबाई केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय में शुक्रवार को सतत उत्पादन प्रणाली, किसानों की आय दोगुनी करने तथा पोषण सुरक्षा के लिए दलहन विषय पर राष्ट्रीय कार्यशाला होगी। इसमें केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर समेत कृषि क्षेत्र से जुड़े कई दिग्गज शिरकत करेंगे। कार्यशाला के जरिये बुंदेलखंड को दलहन, तिलहन के हब के रूप में विकसित करने पर मंथन होगा। बृहस्पतिवार को पत्रकारों से बात करते हुए यह जानकारी कुलपति डॉ. अरविंद कुमार ने दी है।
कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति ने बताया कि कृषि विश्वविद्यालय किसानों की आय बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। किसानों को उन्नत किस्म के बीज उपलब्ध कराए जा रहे हैं। मौजूदा समय में 183 क्विंटल चना, 150 क्विंटल मटर, 30 क्विंटल मशहूर का उन्नत बीज उपलब्ध हैं। बुंदेलखंड को दलहन, तिलहन व मोटे अनाज का सीड हब बनाने के लिए सरकार की तरफ से साढ़े तीन करोड़ रुपये मिले हैं। इसी क्रम में शुक्रवार को सुबह साढ़े दस बजे से कृषि विश्वविद्यालय राष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन कर रहा है।
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कार्यशाला में केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, कृषि शिक्षा एवं अनुसंधान विभाग के डॉ. त्रिलोचन महापात्रा, विश्वविद्यालय के कुलाधिपति डॉ. पंजाब सिंह, ग्वालियर विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. एसके राओ, पूर्व कुलपति डॉ. वीएस तोमर आदि किसानों की आय बढ़ाने पर चर्चा करेंगे। साथ ही अहम जानकारियां भी देंगे। दलहन विकास निदेशालय, भोपाल के निदेशक डॉ. एके तिवारी ने कहा कि पहली बार झांसी में इतने बड़े स्तर का कार्यक्रम आयोजित हो रहा है। इसमें पोषण सुरक्षा, टिकाऊ खेती और इसकी पद्धति की जानकारी दी जाएगी। इस दौरान डीन एग्रीकल्चर डॉ. एसके चतुर्वेदी, डॉ. आरके शिवहरे व विपिन कुमार मौजूद रहे।
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