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ईडब्ल्यूएस भवन बनाने को राजी नहीं बिल्डर, जेडीए ने थमाई नोटिस
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झांसी। निम्न आय वर्ग के लोगों को आवासीय सहूलियत मुहैया कराने के लिए निजी विकासकर्ताओं को ईडब्ल्यूएस (आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग) के लिए भवन निर्माण कराना था लेकिन, बिल्डर इसमें दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं। काफी समय बीत जाने के बावजूद बिल्डर अपनी कॉलोनियों में ऐसे फ्लैट्स नहीं बनवा रहे हैं। अब जेडीए ने ऐसे बिल्डरों को नोटिस थमाई है। उनको जल्द यह काम शुरू कराने को कहा गया है।
हाईटेक एवं इंटीग्रेटेड टाउनशिप के तहत सरकार ने बिल्डरों को कुल फ्लैट का दस फीसदी ईडब्ल्यूएस श्रेणी के आवास बनाने को कहा है। चार हजार वर्गमीटर से अधिक क्षेत्रफल में बनने वाली कॉलोनियों में अनिवार्य तौर पर इनको बनाया जाना है लेकिन, बिल्डर इसका पालन करने को राजी नहीं। जिन कॉलोनियों में काम पूरा हो गया वहां भी जिस अनुपात एवं स्पीड में यह भवन बनाए जाने चाहिए थे, वह नहीं बनाए गए। अब जेडीए प्रशासन ने ऐसे बिल्डरों को चिंह्ति करना शुरू किया है।
जेडीए ने ग्वालियर बाईपास पर ईस्ट वैली के शैलेंद्र कुमार, मैरी में अशोक इंफ्रा, संस्कार वैली जैसे बड़े कॉलोनियों को नोटिस जारी करते हुए अब तक पिछड़ने की वजह पूछी गई है। वहीं, शासन का साफ निर्देश हैं कि प्राधिकरण से कंपलीट सर्टिफिकेट तभी जारी किया जा सकेगा जब वहां ईडब्ल्यूएस के टॉरगेट पूरे कर लिए जाएं।
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इसके बावजूद बिल्डर कॉलोनियों के भीतर इनको बनाने को राजी नहीं हैं। इन सभी को शासन के निर्देश के मुताबिक काम शुरू कराने को कहा गया है। कई बिल्डर शेल्टर फीस की आड़ में इससे बचने की भी कोशिश में जुटे हैं। जेडीए वीसी सर्वेश दीक्षित का कहना है कि जिन्होंने निर्धारित संख्या के मुताबिक भवन नहीं बनवाए, ऐसे बिल्डर चिंह्ति किए जा रहे हैं। इन सभी को नोटिस भेजी जा रही है। शासन के निर्देश के मुताबिक ईडब्ल्यूएस भवन बनवाने होंगे।
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हाईटेक एवं इंटीग्रेटेड टाउनशिप के तहत सरकार ने बिल्डरों को कुल फ्लैट का दस फीसदी ईडब्ल्यूएस श्रेणी के आवास बनाने को कहा है। चार हजार वर्गमीटर से अधिक क्षेत्रफल में बनने वाली कॉलोनियों में अनिवार्य तौर पर इनको बनाया जाना है लेकिन, बिल्डर इसका पालन करने को राजी नहीं। जिन कॉलोनियों में काम पूरा हो गया वहां भी जिस अनुपात एवं स्पीड में यह भवन बनाए जाने चाहिए थे, वह नहीं बनाए गए। अब जेडीए प्रशासन ने ऐसे बिल्डरों को चिंह्ति करना शुरू किया है।
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जेडीए ने ग्वालियर बाईपास पर ईस्ट वैली के शैलेंद्र कुमार, मैरी में अशोक इंफ्रा, संस्कार वैली जैसे बड़े कॉलोनियों को नोटिस जारी करते हुए अब तक पिछड़ने की वजह पूछी गई है। वहीं, शासन का साफ निर्देश हैं कि प्राधिकरण से कंपलीट सर्टिफिकेट तभी जारी किया जा सकेगा जब वहां ईडब्ल्यूएस के टॉरगेट पूरे कर लिए जाएं।
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इसके बावजूद बिल्डर कॉलोनियों के भीतर इनको बनाने को राजी नहीं हैं। इन सभी को शासन के निर्देश के मुताबिक काम शुरू कराने को कहा गया है। कई बिल्डर शेल्टर फीस की आड़ में इससे बचने की भी कोशिश में जुटे हैं। जेडीए वीसी सर्वेश दीक्षित का कहना है कि जिन्होंने निर्धारित संख्या के मुताबिक भवन नहीं बनवाए, ऐसे बिल्डर चिंह्ति किए जा रहे हैं। इन सभी को नोटिस भेजी जा रही है। शासन के निर्देश के मुताबिक ईडब्ल्यूएस भवन बनवाने होंगे।