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बुंदेलखंड में 33 फीसदी से कम हो आपदा का मानक
Jhansi
Updated Tue, 27 Feb 2018 01:40 AM IST
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ddisasteradi
- फोटो : demo
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भाजपा विधायक जवाहर लाल राजपूत ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से बुंदेलखंड में आपदा के मानक को 33 फीसदी से कम करने की मांग की है। साथ ही कहा कि अनावृष्टि से नष्ट हुई फसल और सूखे के चलते खाली पड़े खेतों का प्लाट टू प्लाट सर्वे कराकर किसानों को मुआवजा दिया जाए।
मुख्यमंत्री को दिए पत्र में गरौठा विधायक ने कहा कि झांसी में किसानों ने खरीफ फसल में तिल, मूंग, उर्द, मक्का, सोयाबीन, मूंगफली, धान की खेती की लेकिन पर्याप्त बारिश नहीं होने से 50 प्रतिशत से अधिक फसलें पानी के अभाव में सूखकर बर्बाद हो गई हैं। पानी के अभाव में रबी फसल की बुवाई कर पाना संभव नहीं हो पा रहा हे। हजारों एकड़ खेत खाली पड़े हैं। किसानों को अपने खेतों की सिंचाई के लिए नहर और ट्यूबवेल से भी पानी नहीं मिल पा रहा है। जलस्तर गिरने से हैंडपंप भी पानी देना बंद कर दिए हैं। गांवों में पीने के पानी का भी संकट है। जिले में टहरौली, मऊरानीपुर, बंगरा, बबीना के ग्रामीण क्षेत्रों के अलावा गरौठा तहसील में कुरैठा, डुणी, कुडरी, गोकुल पारा, खमा, रियां, मलेटा, ढर्रो, वरमाईन, देवरी, ककरबई, घनौरा, सियाखरका एहरौरा, दखनेश्वर, गढ़वई, जखौरा, लखावती, सोनकपुरा एवनी, परसुआ गांवों में स्थिति सबसे खराब है। किसानों के पास जीविकोपार्जन का एक मात्र साधन रबी फसल ही बची है, जिसकी सिंचाई के अभाव में बुवाई नहीं हो पा रही है। ऐसे में हजारों एकड़ उपजाऊ भूमि खाली है। मुख्यमंत्री से मांग की कि किसानों के खेतों का प्लाट टू प्लाट सर्वे कराकर सूखे का मुआवजा और प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ दिलाया जाए। साथ ही बुंदेलखंड में आपदा के मानक को 33 फीसदी से कम किया जाए।
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मुख्यमंत्री को दिए पत्र में गरौठा विधायक ने कहा कि झांसी में किसानों ने खरीफ फसल में तिल, मूंग, उर्द, मक्का, सोयाबीन, मूंगफली, धान की खेती की लेकिन पर्याप्त बारिश नहीं होने से 50 प्रतिशत से अधिक फसलें पानी के अभाव में सूखकर बर्बाद हो गई हैं। पानी के अभाव में रबी फसल की बुवाई कर पाना संभव नहीं हो पा रहा हे। हजारों एकड़ खेत खाली पड़े हैं। किसानों को अपने खेतों की सिंचाई के लिए नहर और ट्यूबवेल से भी पानी नहीं मिल पा रहा है। जलस्तर गिरने से हैंडपंप भी पानी देना बंद कर दिए हैं। गांवों में पीने के पानी का भी संकट है। जिले में टहरौली, मऊरानीपुर, बंगरा, बबीना के ग्रामीण क्षेत्रों के अलावा गरौठा तहसील में कुरैठा, डुणी, कुडरी, गोकुल पारा, खमा, रियां, मलेटा, ढर्रो, वरमाईन, देवरी, ककरबई, घनौरा, सियाखरका एहरौरा, दखनेश्वर, गढ़वई, जखौरा, लखावती, सोनकपुरा एवनी, परसुआ गांवों में स्थिति सबसे खराब है। किसानों के पास जीविकोपार्जन का एक मात्र साधन रबी फसल ही बची है, जिसकी सिंचाई के अभाव में बुवाई नहीं हो पा रही है। ऐसे में हजारों एकड़ उपजाऊ भूमि खाली है। मुख्यमंत्री से मांग की कि किसानों के खेतों का प्लाट टू प्लाट सर्वे कराकर सूखे का मुआवजा और प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ दिलाया जाए। साथ ही बुंदेलखंड में आपदा के मानक को 33 फीसदी से कम किया जाए।
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