फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jhansi News ›   Budget not available for babina canal

साल भर से नहीं मिला बबीना नहर को बजट

Wed, 08 Mar 2017 12:57 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Updated Wed, 08 Mar 2017 12:57 AM IST
विज्ञापन
Budget not available for  babina canal
साल भर से नहीं मिला बबीना नहर को बजट - फोटो : demo
बबीना क्षेत्र की बंजर भूमि को सिंचित करने के लिए बनाई गई नहर प्रणाली योजना का काम बजट न मिलने से एक साल से बंद चल रहा है। इससे योजना का बजट तो बढ़ता ही जा रहा है, किसानों का इंतजार भी खत्म नहीं हो रहा है। 
विज्ञापन

बबीना नहर प्रणाली को पूर्ण करने के लिए 24 सितंबर 2014 को बुंदेलखंड पैकेज के तहत 187.06 करोड़ की योजना को स्वीकृति दी गई थी। हालांकि, बीच में कुछ गांव कम होने पर योजना 178 करोड़ पर पहुंच गई थी। योजना को पूरा करने का टेंडर हैदराबाद की कंपनी श्री अवंतिका कांट्रेक्टर को दिया गया। अभी तक राज्य सरकार अपने हिस्से के 21.68 करोड़ रुपये दे चुकी है, जिसमें आवश्यक 161 हेक्टेयर जमीन के सापेक्ष किसानों की 37 हेक्टेयर जमीन खरीदी जा चुकी है। साथ ही खुदाई का काम शुरू हो गया। 
विज्ञापन

चूंकि, केंद्र सरकार ने इस बार बुंदेलखंड पैकेज की किसी भी योजना को बजट नहीं दिया था। इस कारण कार्य आगे नहीं बढ़ सका। इस बीच केंद्र सरकार की नई नीति के तहत किसानों की भूमि अधिग्रहण करने के रेट चार गुना कर दिए। इस कारण सिंचाई विभाग को संशोधित योजना तैयार करनी पड़ी। पिछले साल  यह योजना 236 करोड़ पर पहुंच गई थी, लेकिन बजट न मिलने से काम ठंडे बस्ते पड़ा हुआ है
विज्ञापन
विज्ञापन

इस संबंध में सिंचाई विभाग के मुख्य अभियंता (परियोजना) विनय श्रीवास्तव ने बताया कि संशोधित योजना को राज्य योजना आयोग ने मंजूरी दी है। योजना का बाकी बजट अब नाबार्ड से मांगा गया है। चुनाव बाद नाबार्ड से बजट मिलते ही कार्य को गति मिल जाएगी।


इन गांवों को मिलेगा लाभ
बबीना ब्लाक में सिंचाई हेतु कोई नहर नहीं है। जमीन ऊंची-नीची है। यहां नलकूप भी सफल नहीं हैं। बबीना ब्लाक के नौहरा, बड़ौरा, बघौरा, बैदोरा, घिसौली, बबीना, पुरा, पृथ्वीपुरा नया खेरा, सुकुवां, सिमिरिया, लहर ठकुरपुरा, रसीना, मानपुरा, कोटी व सैकर ग्रामों की 4400 हेक्टेअर भूमि को सिंचित करने के लिए योजना को स्वीकृति दी गई है। इस योजना से तीन हजार किसान लाभान्वित होंगे। योजना के तहत 161 हेक्टेयर भूमि की आवश्यकता है, जिसमें सात सौ काश्तकारों की जमीन आ रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed